Rajasthan: कारोबारी से 16.26 करोड़ की ठगी, इस तरह झांसे में लिया, 101 बार में ट्रांसफर कराई रकम, जानें मामला
कारोबारी की जिस नंबर पर बात हो रही थी वह विदेशी था, लेकिन आरोपी ठगों ने जिन बैंक खातों में रकम ट्रांसफर कराई वे सभी भारतीय हैं। ऐसे में पुलिस को आशंका है कि यह देश में बैठे किसी विदेशी अपराधी का काम हो सकता है।
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राजस्थान के जोधपुर जिले में एक कारोबारी से 16 करोड़ 26 लाख की ठगी का मामला सामने आया है। शातिर ठगों ने कोरोबारी को विदेशी मोबाइल नंबर और सोशल मीडिया के जरिए झांसे में लिया। इसके बाद 101 ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करवाकर अलग-अलग खातों में 16 करोड़ 26 लाख रुपये जमा करा लिए। जब तक कारोबारी को ठगी की आशंका हुई तब तक बहुत देर हो चुकी थी। बुधवार को पीड़ित थाने पहुंचा और केस दर्ज कराया।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मामला शहर के महामंदिर थाने का है। थाना इलाके के पावटा में रहने वाले अरविंद कालानी हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्टर हैं। उनके बनाए प्रोडक्ट्स का देश-विदेशों में भी बिकते है। अरविंद ने पुलिस को बताया कि 31 अक्टूबर को उनके पास वॉट्सऐप पर एक मैसेज आया। मैसेज भेजने वाले ने अपना नाम इस्ला डोमिनिक और कंपनी का नाम मेटा ऑप्शन बताया। उसकी अपनी कंपनी की वेबसाइट का पता भी भेजा था
इसके बाद इस्ला डोमिनिक ने वॉट्सऐप पर कंपनी का एडवाइजर बताकर कई लोगों से उसका संपर्क कराया। अरविंद ने इंड्रयू रिच, माइक बी फोरे और राफेल सोरोस सहित कई विदेशी लोगों से बात की। विदेशी नंबर और विदेशी नाम होने के कारण वह उनके झांसे में आ गया। शातिर ठगों ने अरविंद को कंपनी में इन्वेस्ट करने का झांसा दिया। उन्होंने कहा कि अगर आप हमारी कंपनी में इन्वेस्ट करतें तो 20 से 40 फीसदी रिटर्न मिलेगा। उन्होंने कंपनी की ब्रॉन्ज, सिल्वर और गोल्ड मेंबरशिप सहित अन्य के बारे में अरविंद को जानकारी दी। साथ ही इन्वेस्टमेंट के रिटर्न की भी गारंटी ली।
अरविदं ने ठगों के झांसे में आकर 1 नवंबर को सिल्वर मेंबरशिप ले ली। इसकी फीस के तौर पर उसने सवा दो लाख रुपये ठगों के बताए खाते में ट्रांसफर कर दिए। सिल्वर मेंबरशिप पर उसे अच्छा रिटर्न मिला तो उसने 1 लाख रुपये और ट्रांसफर कर दिए। इसके आद अरविंद ने 21 तारीख तक अलग-अलग बार में लाखों रुपये ठगों के बताए खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। 21 नवंबर तक कारोबारी अरविंद ठगों के खाते में 16 करोड़ 26 लाख रुपये भेज चुके थे।
कारोबारी अरविंद को जाल में फंसाने के लिए शातिर ठगों ने एग्रीमेंट और डिजिटल सिग्नेचर आदि जैसी चीजें भी उससे कराईं। 16 करोड़ 26 लाख रुपये ठगने के बाद ठगों ने उस पर सिल्वर मेंबरशिप की जगह गोल्ड मेंबरशिप लेने का दबाव बनाने लगे। अरविंद ने मेंबरशिप लेने से मना कर दिया और पूरी रकम लौटाने की बात कही तो आरोपियों ने उसे ब्लॉक कर दिया। इसके बाद अरविंद को अपने साथ हुई ठगी का पता चला।
कारोबारी अरविंद ने पुलिस को बताया कि ठगों से उसकी बात वॉट्सऐप पर ही होती थी। चैटिंग के जरिए ही ठगों से उसकी बात शुरू हुई थी। इसके बाद कंपनी में इन्वेस्ट कराने की बात कहकर आरोपियों ने उसे झांसे में ले लिया। खास बात यह है कि अरविंद की जिस नंबर पर बात हो रही थी वह विदेशी था, लेकिन आरोपी ठगों ने जिन बैंक खातों में रकम ट्रांसफर कराई वे सभी भारतीय हैं।
ऐसे में पुलिस को आशंका है कि यह देश में बैठे किसी विदेशी अपराधी का काम हो सकता है। हालांकि, अंदेशा यह भी जताया जा रहा है कि ये देश के ही किसी ऑनलाइन फ्रॉड गिरोह का काम हो। पुलिस ने बताया कि कारोबारी अरविंद की शिकायत पर केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। मोबाइल और अकाउंट नंबर के आधार पर आरोपियों की तलाश की जा रही है। ठगे गई रकम को वापस कराने का प्रयास भी कर रहे हैं।