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शिकंजा: पंजाब में बादल परिवार की इंडो कैनेडियन बस सर्विस पर गिरेगी गाज, परिवहन मंत्री ने अधिकारियों से मांगी रिपोर्ट
Sat, 06 Nov 2021 11:18 AM IST
निवेदिता वर्मा
सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)
सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sat, 06 Nov 2021 11:18 AM IST
सार
पंजाब रोडवेज की पनबस की 10 और पीआरटीसी की 6 वॉल्वो बसें एयरपोर्ट के लिए चलाई जाती थीं जो अब खड़ी हो गई हैं। वहीं इंडो कैनेडियन सर्विस की रोजाना करीब 27 बसें सीधे एयरपोर्ट जा रही हैं।
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ट्रांसपोर्ट मंत्री अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग।
- फोटो : फाइल
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विस्तार
पंजाब के ट्रांसपोर्ट मंत्री अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग एक्शन में हैं और उन्होंने पंजाब से दिल्ली एयरपोर्ट तक जा रहीं बादल परिवार की इंडो कैनेडियन बसों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है। इंडो कैनेडियन बसें कांट्रेक्ट कैरियर यानी टूरिस्ट परमिट पर चल रही हैं और पंजाब सरकार को इससे एक करोड़ का प्रति माह नुकसान हो रहा है क्योंकि पंजाब सरकार की वॉल्वो बसों को दिल्ली बस स्टैंड से आगे नहीं जाने दिया जा रहा है।
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मंत्री राजा वड़िंग ने विभाग के अलावा अधिकारियों से पूरी रिपोर्ट तलब की है। इस पर एक्शन किसी भी वक्त लिया जा सकता है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, राजा वड़िंग ने इंडो कैनेडियन बसों के मामले को काफी गंभीरता से लिया है और अधिकारियों को इस पर सख्ती से पूरी रिपोर्ट तलब करवा ली है।
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वर्ष 1993 के रूल्स के मुताबिक टूरिस्ट परमिट पर सिर्फ टूरिस्ट सर्किट पर ही यात्रियों को बैठाया जा सकता है पर इंडो कैनेडियन बसें इस परमिट को स्टेज कैरेज परमिट के रूप में इस्तेमाल कर जगह जगह से सवारी उठाकर सीधे एयरपोर्ट जा रही हैं। इंडो कैनेडियन बस की टिकट ऑनलाइन बिक रही हैं, जिनको नहीं बेचा जा सकता।
नियम यह है कि टूरिस्ट परमिट पर बसें चलाने वाले संचालक के पास यात्रियों की लिस्ट होनी चाहिए। आईडी, नाम को आरटीए की तरफ से अप्रूव कराना होता है लेकिन यहां पर इंडो कैनेडियन बसें नियमों को ताक पर रखकर सड़कों पर दौड़ रही हैं। दिल्ली एयरपोर्ट पर आने जाने वाले यात्रियों को बैठाया जा रहा है।
हालात यह है कि पंजाब रोडवेज की पनबस की 10 और पीआरटीसी की 6 वॉल्वो बसें एयरपोर्ट के लिए चलाई जाती थीं जो अब खड़ी हो गई हैं। वहीं इंडो कैनेडियन सर्विस की रोजाना करीब 27 बसें सीधे एयरपोर्ट जा रही हैं। यात्री 2500 रुपये की टिकट खर्च करने के लिए मजबूर हैं। अब परिवहन मंत्री ने आला अधिकारियों से इस गोरखधंधे की रिपोर्ट मांग ली है और आगामी दिनों में इन बसों पर एक्शन लेने की तैयारी शुरू हो चुकी है। अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के मीडिया सचिव दुर्लभ सिंह का कहना है कि मामला संज्ञान में आ चुका है और इसके परिणाम सामने आएंगे।