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बिना रेडियोग्राफर कौन चलाए एक्सरे मशीन
अमर उजाला, मुक्तसर
Updated Tue, 24 Sep 2013 05:35 PM IST
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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) बरीवाला के अपग्रेड होकर कम्युनिटी हेल्थ सेंटर (सीएचसी) बने एक वर्ष होने को आया है, मगर स्पेशलिस्ट डाक्टरों और स्टाफ का अभाव पूरा नहीं हो सका है। यहां रेडियोग्राफर न होने से वर्षों से एक्सरे मशीन बंद पड़ी है। एसएमओ की स्थायी पोस्ट चक्क शेरेवाला पीएचसी की तरह रिक्त है।
थांदेवाला की एसएमओ डॉ. जागृति चक्क शेरेवाला की तरह सीएचसी बरीवाला का कार्य देख रही हैं। सीएचसी इस समय सिर्फ एकमात्र लेडी डाक्टर सनप्रीत कौर के सहारे चल रहा है। वह भी सप्ताह में तीन दिन पीएचसी चक्क शेरेवाला में ड्यूटी पर रहती हैं। स्त्री रोग विशेषज्ञ के अभाव के चलते डिलीवरी केस नहीं हो पाते।
कायदे के अनुसार फार्मासिस्ट की तीन पोस्टें हैं, मगर यहां सिर्फ एकमात्र फार्मासिस्ट जेपी सिंह कार्य देख रहे हैं। यहां तैनात एक अन्य फार्मासिस्ट सरबजीत सिंह की ड्यूटी गिद्दड़बाहा लगाई गई है, मगर वह वेतन सीएचसी बरीवाला से लेते हैं। स्टाफ नर्स भी महज एक है।
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नियमानुसार कुल सात स्टाफ नर्स के पदों में से छह रिक्त हैं। बताते हैं कि ईसीजी मशीन भी खराब पड़ी है। उधर अपग्रेड होने के बाद से करीब साढ़े पांच करोड़ की लागत से बन रही नई इमारत का कार्य भी रुका पड़ा है। इसके पूरा न हो पाने के पीछे फंड का अभाव बताया जाता है। डाक्टरों, स्टाफ और सुविधाओं की कमी के चलते मरीज भी सीएचसी में आने से कतराने लगे हैं। इसके चलते यहां सन्नाटा रहता है।
करीब दो सप्ताह पूर्व बरीवाला में संगत दर्शन के दौरान लोगों ने मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के समक्ष सीएचसी बरीवाला में डाक्टरों और स्टाफ की कमी पूरी करने का मुद्दा उठाया था। साथ ही सीएचसी की नई बन रही इमारत का काम भी पूरा करवाने की मांग रखी थी। बादल ने शीघ्र ही डाक्टरों और स्टाफ की कमी पूरी करने का आश्वासन दिया था।
मुक्तसर के सिविल सर्जन डॉ. गुलशन राय ने कहा
प्रश्न : - बरीवाला अपग्रेड होकर सीएचसी बन गया है, मगर कोई स्पेशलिस्ट डाक्टर क्यों नहीं आया?
उत्तर :- डाक्टरों की भर्ती विभाग ने करनी होती है। वह हर माह डाक्टरों की कमी तथा रिक्वायरमेंट के लिए लिखते रहते हैं। विभाग द्वारा ही कोई डाक्टर नहीं लगाया जा रहा तो वह क्या कर सकते हैं।
प्रश्न :- एसएमओ की पोस्ट भी खाली है?
उत्तर :- यहां भी वैसी ही समस्या है। इस पोस्ट को भरने के लिए लिख चुके हैं और आगे भी लिखते रहेंगे।
प्रश्न :- रेडियोग्राफर भी नहीं है? क्या कारण?
उत्तर :- सभी रिक्त पद विभाग ने ही भरने हैं।
प्रश्न :- नई इमारत का कार्य भी रुका पड़ा है, क्या कारण?
उत्तर :- इमारत का कार्य बीएंडआर विभाग देख रहा है। एसडीओ बीएंडआर ही बता सकते हैं।
प्रश्न :- स्टाफ नर्स महज एक है और छह पद रिक्त पड़े हैं?
उत्तर :- चाहे स्टाफ नर्स हो, या डाक्टर सभी पदों को भरने के विभाग को कहा गया है।
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थांदेवाला की एसएमओ डॉ. जागृति चक्क शेरेवाला की तरह सीएचसी बरीवाला का कार्य देख रही हैं। सीएचसी इस समय सिर्फ एकमात्र लेडी डाक्टर सनप्रीत कौर के सहारे चल रहा है। वह भी सप्ताह में तीन दिन पीएचसी चक्क शेरेवाला में ड्यूटी पर रहती हैं। स्त्री रोग विशेषज्ञ के अभाव के चलते डिलीवरी केस नहीं हो पाते।
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कायदे के अनुसार फार्मासिस्ट की तीन पोस्टें हैं, मगर यहां सिर्फ एकमात्र फार्मासिस्ट जेपी सिंह कार्य देख रहे हैं। यहां तैनात एक अन्य फार्मासिस्ट सरबजीत सिंह की ड्यूटी गिद्दड़बाहा लगाई गई है, मगर वह वेतन सीएचसी बरीवाला से लेते हैं। स्टाफ नर्स भी महज एक है।
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नियमानुसार कुल सात स्टाफ नर्स के पदों में से छह रिक्त हैं। बताते हैं कि ईसीजी मशीन भी खराब पड़ी है। उधर अपग्रेड होने के बाद से करीब साढ़े पांच करोड़ की लागत से बन रही नई इमारत का कार्य भी रुका पड़ा है। इसके पूरा न हो पाने के पीछे फंड का अभाव बताया जाता है। डाक्टरों, स्टाफ और सुविधाओं की कमी के चलते मरीज भी सीएचसी में आने से कतराने लगे हैं। इसके चलते यहां सन्नाटा रहता है।
करीब दो सप्ताह पूर्व बरीवाला में संगत दर्शन के दौरान लोगों ने मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के समक्ष सीएचसी बरीवाला में डाक्टरों और स्टाफ की कमी पूरी करने का मुद्दा उठाया था। साथ ही सीएचसी की नई बन रही इमारत का काम भी पूरा करवाने की मांग रखी थी। बादल ने शीघ्र ही डाक्टरों और स्टाफ की कमी पूरी करने का आश्वासन दिया था।
मुक्तसर के सिविल सर्जन डॉ. गुलशन राय ने कहा
प्रश्न : - बरीवाला अपग्रेड होकर सीएचसी बन गया है, मगर कोई स्पेशलिस्ट डाक्टर क्यों नहीं आया?
उत्तर :- डाक्टरों की भर्ती विभाग ने करनी होती है। वह हर माह डाक्टरों की कमी तथा रिक्वायरमेंट के लिए लिखते रहते हैं। विभाग द्वारा ही कोई डाक्टर नहीं लगाया जा रहा तो वह क्या कर सकते हैं।
प्रश्न :- एसएमओ की पोस्ट भी खाली है?
उत्तर :- यहां भी वैसी ही समस्या है। इस पोस्ट को भरने के लिए लिख चुके हैं और आगे भी लिखते रहेंगे।
प्रश्न :- रेडियोग्राफर भी नहीं है? क्या कारण?
उत्तर :- सभी रिक्त पद विभाग ने ही भरने हैं।
प्रश्न :- नई इमारत का कार्य भी रुका पड़ा है, क्या कारण?
उत्तर :- इमारत का कार्य बीएंडआर विभाग देख रहा है। एसडीओ बीएंडआर ही बता सकते हैं।
प्रश्न :- स्टाफ नर्स महज एक है और छह पद रिक्त पड़े हैं?
उत्तर :- चाहे स्टाफ नर्स हो, या डाक्टर सभी पदों को भरने के विभाग को कहा गया है।