डोटासरा-जूली पहुंचे DGP के पास: निकाय चुनाव में पुलिस की भूमिका की जांच की मांग; पंचायत चुनाव पर चेतावनी
निकाय चुनाव में पुलिस की भूमिका पर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। डोटासरा-जूली ने डीजीपी को ज्ञापन देकर जांच की मांग की और पंचायत चुनाव में निष्पक्षता की अपील की।
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स्थानीय निकाय चुनाव में पुलिस की कथित भूमिका को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर हमला तेज कर दिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सोमवार को पुलिस महानिदेशक राजीव शर्मा से मुलाकात कर पुलिस अधिकारियों की भूमिका की जांच और कार्रवाई की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने पंचायत चुनाव में पुलिस को निष्पक्ष होकर काम करने की मांग भी रखी। डीजीपी ने उचित कार्रवाई का भरोसा दिया।
डीजीपी से मुलाकात के बाद डोटासरा ने कहा कि निकाय चुनाव में पुलिस की भूमिका से जुड़े मामलों के सबूतों के साथ ज्ञापन दिया गया है। उन्होंने कहा कि हर मामले पर डीजीपी से चर्चा की गई है। डोटासरा ने चेतावनी दी कि निकाय चुनाव जैसा रवैया पंचायत चुनाव में भी रहा तो स्थिति गंभीर हो सकती है और इसकी जिम्मेदारी पुलिस महानिदेशक की होगी।
डोटासरा ने आरोप लगाया कि निकाय चुनाव के दौरान सरकार ने पुलिस का इस्तेमाल कर पार्षदों को डराने और दबाव बनाने का काम किया। उन्होंने कहा कि कई जगह पुलिस अधिकारियों के जरिए पार्षदों की बाड़ेबंदी तक की गई। उनका आरोप था कि मुख्यमंत्री कार्यालय में बैठे अधिकारी पूरे घटनाक्रम की मॉनिटरिंग कर रहे थे और बाहर से आए भाजपा नेताओं ने प्रशासन पर दबाव बनाया।
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खाटूश्यामजी में अधिकारियों के तबादले का आरोप
डोटासरा ने हाल में हुए कुछ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के तबादलों को भी निकाय चुनाव से जोड़ते हुए सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि खाटूश्यामजी में एसपी, डीएसपी, एसडीएम और सीआई तक को इसलिए बदल दिया गया, क्योंकि उन्होंने भाजपा के दबाव में काम नहीं किया।
उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव को लेकर भी संभावित प्रत्याशियों को डराने-धमकाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। आरोप है कि दावेदारों को चुनाव लड़ने पर परिणाम भुगतने की धमकी दी जा रही है। किसी के परिवार में सरकारी कर्मचारी होने पर तबादले और व्यापारी होने पर कारोबार को नुकसान पहुंचाने की धमकी देने का भी डोटासरा ने आरोप लगाया।
'पंचायत चुनाव में भाजपा का सूपड़ा साफ होगा'
डोटासरा ने दावा किया कि पंचायत चुनाव में भाजपा को जनता के आक्रोश का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि निकाय चुनाव में सरकार के रवैये को पूरे प्रदेश ने देखा है और जनता इसका जवाब देने के लिए तैयार है।
चार चरणों में होने वाले पंचायत चुनाव को लेकर डोटासरा ने चुनाव कार्यक्रम पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि संभव है कि सरकार की सलाह पर ऐसा कार्यक्रम बनाया गया हो, जिससे चुनाव में गड़बड़ी का मौका मिले। हालांकि उन्होंने कहा कि कांग्रेस अब ऐसी किसी कोशिश को सफल नहीं होने देगी।
डोटासरा ने कहा कि लोकतंत्र में जनता सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार भी जनता के वोट से बनी है और अगले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की सरकार भी जनता ही बनाएगी।
जूली बोले- पुलिस को पार्षद पकड़ने का काम दिया गया
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने आरोप लगाया कि निकाय चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था संभालने वाली पुलिस को पार्षदों को पकड़ने और दबाव बनाने के काम में लगा दिया गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने इस संबंध में डीजीपी को सबूतों के साथ शिकायत दी है।
जूली ने कहा कि पुलिस की वर्दी पर इस तरह सवाल उठना गंभीर मामला है। पुलिस कभी पार्षदों को पकड़ने की मशीन नहीं रही, लेकिन निकाय चुनाव में उसे जिस तरह इस्तेमाल किया गया, उससे पूरे प्रदेश में पुलिस की छवि प्रभावित हुई है।
उन्होंने कहा कि पुलिस का काम कानून-व्यवस्था बनाए रखना है, न कि राजनीतिक गतिविधियों का हिस्सा बनना। कांग्रेस ने डीजीपी से संबंधित अधिकारियों की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की है।