फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   punjab, ludhiana, bhatinda, death

अंगीठी के धुएं से दो घरों में चार लोगों की मौत

Sat, 04 Jan 2014 09:37 PM IST
अमर उजाला, लुधियाना/बठिंडा
अमर उजाला, लुधियाना/बठिंडा Updated Sat, 04 Jan 2014 09:37 PM IST
विज्ञापन
punjab, ludhiana, bhatinda, death
सर्दी से बचने के लिए रात को बंद कमरे में अंगीठी जलाकर सो रहे दो घरों में दो दंपतियों की मौत हो गई। दोनों घटनाएं शुक्रवार रात लुधियाना और बठिंडा में हुईं। बठिंडा में हुई घटना में मृतक दंपति की रजाई में लिपटी तीन माह की मासूम बच्ची बच गई।
विज्ञापन


पहली घटना लुधियाना के सराभा नगर के ब्लाक-के के मकान में हुई। बंद कमरे में अंगीठी जलाकर सो रहे नेपाल निवासी दंपति की दम घुटने से मौत हो गई। घटना का पता उस समय चला जब मकान मालिक नितिन गर्ग सुबह दंपति का दरवाजा न खुलने पर उन्हें जगाने पहुंचे। नितिन ने दोनों के न उठने की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने दरवाजा तोड़ा। अंदर माने सिंह रावत और उनकी पत्नी रुंबा देवी मृत पड़े थे।
विज्ञापन


थाना सराभा नगर की पुलिस ने दोनों के शव पोस्टमार्टम के बाद वारिसों के हवाले कर दिए। एसएचओ हरपाल सिंह गरेवाल ने बताया कि दोनों नेपाल के गांव डोडा में रहते थे। मोन सिंह काफी समय से इसी कोठी में काम कर रहा है। कोठी के मालिक का स्टील इंडस्ट्री का काम है और उन्होंने मोन सिंह को सर्वेंट रूम दिया हुआ था। शुक्रवार रात मोन सिंह अपनी पत्नी रुंबा देवी के साथ कमरे में सोने के लिए चला गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


दोनों ने कोयले वाली अंगीठी जलाई और सो गए। पुलिस के अनुसार, कमरे में कोई रोशनदान नहीं है जिस वजह से अंगीठी की गैस दोनों को चढ़ गई और दोनों की मौत हो गई। रुंबा देवी कुछ दिन पहले ही गांव से आई थी। वह लुधियाना में अपनी बीमारी का इलाज कराना चाहती थी।

उधर, बठिंडा के बाबा दीप सिंह नगर में रह रहे राज मिस्त्री अमनदीप सिंह और उनकी पत्नी कांता देवी की शुक्रवार रात बंद कमरे में अंगीठी से निकली गैस से मौत हो गई। अमनदीप यहां अपनी पत्नी, मां और तीन माह की बच्ची के साथ रहते थे। सुबह जब काफी समय तक पति-पत्नी नहीं जागे तो अमनदीप की मां ने दरवाजा खटखटाया।

कोई जवाब नहीं मिलने के कारण कांता की बहन जोकि परिवार के साथ रहने आई हुई थी, ने किसी तरह कमरे में जाकर देखा तो वहां अमनदीप और कांता मृत पड़े थे। उनकी तीन माह की बेटी नूर रजाई में लिपटी जिंदा थी। घटना की जानकारी मिलने पर वर्धमान चौकी इंचार्ज और नायब तहसीलदार सुभाष मित्तल घटनास्थल पर पहुंचे। नायब तहसीलदार ने डिप्टी कमिश्नर की ओर से पीड़ित परिवार को एक—एक लाख रुपये की मुआवजा देने का भी ऐलान किया।


पुलिस ने मृतक अमनदीप के भाई लवप्रीत सिंह के बयान पर 174 की कार्रवाई कर शवों का पोस्टमार्टम करवाकर वारिसों को सौंप दिया। मोहल्ला निवासियों ने परिवार की गरीब स्थिति को देखते हुए कांग्रेस महिला विंग की जिला प्रधान महिंदर कौर की अगुवाई में प्रशासन से मुआवजा राशि पांच लाख करने की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed