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पंजाब को पसंद नहीं आया चन्नी कैबिनेट: खुद सीएम दो सीट से हारे, साथ में नौ मंत्रियों को मिली शिकस्त
Thu, 10 Mar 2022 07:17 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Thu, 10 Mar 2022 07:17 PM IST
सार
अमर उजाला आपको बता रहा है कि पंजाब में अमरिंदर सिंह से सीएम पद छीने जाने के बाद आखिर कैबिनेट में वे कौन से मंत्री थे, जिन्हें जनता ने पसंद नहीं किया और वोटों की ताकत से उन्हें नकार दिया।
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पंंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पंजाब में विधानसभा चुनाव के नतीजे आने शुरू हो गए हैं। शुरुआती नतीजों पर गौर किया जाए तो आम आदमी पार्टी करीब दो-तिहाई सीटों पर जीत की ओर अग्रसर है, जबकि कांग्रेस 20 सीटों के करीब ही सिमट कर रह गई है। सबसे बड़ा नुकसान उन चेहरों को हुआ है, जिन पर कैप्टन अमरिंदर सिंह को हटाते वक्त कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने भरोसा किया था। इनमें सबसे बड़ा नाम मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी का है। इसके अलावा पंजाब कैबिनेट के 17 में से 16 मंत्रियों को भी हार का सामना करना पड़ा है। यानी पंजाब की जनता ने कांग्रेस नेतृत्व की तरफ से राज्य सरकार में हुए बदलावों को सिरे से खारिज कर दिया।
अब तक क्या हुए नतीजे, कौन आगे-कौन पीछे?
अमर उजाला आपको बता रहा है कि पंजाब में अमरिंदर सिंह से सीएम पद छीने जाने के बाद आखिर कैबिनेट में वे कौन से मंत्री थे, जिन्हें जनता ने पसंद नहीं किया और वोटों की ताकत से उन्हें नकार दिया।
ये हारे
1. मुख्यमंत्री चरण जीत सिंह चन्नी
मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को पार्टी ने दो विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ाया था। उन्हें दोनों ही सीटों पर हार का सामना करना पड़ा है। भदौड़ से आप के नेता लाभ सिंह उगोके ने उन्हें 37 हजार वोटों से हराया। चमकौर साहिब से उन्हें आम आदमी पार्टी के चरणजीत सिंह ने आठ हजार वोटों से हराया। कैप्टन अमरिंदर सिंह के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद कांग्रेस ने चन्नी को अपना मुख्यमंत्री बनाया था। पार्टी ने इन्हें आम आदमी व दलित चेहरे के रूप में प्रस्तुत किया था। मगर पार्टी का यह दांव भी फेल हो गया।
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2. डिप्टी सीएम ओम प्रकाश सोनी
अमृतसर केंद्रीय सीट से आप के उम्मीदवार डॉ. अजय गुप्ता ने 14 हजार से ज्यादा वोटों से हरा दिया। कांग्रेस ने उन्हें डिप्टी सीएम का पद सौंपा था। उन्हें आम आदमी पार्टी के अजय गुप्ता ने शिकस्त दी।
3. रजिया सुल्ताना
नवजोत सिंह सिद्धू के सलाहकार मोहम्मद मूसा की पत्नी रजिया सुल्ताना को मलेरकोटला सीट से करारी हार मिली है। उन्हें आप के मोहम्मद जमील उर रहमान ने 21686 के बड़े अंतर से हराया। इस चुनाव में रेहमान को 65948 और रजिया सुल्ताना को 44262 वोट मिले। गौरतलब है कि मलेरकोटला लंबे समय से कांग्रेस का गढ़ रहा था और अब इस सीट पर आप ने कब्जा जमाया है।
4. वित्तमंत्री मनप्रीत बादल
बठिंडा शहरी सीट से आम आदमी पार्टी के जगरूप गिल ने 64 हजार वोटों के बड़े अंतर से करारी हार मिली। बठिंडा सीट से आप के जगरूप सिंह गिल को 89,627 वोट मिले, उधर कांग्रेस के मनप्रीत सिंह बादल को महज 28,509 वोट मिले। तीसरे नंबर पर अकाली दल के सरूप चंद सिंगला रहे जिन्हें 23,264 वोट मिले हैं।
5. पीडबल्यूडी मंत्री विजय इंदर सिंगला
संगरूर विधानसभा सीट पर आदमी पार्टी की नरिंदर कौर भारज ने पंजाब सरकार के पीडबल्यूडी और तकनीक मंत्री विजय इंदर सिंगला को जबरदस्त शिकस्त दी। उन्हें 73 हजार से ज्यादा वोट मिले। भाजपा के अरविंद खन्ना तीसरे नंबर पर रहे। इस सीट पर विजय पहले ही कांग्रेस की ओर से विधायक थे। सिंगला को सीएम चन्नी का करीबी नेता माना जाता है।
6. रणदीप सिंह नाभा
अमलोह से कांग्रेस के टिकट पर विधायक रह चुके रणदीप सिंह नाभा 2021 में वह चन्नी सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाए गए थे। उन्हें कृषि व किसान कल्याण मंत्रालय का प्रभार दिया गया था। अमलोह सीट पर उन्हें आम आदमी पार्टी के गुरिंदर सिंह गैरी ने हराया। जहां गैरी को 52648 वोट मिले, वहीं रणदीप सिंह 16 हजार वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
7. भारत भूषण आशू
लुधियाना पश्चिम सीट से चुनाव लड़ रहे खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री भारत भूषण आशू को आम आदमी पार्टी के गुरप्रीत सिंह गोगी ने 7440 वोटों से हराया। जहां गोगी को 40 हजार से ज्यादा वोट मिले, तो वहीं आशू को 32 हजार वोट मिले।
8. राजकुमार वेरका
पंजाब की अमृतसर पश्चिम विधानसभा सीट से आम आदमी पार्टी के डॉ. जसवीर सिंह संधू ने कांग्रेस कैबिनेट में सामाजिक न्याय और चिकित्सा शिक्षा मंत्री राजकुमार वेरका को 44,919 वोटों से हराया। जहां आप के संधू को 68,848 वोट मिले, वहीं वेरका को 25,239 मत मिले।
9. संगत सिंह गिलजियां
पंजाब सरकार में वन और श्रम मंत्री संगत सिंह गिलजियां को उड़मुड़ सीट से आम आदमी पार्टी के जसवीर सिंह राजा गिल ने 4 हजार वोटों से हराया। गिल को 42 हजार से ज्यादा वोट मिले, वहीं गिलजियां को 38 हजार से कुछ ज्यादा वोट मिले।
10. गुरकीरत कोटली
पंजाब की खन्ना सीट से चुनाव लड़ रहे उद्योग और वाणिज्य मंत्री गुरकीरत सिंह कोली तीसरे नंबर पर रहे। यहां से आम आदमी पार्टी के तरूणप्रीत सिंह ने 61 हजार से ज्यादा वोट लेकर जीत हासिल की। दूसरे नंबर पर अकाली दल की जसदीप कौर यादू रहीं, जिन्हें 26,635 वोट मिले। इसके अलावा कोटली को 20 हजार वोटों से संतोष करना पड़ा।
किन बड़े नामों ने बचाईं अपनी सीटें
1. सुखजिंदर सिंह रंधावा
पंजाब की डेरा बाबा नानक विधानसभा सीट पर कांग्रेस पार्टी के सुखजिंदर सिंह रंधावा ने जीत हासिल की है। उन्होंने शिरोमणि अकाली दल के रविकरण सिंह कहलों को 466 मतों से हराया। डिप्टी सीएम सुखजिंदर रंधावा वही नेता हैं, जिन्होंने कबूल किया था कि कैप्टन अमरिंदर सिंह को हटाने के बाद सीएम के लिए उनका ही नाम था। उनको मुख्यमंत्री बनाने के लिए हां भी हो चुकी थी। बाद में उनके साथ बैठे चरणजीत चन्नी मुख्यमंत्री बन गए। तब यह चर्चा हुई थी कि पंजाब कांग्रेस चीफ नवजोत सिद्धू ने सीएम बनने का दावा ठोक दिया था। इसके बाद रंधावा की जगह चन्नी सीएम बन गए।
2. परगट सिंह
दूसरी तरफ जालंधर कैंट से चुनाव लड़ने वाले मंत्री परगट सिंह ने करीबी मुकाबले में आप के सुरिंदर सिंह सोढ़ी को शिकस्त दी। 1965 में जन्मे में परगट को हॉकी के बेहतरीन डिफेंडरों में माना जाता था। वे बार्सिलोना ओलंपिक 1992 और अटलांटा ओलंपिक 1996 में भारतीय हॉकी टीम के कप्तान थे।
इन पांच मंत्रियों ने भी बचा ली अपनी सीटें
फतेहगढ़ चूड़ियां से तृप्त राजिंदर बाजवा, राजासांसी से सुखबिंदर सिंह सुख सरकारिया, दीनानगर से अरूणा चौधरी और गिद्दड़बाहा से अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और कपूरथला से राणा गुरजीत सीट जीत गए।
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अब तक क्या हुए नतीजे, कौन आगे-कौन पीछे?
अमर उजाला आपको बता रहा है कि पंजाब में अमरिंदर सिंह से सीएम पद छीने जाने के बाद आखिर कैबिनेट में वे कौन से मंत्री थे, जिन्हें जनता ने पसंद नहीं किया और वोटों की ताकत से उन्हें नकार दिया।
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ये हारे
1. मुख्यमंत्री चरण जीत सिंह चन्नी
मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को पार्टी ने दो विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ाया था। उन्हें दोनों ही सीटों पर हार का सामना करना पड़ा है। भदौड़ से आप के नेता लाभ सिंह उगोके ने उन्हें 37 हजार वोटों से हराया। चमकौर साहिब से उन्हें आम आदमी पार्टी के चरणजीत सिंह ने आठ हजार वोटों से हराया। कैप्टन अमरिंदर सिंह के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद कांग्रेस ने चन्नी को अपना मुख्यमंत्री बनाया था। पार्टी ने इन्हें आम आदमी व दलित चेहरे के रूप में प्रस्तुत किया था। मगर पार्टी का यह दांव भी फेल हो गया।
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2. डिप्टी सीएम ओम प्रकाश सोनी
अमृतसर केंद्रीय सीट से आप के उम्मीदवार डॉ. अजय गुप्ता ने 14 हजार से ज्यादा वोटों से हरा दिया। कांग्रेस ने उन्हें डिप्टी सीएम का पद सौंपा था। उन्हें आम आदमी पार्टी के अजय गुप्ता ने शिकस्त दी।
3. रजिया सुल्ताना
नवजोत सिंह सिद्धू के सलाहकार मोहम्मद मूसा की पत्नी रजिया सुल्ताना को मलेरकोटला सीट से करारी हार मिली है। उन्हें आप के मोहम्मद जमील उर रहमान ने 21686 के बड़े अंतर से हराया। इस चुनाव में रेहमान को 65948 और रजिया सुल्ताना को 44262 वोट मिले। गौरतलब है कि मलेरकोटला लंबे समय से कांग्रेस का गढ़ रहा था और अब इस सीट पर आप ने कब्जा जमाया है।
4. वित्तमंत्री मनप्रीत बादल
बठिंडा शहरी सीट से आम आदमी पार्टी के जगरूप गिल ने 64 हजार वोटों के बड़े अंतर से करारी हार मिली। बठिंडा सीट से आप के जगरूप सिंह गिल को 89,627 वोट मिले, उधर कांग्रेस के मनप्रीत सिंह बादल को महज 28,509 वोट मिले। तीसरे नंबर पर अकाली दल के सरूप चंद सिंगला रहे जिन्हें 23,264 वोट मिले हैं।
5. पीडबल्यूडी मंत्री विजय इंदर सिंगला
संगरूर विधानसभा सीट पर आदमी पार्टी की नरिंदर कौर भारज ने पंजाब सरकार के पीडबल्यूडी और तकनीक मंत्री विजय इंदर सिंगला को जबरदस्त शिकस्त दी। उन्हें 73 हजार से ज्यादा वोट मिले। भाजपा के अरविंद खन्ना तीसरे नंबर पर रहे। इस सीट पर विजय पहले ही कांग्रेस की ओर से विधायक थे। सिंगला को सीएम चन्नी का करीबी नेता माना जाता है।
6. रणदीप सिंह नाभा
अमलोह से कांग्रेस के टिकट पर विधायक रह चुके रणदीप सिंह नाभा 2021 में वह चन्नी सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाए गए थे। उन्हें कृषि व किसान कल्याण मंत्रालय का प्रभार दिया गया था। अमलोह सीट पर उन्हें आम आदमी पार्टी के गुरिंदर सिंह गैरी ने हराया। जहां गैरी को 52648 वोट मिले, वहीं रणदीप सिंह 16 हजार वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
7. भारत भूषण आशू
लुधियाना पश्चिम सीट से चुनाव लड़ रहे खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री भारत भूषण आशू को आम आदमी पार्टी के गुरप्रीत सिंह गोगी ने 7440 वोटों से हराया। जहां गोगी को 40 हजार से ज्यादा वोट मिले, तो वहीं आशू को 32 हजार वोट मिले।
8. राजकुमार वेरका
पंजाब की अमृतसर पश्चिम विधानसभा सीट से आम आदमी पार्टी के डॉ. जसवीर सिंह संधू ने कांग्रेस कैबिनेट में सामाजिक न्याय और चिकित्सा शिक्षा मंत्री राजकुमार वेरका को 44,919 वोटों से हराया। जहां आप के संधू को 68,848 वोट मिले, वहीं वेरका को 25,239 मत मिले।
9. संगत सिंह गिलजियां
पंजाब सरकार में वन और श्रम मंत्री संगत सिंह गिलजियां को उड़मुड़ सीट से आम आदमी पार्टी के जसवीर सिंह राजा गिल ने 4 हजार वोटों से हराया। गिल को 42 हजार से ज्यादा वोट मिले, वहीं गिलजियां को 38 हजार से कुछ ज्यादा वोट मिले।
10. गुरकीरत कोटली
पंजाब की खन्ना सीट से चुनाव लड़ रहे उद्योग और वाणिज्य मंत्री गुरकीरत सिंह कोली तीसरे नंबर पर रहे। यहां से आम आदमी पार्टी के तरूणप्रीत सिंह ने 61 हजार से ज्यादा वोट लेकर जीत हासिल की। दूसरे नंबर पर अकाली दल की जसदीप कौर यादू रहीं, जिन्हें 26,635 वोट मिले। इसके अलावा कोटली को 20 हजार वोटों से संतोष करना पड़ा।
किन बड़े नामों ने बचाईं अपनी सीटें
1. सुखजिंदर सिंह रंधावा
पंजाब की डेरा बाबा नानक विधानसभा सीट पर कांग्रेस पार्टी के सुखजिंदर सिंह रंधावा ने जीत हासिल की है। उन्होंने शिरोमणि अकाली दल के रविकरण सिंह कहलों को 466 मतों से हराया। डिप्टी सीएम सुखजिंदर रंधावा वही नेता हैं, जिन्होंने कबूल किया था कि कैप्टन अमरिंदर सिंह को हटाने के बाद सीएम के लिए उनका ही नाम था। उनको मुख्यमंत्री बनाने के लिए हां भी हो चुकी थी। बाद में उनके साथ बैठे चरणजीत चन्नी मुख्यमंत्री बन गए। तब यह चर्चा हुई थी कि पंजाब कांग्रेस चीफ नवजोत सिद्धू ने सीएम बनने का दावा ठोक दिया था। इसके बाद रंधावा की जगह चन्नी सीएम बन गए।
2. परगट सिंह
दूसरी तरफ जालंधर कैंट से चुनाव लड़ने वाले मंत्री परगट सिंह ने करीबी मुकाबले में आप के सुरिंदर सिंह सोढ़ी को शिकस्त दी। 1965 में जन्मे में परगट को हॉकी के बेहतरीन डिफेंडरों में माना जाता था। वे बार्सिलोना ओलंपिक 1992 और अटलांटा ओलंपिक 1996 में भारतीय हॉकी टीम के कप्तान थे।
इन पांच मंत्रियों ने भी बचा ली अपनी सीटें
फतेहगढ़ चूड़ियां से तृप्त राजिंदर बाजवा, राजासांसी से सुखबिंदर सिंह सुख सरकारिया, दीनानगर से अरूणा चौधरी और गिद्दड़बाहा से अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और कपूरथला से राणा गुरजीत सीट जीत गए।