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दरबार साहिब पर हमले को भूलने के बयान पर नाराजगी
ब्यूरो/ अमर उजाला,संगरूर
Updated Mon, 31 Mar 2014 09:51 PM IST
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दो दिन पहले शिअद (लौंगोवाल) के वरिष्ठ नेता गगनजीत बरनाला के दरबार साहिब पर हमलों को भूलने के बयान पर एसजीपीसी सदस्यों और अकाली दल के नेताओं ने नाराजगी जताई है।
नेताओं का कहना है कि बरनाला ने ऐसा बयान देकर सिख पंथ के साथ धोखा किया है। बरनाला ने समूचे सिख पंथ को दरबार साहिब पर हुए हमले को भूलकर भविष्य के बारे में सोचने की बात कही थी।
एसजीपीसी सदस्य जत्थेदार निर्मल सिंह घराचों, जत्थेदार रामपाल सिंह बैहणीवाल, जत्थेदार हरदेव सिंह रोगला, जत्थेदार मलकीत सिंह चंगाल, बीबी मलकीत कौर कमालपुर और शिअद के जिलाध्यक्ष ज्ञानी रघुबीर सिंह जखेपल ने कहा है कि बरनाला के इस बयान से सिखों के जख्म फिर से हरे हो गए हैं।
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बरनाला को यह बात समझ लेनी चाहिए कि न तो सिख दरबार साहिब पर हुए हमले को भूल सकते हैं और न ही 84 के दंगों को। पंथ और सिखों पर हुए इस घिनौने हमले के लिए पूरी तरह से कांग्रेस जिम्मेदार है। नेताओं ने कहा कि बरनाला की सोच हमेशा कांग्रेस पक्षीय रही है।
यह बयान देकर बरनाला ने अपना कांग्रेस समर्थित होने का सबूत दिया है। सिख जगत में बरनाला के इस बयान को लेकर भारी रोष है। सिख कौम कांग्रेस के साथ-साथ बरनाला को भी कभी माफ नहीं करेगी।
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नेताओं का कहना है कि बरनाला ने ऐसा बयान देकर सिख पंथ के साथ धोखा किया है। बरनाला ने समूचे सिख पंथ को दरबार साहिब पर हुए हमले को भूलकर भविष्य के बारे में सोचने की बात कही थी।
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एसजीपीसी सदस्य जत्थेदार निर्मल सिंह घराचों, जत्थेदार रामपाल सिंह बैहणीवाल, जत्थेदार हरदेव सिंह रोगला, जत्थेदार मलकीत सिंह चंगाल, बीबी मलकीत कौर कमालपुर और शिअद के जिलाध्यक्ष ज्ञानी रघुबीर सिंह जखेपल ने कहा है कि बरनाला के इस बयान से सिखों के जख्म फिर से हरे हो गए हैं।
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बरनाला को यह बात समझ लेनी चाहिए कि न तो सिख दरबार साहिब पर हुए हमले को भूल सकते हैं और न ही 84 के दंगों को। पंथ और सिखों पर हुए इस घिनौने हमले के लिए पूरी तरह से कांग्रेस जिम्मेदार है। नेताओं ने कहा कि बरनाला की सोच हमेशा कांग्रेस पक्षीय रही है।
यह बयान देकर बरनाला ने अपना कांग्रेस समर्थित होने का सबूत दिया है। सिख जगत में बरनाला के इस बयान को लेकर भारी रोष है। सिख कौम कांग्रेस के साथ-साथ बरनाला को भी कभी माफ नहीं करेगी।