सियासत: शिअद चंडीगढ़ को बना रहा चुनावी मुद्दा, कहा- चंडीगढ़ और पंजाबी भाषा वाले क्षेत्रों को पंजाब में शामिल करें पीएम
शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सरदार सुखबीर सिंह बादल ने प्रधानमंत्री से हरियाणा और पंजाब की संयुक्त राजधानी चंडीगढ़ को पंजाब में शामिल करने की मांग की। सुखबीर बादल ने कहा कि मैं मोदी से चंडीगढ़ और पंजाबी भाषा बोलने वाले क्षेत्रों को पंजाब में शामिल कर बदलाव लाने का आग्रह करता हूं। इससे प्रतीत होता है कि शिअद चंडीगढ़ के मुद्दे को चुनाव में उठाएगा।
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शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सरदार सुखबीर सिंह बादल ने मंगलवार को दीनानगर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से 5 जनवरी को उनकी यात्रा के दौरान चंडीगढ़ और पंजाबी भाषा वाले क्षेत्रों को पंजाब में शामिल करने की घोषणा के साथ-साथ राज्य को नदी के पानी पर रिपेरियन अधिकार प्रदान करने की घोषणा करने की अपील की।
अकाली दल अध्यक्ष बहुजन समाज पार्टी के उम्मीदवार कमलजीत चावला के पक्ष में जनसभा को संबोधित करने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए वादा किया कि अगली शिअद-बसपा गठबंधन सरकार इस शहर में एक सहकारी चीनी मिल स्थापित करेगी। पीएम की यात्रा पर सुखबीर ने कहा कि पंजाबियों को प्रधानमंत्री से बहुत उम्मीदें हैं कि वे पिछले कई दशकों में राज्य के साथ हुए अन्याय को दूर करेंगे।
उन्होंने कहा कि मैं मोदी से चंडीगढ़ को पंजाब में शामिल कर बदलाव लाने का आग्रह करता हूं। पंजाबी भाषा क्षेत्र जो 1966 में इसके पुनर्गठन के समय बाहर रह गए थे, उन्हें वापस शामिल किया जाना चाहिए। इसी तरह नदी के पानी पर राज्य के रिपेरियन अधिकार भी दिए जाने चाहिए।
अकाली दल अध्यक्ष ने इस बात पर खुशी व्यक्त की कि फिरोजपुर में पीजीआई सेटेलाइट सेंटर, जिसे उन्होंने राज्य के लिए सुरक्षित किया था, का उद्घाटन 5 जनवरी को पंजाब की अपनी यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री द्वारा किया जाएगा। यह सुविधा सीमावर्ती इलाके के लिए वरदान साबित होगी और प्रधानमंत्री से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि इसे इसे शीघ्रता से पूरा किया जाए।
संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के नेता बलबीर सिंह राजेवाल और उनके केंद्रीय गृहमंत्री से जुड़े कुछ नेताओं द्वारा लिखे गए पत्र के रूप में ‘लेटर बम’ के बारे में पूछे जाने पर सुखबीर ने कहा कि राजेवाल को इसके लिए स्पष्टीकरण देना चाहिए। जाहिर है कि वह किसान समुदाय की पीठ के पीछे केंद्र के साथ गुप्त सौदे की कोशिश करके किसानों को धोखा दे रहे हैं, पूरे मामले की जांच होनी चाहिए।
कैप्टन अमरिंदर सिंह की लोक कांग्रेस पार्टी और सुखदेव सिंह ढींडसा की शिअद (संयुक्त) के भाजपा के साथ मिलने के बारे सवाल किया तो सरदार बादल ने कहा कि एक गैर-इकाई को दूसरे से मिलने से कोई फर्क नही पड़ता। एक शून्य सौ बार गुणा करने पर भी शून्य ही होता है। पंजाबी उनके बारे में अच्छी तरह जानते हैं। इस गठबंधन से राज्य की राजनीति पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
बयानबाजी में अश्लीलता का सहारा ले रहे सिद्धू
राज्य पुलिस कर्मियों के खिलाफ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिद्धू के हाल ही के बयान पर बादल ने कहा कि एक गुमराह मिसाइल बहुत बुरी होती है, सिद्धू अब अपने निराश, कुंठित मनमौजी बयानबाजी में अश्लीलता का सहारा ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि सिद्धू के पास पंजाब को देने के लिए जहर, घृणा, असीम अंहकार के अलावा कुछ भी नहीं है। दो मौजूदा विधायकों फतेहजंग बाजवा और बलविंदर लाडी के भाजपा में शामिल होने बारे में पूछे जाने पर अकाली दल अध्यक्ष ने कहा कि हालांकि यह कांग्रेस का आंतरिक मामला है, लेकिन यह पंजाब कांग्रेस की स्थिति का दर्शाता है। अब यह स्पष्ट है कि कांग्रेसियों को एहसास है कि उनकी पार्टी बर्बाद हो गई है और वे बड़ी संख्या में इधर-उधर जा रहे हैं।