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पठानकोट में प्राइवेट अस्पताल का कारनामा: जिंदा मरीज को बताया मरा हुआ, रुपये कम पड़ने पर बंद किया इलाज, हंगामा
Sun, 16 Mar 2025 07:02 PM IST
अंकेश ठाकुर
संवाद न्यूज एजेंसी, पठानकोट (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, पठानकोट (पंजाब)
Published by: अंकेश ठाकुर
Updated Sun, 16 Mar 2025 07:02 PM IST
सार
निजी अस्पतालों में मरीज के इलाज के नाम पर लोगों से लूट की जा रही है। ऐसी ही घटना पंजाब के पठानकोट में भी सामने आई है। यहां एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती जिंदा मरीज को मरा हुआ बता दिया और शव परिवार को सौंपने लगे।
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अस्पताल के बाहर रोष जताते मरीज के परिजन।
- फोटो : संवाद
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विस्तार
पठानकोट के एक निजी अस्पताल का कारनामा जान हर कोई हैरान है। अस्पताल में भर्ती एक मरीज को डॉक्टर ने मरा हुआ बताया और परिवार को डेडबॉडी सौंपने तक की बात कह दी। लेकिन असल में मरीज जिंदा है और उसका इलाज चल रहा है।
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घटना पठानकोट के प्राइवेट हॉस्पिटल राज अस्पताल की है। इस घटना के बाद से राज अस्पताल एक बार फिर सूर्खियों में आ गया है। रविवार को अस्पताल में भर्ती मरीज के परिवार वालों ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ रोष जताया। वहीं, मरीज के परिजनों ने डॉक्टर पर बदतमीजी करने और रुपये न मिलने पर उपचार बंद करने जैसे कई गंभीर आरोप लगाए हैं। मरीज के परिवार ने अस्पताल के बाहर नारेबाजी करते हुए पुलिस को कार्रवाई संबंधी शिकायत भी दी है।
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पीड़ित परिवार का कहना है कि पिछले सप्ताह उनके मरीज का मामून डिफेंस रोड पर एक्सीडेंट होने पर वे पहले मरीज को सिविल अस्पताल पठानकोट लेकर गए। जहां से उन्हें राज अस्पताल रेफर कर दिया गया। राज अस्पताल में मरीज को लेकर जब आए तो वहां पर डॉक्टरों ने मरीज के बचने का 10 प्रतिशत चांस बताया। इसके बाद मरीज का अस्पताल में उपचार शुरू कर दिया गया। अस्पताल में मरीज के उपचार का एक दिन खर्च करीब 32 हजार रुपये उनसे वसूला जा रहा था। परिवार वालों ने कहा कि जब भी पैसे कम पड़ते तो डॉक्टर उपचार बंद कर देते और उन्हें मरीज से मिलने भी नहीं दिया जाता।
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रविवार को जब वे मरीज से मिलने के लिए गए तो अस्पताल के डॉ. अनिल गर्ग की तरफ से उनके साथ बदतमीजी की गई और उन्हें मरीज के मरा होने और डेडबॉडी सौंपने की बात कही, जबकि मरीज जिंदा है। परिवार के सदस्यों ने कहा कि उक्त अस्पताल के डॉक्टर खिलाफ उन्होंने पुलिस को शिकायत दर्ज करवा कार्रवाई की मांग की है।
वहीं, मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारी विजय कुमार ने कहा कि अस्पताल के बाहर रोष जताने वाले लोगों को शांत करवाया गया है और उनका मरीज अभी जिंदा है। अस्पताल में उनके मरीज का उपचार चल रहा है।