पंजाब: 41 साल बाद पदक जीत लौटे हॉकी खिलाड़ियों के स्वागत में भी राजनीति, दो गुटों ने अलग-अलग की अगुवाई
हार्दिक सिंह का स्वागत उनकी चाची गोल्डन गर्ल भारतीय हॉकी टीम की पूर्व कप्तान और अकाली नेता राजबीर कौर ने किया जबकि दूसरी तरफ कप्तान मनप्रीत सिंह, वरुण और मंदीप सिंह का स्वागत करने वाले गुट में परगट सिंह शामिल रहे।
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राजनीति में सब जायज है। पंजाब के विधानसभा चुनाव सिर पर हैं और इसकी छाया भारतीय हॉकी टीम पर भी पड़ गई है। भारतीय हॉकी टीम में चार खिलाड़ी जालंधर के हैं, जिनमें कप्तान मनप्रीत सिंह, वरुण और मंदीप सिंह एक ही गांव मिट्ठापुर के हैं। जबकि हार्दिक सिंह गांव खुसरोपुर के हैं। उनके पिता बटाला में एसपी हैं। चारों खिलाड़ी बुधवार को अमृतसर में एसजीपीसी के सम्मान समारोह में तो साथ थे लेकिन जालंधर पहुंचते-पहुंचते उनमें दूरियां बन गईं।
दरअसल, हार्दिक सिंह की चाची गोल्डन गर्ल राजबीर कौर अकाली दल की नेता हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में उन्होंने पद्मश्री परगट सिंह के खिलाफ खुद प्रचार किया था और अकाली दल के उम्मीदवार सरबजीत सिंह मक्कड़ के हक में अभियान चलाया था। कई स्थानों पर रैलियां की। परगट सिंह कांग्रेसी विधायक हैं और हॉकी के कप्तान के साथ-साथ पद्मश्री हैं। वह मंगलवार रात को ही अमृतसर पहुंच गए थे और हॉकी के तमाम खिलाड़ियों के साथ उन्होंने हॉकी टीम का स्वागत किया। इसके बाद जालंधर के चारों खिलाड़ियों को लेकर जालंधर की तरफ निकल गए।
जिला खेल अधिकारी का कार्यालय भी दो गुटों में बंटा
हालात यह थे कि जिला खेल अधिकारी का कार्यालय भी दो गुटों में बंट गया। कुछ अधिकारी हार्दिक के साथ चले गए जबकि बाकी परगट सिंह के साथ। दरअसल, चारों खिलाड़ी जालंधर कैंट विधानसभा हलके से हैं। इसके विधायक परगट सिंह हैं और इस बार राजबीर कौर अकाली दल से टिकट लेकर परगट सिंह को टक्कर देने की तैयारी कर रही हैं।
सरकार की बेरुखी... हॉकी टीम का स्वागत करने कोई नहीं पहुंचा
विश्व में अगर बात चले कि हॉकी का मक्का कहां है, तो तपाक से उत्तर मिलेगा जालंधर। जालंधर वह जिला है, जिसके रहने वाले चार हॉकी खिलाड़ियों ने इतिहास रच दिया है। चारों बुधवार को जालंधर तो पहुंचे तो लेकिन देश के लिए मैदान में पसीना बहाने वाले चारों खिलाड़ियों के स्वागत के लिए कोई प्रशासनिक अधिकारी नहीं पहुंचा। कुछ रिटायर और मौजूदा अधिकारी पहुंचे, जो हॉकी के खिलाड़ी थे। स्वागत के लिए खेल विभाग ने भी कोई बंदोबस्त नहीं किया। हॉकी प्रेमियों ने अपने स्तर पर जालंधर में जश्न का माहौल जरूर तैयार किया।
टोक्यो ओलंपिक में कांस्य जीत 41 साल बाद इतिहास रचने वाली भारतीय पुरुष हॉकी टीम के कप्तान मनप्रीत सिंह, मनदीप सिंह, वरुण कुमार और हार्दिक सिंह बुधवार दोपहर को जालंधर पहुंचे। उनको अमृतसर से रिसीव करने के लिए पद्मश्री परगट सिंह खुद गए थे। सिर्फ जिला स्पोर्ट्स अधिकारी उमेश शर्मा और एसडीएम बलवीर राजा ही खिलाड़ियों के साथ नजर आए अन्यथा जालंधर में डिवीजनल कमिश्नर से लेकर डीसी और आईजी स्तर के अधिकारियों से लेकर डीजीपी स्तर के अधिकारियों का हेडक्वार्टर है, लेकिन किसी ने इन खिलाड़ियों का स्वागत करने की जहमत नहीं उठाई। एआईजी एनआरआई हरप्रीत मंडेर नजर आए लेकिन वह हॉकी खिलाड़ी हैं, इसलिए वह मौके पर गए।
हॉकी का केंद्र बिंदु है जालंधर
पहले गुरुद्वारा साहिब फिर गांव के हॉकी मैदान को दिखाए मेडल
कप्तान मनप्रीत सिंह, वरुण और मंदीप सिंह जब जालंधर पहुंचे तो रामामंडी चौक से लेकर विभिन्न स्थानों पर उनका जोरदार स्वागत किया गया। कई स्थानों पर फूल बरसाए गए और खिलाड़ियों के गले में फूल मालाएं डाली गईं। गांव में पहुंचते ही ढोल की थाप पर महिलाएं नाचती नजर आईं। गांव मिट्ठापुर में उत्सव का माहौल था। गांव के तीन शेर गले में पदक डालकर खुली गाड़ी में जब गांव पहुंचे तो ढोल की थाप पर तमाम लोगों के पैर थिरकने शुरू हो गए। खुशी से आंसू छलकने लगे। तीनों खिलाड़ियों ने गांव के गुरुद्वारा साहिब में माथा टेका और कीर्तन श्रवण किया। इसके बाद तीनों गांव में हॉकी मैदान में गए, जहां उन्होंने मैदान में मेडल दिखाकर नमन किया। गांव के हॉकी मैदान में हॉकी खेलने वाले छोटे बच्चों ने उनका जोरदार ढंग से स्वागत किया और फूल बरसाए।