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Rajasthan: भू-समाधि पर बैठे हिंदू समाज के 51 लोग, कहा- विशेष समुदाय को फायदा पहुंचा रही गहलोत सरकार
Fri, 08 Jul 2022 01:46 PM IST
उदित दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भरतपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भरतपुर
Published by: उदित दीक्षित
Updated Fri, 08 Jul 2022 01:46 PM IST
सार
आंदोलनकारियों का कहना है कि परिसीमन किसी भी हालत में नहीं होने देंगे। इसके लिए चाहे कितना भी बड़ा अंदोलन क्यों न करना पड़े।
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परिसीमन के विरोध में किया जा रहा है आंदोलन।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजस्थान के भरतपुर की डीग तहसील में गहलोत सरकार के खिलाफ अनोखा विरोध प्रदर्शन हो रहा है। यहां हिंदू समाज के लोग 51 गड्ढों में भू समाधि पर बैठे हुए हैं। उनका आरोप है कि प्रदेश की गहलोत सरकार मुस्लिम समाज को विशेष लाभ दे रही है। उनका कहना है कि जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं होंगी तब तक आंदोलन जारी रहेगा। सरकार ने मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया तो रेलवे ट्रैक भी जाम करेंगे। डीग तहसील में भरतपुर-अलवर राजमार्ग के पास ग्रामीणों का आंदोलन पिछले 16 दिनों से जारी है। इससे पहले उन्होंने राजमार्ग पर जाम भी लगाया था। बुधवार से 51 ग्रामीणों भू समाधि ले ली है।
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जानें क्या है मामला?
प्रदेश सरकार डीग पंचायत समिति की 9 ग्राम पंचायतों का परिसीमन कर सीकरी और नगर पंचायत समिति से जोड़ रही है, लेकिन ग्रामीण इसका विरोध करते हुए 16 दिन से आंदोलन कर रहे हैं। अब ग्रामीणों ने भू समाधि शुरू कर दी है। इसके लिए ग्रामीणों ने 51 गड्ढे खोदे हैं, जिनमें दिन और रात अलग-अलग लोग बैठते हैं। ग्रामीणों ने 29 जून को अलवर-भरतपुर मार्ग जाम कर आंदोलन की शुरुआत की थी।
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इसलिए किया जा रहा आंदोलन
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश प्रवक्ता नेम सिंह ने बताया, डीग पंचायत समिति की 9 ग्राम पंचायतों को सीकरी और नगर पंचायत समिति में जोड़ने का काम राजस्थान सरकार कर रही है। जिसका उद्देश्य एक समुदाय विशेष के लोगों को फायदा पहुंचाना है। यदि परिसीमन होता है थाना और सरकारी कार्यालय इन ग्रामीणों की पहुंच से दूर हो जाएंगे, क्योंकि ग्रामीणों के लिए सीकरी काफी दूर पड़ेगा।
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ऐसा नहीं होने देंगे
आंदोलनकारियों का कहना है कि परिसीमन किसी भी हालत में नहीं होने देंगे। इसके लिए चाहे कितना भी बड़ा अंदोलन क्यों न करना पड़े। उन्होंने कहा कि अभी हम गांधीवादी तरीके से आंदोलन कर रहे हैं। सरकार इस ओर ध्यान नहीं देगी तो उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा। उनका कहना है कि नगर पंचायत समिति में 3 पंचायत जोड़ी गई हैं, बाकी 6 पंचायतों को सीकरी में जोड़ा गया है जो गलत है।