टाइटलर की नियुक्ति पर हंगामा: शिअद ने सीएम चन्नी से पूछा सवाल, सांसद बिट्टू ने अपनी ही पार्टी को घेरा
एसजीपीसी प्रधान बीबी जागीर कौर ने जगदीश टाइटलर को कांग्रेस की ओर से बार-बार पद देने को सिखों की भावनाओं पर हमला करार दिया है। उन्होंने इस बार कांग्रेस की ओर से टाइटलर को पार्टी का रेगुलर इनवाइटी नियुक्त किए जाने पर ऐतराज जताया है। उन्होंने कहा कि टाइटलर की यह नियुक्ति सिखों की भावनाओं पर चोट करने वाली कार्रवाई है।
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शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी से कहा है कि वह पंजाबियों को बताएं कि कांग्रेस के एक खास पैनल में 1984 सिख कत्लेआम के आरोपी जगदीश टाइटलर की नियुक्ति पर उन्होंने सहमति क्यों दी? पार्टी प्रवक्ता डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि अकाली दल यह सवाल पूछने पर विवश है, क्योंकि इस बारे में आरोप पूर्व पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने लगाया था।
उन्होंने कहा कि जाखड़ ने स्पष्ट कर दिया है कि पंजाब कांग्रेस के वास्तविक प्रमुख के रूप में काम कर रहे चरणजीत चन्नी और कांग्रेस की वरिष्ठ नेता अंबिका सोनी ने राज्य से संबंधित सभी मामलों में राहुल गांधी सहित पार्टी हाईकमान को सलाह देने के लिए यह कदम उठाया था।
डॉ. चीमा ने कहा भले ही 1984 के कत्लेआम में सुनील जाखड़ के परिवार की भूमिका निंदनीय थी लेकिन फिर भी उनके द्वारा लगाए गए आरोपों का समाधान मुख्यमंत्री द्वारा किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसी तरह राहुल गांधी को स्पष्ट करना चाहिए कि उन्होंने जगदीश टाइटलर को प्रतिष्ठित नियुक्ति क्यों दी, जिनके हाथ पहले ही खून से सने हैं।
डॉ. चीमा ने चन्नी और सोनी से स्पष्ट करने को कहा कि उन्होंने इस कदम का समर्थन क्यों किया? उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि मुख्यमंत्री ने अब तक इस नियुक्ति पर कोई आपत्ति नहीं जताई। इससे साबित होता है कि चन्नी के पास कोई नैतिक साहस नहीं है और वह अपनी कुर्सी बचाने के लिए सिख समुदाय के साथ-साथ पंजाबियों के हितों को भी बेचने के लिए तैयार हैं। डॉ. चीमा ने कहा कि पंजाबी इस विश्वासघात को कभी नही भूलेंगे।
सांसद बिट्टू ने भी किया विरोध
जगदीश टाइटलर की नियुक्ति के खिलाफ लुधियाना से सांसद रवनीत बिट्टू ने मोर्चा खोल दिया है। बिट्टू ने साफ कहा कि दिल्ली दंगों के साथ पंजाब और पंजाबी लोगों की सीधी भावनाएं जुड़ी हैं। पहले भी पार्टी ने इन्हें टिकट दे दी थी लेकिन विरोध होने पर टिकट को काट दिया था। यह कोई बड़ा पद नहीं है फिर भी हम विरोध करेंगे।
हाईकमान को इस मुद्दे को लेकर समझाया जाएगा। अभी तक हाईकमान को पता भी चल गया होगा। नवजोत सिद्धू के पार्टी में होने या न होने के सवाल पर सांसद बिट्टू ने कहा कि वह तो हमारे पंजाब प्रधान है। सिद्धू साहब द मंजा चार महीने तो कांग्रेस भवन उड़ीकदा है। वह अपना मंजा लेकर वहां नहीं गए है। इसलिए अब दिवाली का त्योहार है, सिद्धू साहब कांग्रेस भवन जाकर दीपमाला ही कर आए। अब वह खुद चार माह से कांग्रेस भवन नहीं गए तो मंत्रियों ने कहा जाना था।
कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा नई पार्टी तैयार करने के सवाल पर सांसद ने कहा कि वह हमारे सतकार योग नेता है। निजीतौर पर उनके साथ खड़े है। मैं पहले कह रहा था कि पार्टी उन्हें मनाने की कोशिश कर रही है, इसलिए वह गृह मंत्री अमित शाह से बिना मिले वापस लौट आए है। उनकी नई पार्टी खड़े करने से कांग्रेस को कोई नुकसान नहीं होगा, अगर ऐसा होता तो उन्हें पद से क्यों हटाया जाता। अब 80 साल की उम्र में वह कहां रैलियां करते फिरेंगे।