मंडी गोबिंदगढ़: बीएससी नर्सिंग की छात्राओं का प्रदर्शन, फैकल्टी को अंदर आने से रोका, पुलिस ने खदेड़ा
छात्राओं का आरोप है कि वह जम्मू कश्मीर से हैं। 2020 में बीएससी नर्सिंग में कईं छात्राओं ने दाखिला लिया था। पढ़ाई पूरी होने के बाद देशभक्त यूनिवर्सिटी की डिग्री देने की बात कही गई थी लेकिन डिग्री पूरी होने के बाद उन्हें डॉक्टर लाल सिंह मेमोरियल कॉलेज की डिग्री थमाई जा रही है जिसकी मान्यता एनआईसी में नहीं है।
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मंडी गोबिंदगढ़ स्थित देश भगत यूनिवर्सिटी में गुरुवार को 56 विद्यार्थियों को मान्यता प्राप्त आईएनसी की डिग्री न देने पर विवाद गहरा गया। भड़के विद्यार्थियों ने सुबह लगभग 11 बजे यूनिवर्सिटी का मेन गेट बंद कर फैकल्टी सहित सभी स्टाफ को अंदर जाने से रोक दिया। हालात बिगड़ते देख यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने लगभग 250 की संख्या में पुलिस फोर्स बुला ली। भारी संख्या में महिला पुलिस बल को देख विद्यार्थी और भड़क गए और उन्होंने पुलिसकर्मियों के साथ धक्कामुक्की शुरू कर दी।
दोनों ओर से जमकर झड़प हुई। इस दौरान कई छात्राओं ने धरना स्थल पर आत्महत्या करने की धमकी भी दी। यही नहीं कुछ विद्यार्थियों ने पुलिस की गाड़ी पर पथराव कर तोड़फोड़ भी की। स्थिति पर काबू पाने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर सभी विद्यार्थियों को तितर-बितर कर दिया। इस घटना के बाद गुस्साए विद्यार्थी दोपहर लगभग तीन बजे अमलोह-गोबिंदगढ़ मार्ग पर जमा हो गए और लगभग ढाई घंटे तक सड़क पर बैठे रहे।
वहीं एसपी राकेश यादव पहुंचे और उन्होंने छात्रों को समझाने का प्रयास किया। हालांकि मामले का कोई हल नहीं निकला और स्टूडेंट लगभग साढ़े पांच बजे सड़क से उठकर चले गए। इस दौरान एसपी राकेश यादव ने बताया कि मामला सुलझाने के प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं सूत्रों ने बताया कि डीसी परनीत शेरगिल और एसएसपी डॉ. रवजोत गरेवाल की शाम को इस मामले को सुलझाने के लिए बैठक हुई, जो बेनतीजा रही।
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यह भी पता चला है कि रौजा शरीफ फतेहगढ़ साहिब और लुधियाना से कुछ धार्मिक मुस्लिम नेता मसला सुलझाने के लिए शुक्रवार को यूनिवर्सिटी कैंपस पहुंच रहे हैं। मौके पर डीएसपी अमलोह हरपिंदर कौर गिल, तहसीलदार अमलोह दिव्या सिंगला, नायब तहसीलदार मंडी गोबिंदगढ़ हरनेक सिंह, डीएसपी गुरबंस सिंह बैंस, डीएसपी रविंदर सिंह काहलों समेत कई प्रशासनिक अधिकारी भी पहुंचे।
60 के बजाय 130 विद्यार्थियों को दिया दाखिला, अब वादे से मुकरे
छात्राओं का आरोप है कि यूनिवर्सिटी के पास सिर्फ 60 सीटों की मान्यता थी। उन्हें धोखे में रखकर कुल 130 विद्यार्थियों को दाखिला दे दिया गया। पढ़ाई पूरी होने के बाद देश भगत यूनिवर्सिटी की मान्यता प्राप्त डिग्री देने की बात कही गई थी। अब डिग्री पूरी होने के बाद उन्हें लाल सिंह मेमोरियल कॉलेज की डिग्री देने की बात कही जा रही है, जिसकी मान्यता इंडियन नर्सिंग काउंसिल (आईएनसी) से नहीं है।
पिछले करीब एक हफ्ते से लगातार जम्मू-कश्मीर की छात्राएं संघर्ष कर रही हैं और मान्यता प्राप्त डिग्री की मांग की जा रही है। गुरुवार को उग्र हुए विद्यार्थियों ने यूनिवर्सिटी का गेट बंद किया तो उन पर प्रयोग किया गया। घटनास्थल पर एसपी राकेश यादव, डीएसपी अमलोह हरपिंदर कौर गिल सहित आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और विद्यार्थियों को शांत किया। छात्राओं का कहना है कि 56 विद्यार्थियों के लिए वह संघर्ष कर रहे हैं और एनआईसी की डिग्री हासिल करके ही दम लेंगे, चाहे इसके लिए जान ही क्यों न देनी पड़े।
कह रहे फीस वापस कर देंगे लेकिन तीन साल की भरपाई कौन करेगा: विद्यार्थी
बता दें कि करीब दो सप्ताह से यह विवाद चल रहा है। हफ्ताभर पहले गुस्साए विद्यार्थियों ने यूनिवर्सिटी कैंपस में तोड़फोड़ भी की थी। उनका कहना है कि यूनिवर्सिटी कह रही है कि हम आपको तीन साल की फीस वापस कर देंगे लेकिन जो तीन साल बर्बाद हुए हैं, उसकी भरपाई कौन करेगा। प्रभावित स्टूडेंट्स ने डीसी फतेहगढ़ साहिब पत्र लिखा है कि यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन, पंजाब नर्सिंग रजिस्ट्रेशन काउंसिल, पीएनआरसी, इंडियन नर्सिंग काउंसिल आईएनसी कॉलेज की ओर से दी गईं डिग्रियों की जांच करवाएं।
अधिकारी बोले- मामले की जांच करवाने के लिए बात करेंगे
एसपी इन्वेस्टिगेशन राकेश यादव का कहना है कि छात्राओं की मांगों के संबंध में इंडियन नर्सिंग काउंसिल, पंजाब नर्सिंग रजिस्ट्रेशन काउंसिल, यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन से बात करके मामले की जांच के लिए कहा जाएगा। वहीं देश भगत यूनिवर्सिटी के अधिकारियों ने विद्यार्थियों के सभी आरोपों को बेबुनियाद करार देते हुए कहा है कि यह उनका अंदरूनी मामला है और बहुत जल्द इस मसले को सुलझा लेंगे।