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Patiala News: जन्मदिन पर केक काटकर आए युवक का तेजधार हथियारों से कत्ल, पिता घायल
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गांव बारन की वारदात, रंजिश के चलते पड़ोसी ने साथियों के साथ दिया वारदात को अंजाम
थाना अनाज मंडी पुलिस मामले की जांच में जुटी, सभी आरोपी फरार
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला। गांव बारन में जन्मदिन पर ही युवक का तेजधार हथियारों से कत्ल कर दिया गया। इस दौरान उसका पिता बुरी तरह से घायल हो गया। पिता सरकारी राजिंदरा अस्पताल में उपचाराधीन है। परिजनों का आरोप है कि रंजिश के चलते पड़ोसी, उसके दो भतीजों ने अपने साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया है। आरोपियों की संख्या 15 के करीब थी। मृतक की पहचान विक्रमजीत सिंह (24) के तौर पर हुई है। विक्रमजीत सिंह परिवार का इकलौता बेटा था। राखी के दिन भाई की मौत से बहन का भी रो-रो बुरा हाल था।
मृतक की मां कर्मजीत कौर ने बताया कि सोमवार को उनके बेटे विक्रमजीत सिंह का जन्मदिन था और वह अपने दोस्तों के साथ केक काट कर रात को मोटरसाइकिल पर घर वापस लौटा। अभी वह मोटरसाइकिल खड़ा कर ही रहा था कि विक्रमजीत सिंह की पड़ोसियों के साथ किसी बात को लेकर बहस हो गई। इसके बाद पड़ोसी हरविंदर सिंह, उसके दो भतीजों ने बाहर से अपने 10 साथियों को बुला लिया। शराब के नशे में पड़ोसी व उसके साथी घर की छत पर चढ़कर ललकारे मारने लगे। विक्रमजीत सिंह का पिता हरजिंदर सिंह बाहर निकाला, तो उस पर हमला बोल दिया। बचाव में खुद विक्रमजीत सिंह बाहर आया तो उसे भी पकड़ लिया और तेजधार हथियार गंडासे, टाकुआ और बरछी के साथ हमला कर दिया। इस दौरान विक्रमजीत सिंह गंभीर घायल हो गया, जिसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। तुरंत बाप-बेटे को अस्पताल दाखिल कराया गया, जहां उपचार के दौरान विक्रमजीत सिंह की मौत हो गई।
चार महीने पहले बड़े भाई की बीमारी से हुई थी मौत
मां कर्मजीत कौर ने बताया कि चार महीने पहले उनके 26 साल के बड़े बेटे की शूगर की बीमारी के कारण मौत हो गई थी। इसके बाद परिवार की सारी उम्मीदें विक्रमजीत सिंह से थी। पिता दिहाड़ी करते हैं। इससे ज्यादा कमाई न हो पाने के कारण परिवार पूरी तरह से विक्रमजीत सिंह पर निर्भर था, जो एक प्राइवेट अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ के तौर पर काम करता था।
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इटली जाने की तैयारी में था विक्रमजीत
विक्रमजीत सिंह का 1 सितंबर को वीजा आने वाला था। वह इटली जाने की तैयारी में था। मां के मुताबिक सोमवार को जन्मदिन पर विक्रमजीत काफी खुश था और कह रहा था कि मम्मी बाहर जाने के लिए नया फोन और कपड़े लेने हैं। जवाब में कर्मजीत कौर ने कहा कि सब कुछ ले लेंगे, बस वह पहले अपना जन्मदिन उनके साथ मना ले। पता नहीं अब कितने साल बाद विदेश से आना हो। अब दोनों बेटों के जाने के बाद दोनों बुजुर्ग मां-बाप के पास एक बेटी रह गई है।
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थाना अनाज मंडी पुलिस मामले की जांच में जुटी, सभी आरोपी फरार
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला। गांव बारन में जन्मदिन पर ही युवक का तेजधार हथियारों से कत्ल कर दिया गया। इस दौरान उसका पिता बुरी तरह से घायल हो गया। पिता सरकारी राजिंदरा अस्पताल में उपचाराधीन है। परिजनों का आरोप है कि रंजिश के चलते पड़ोसी, उसके दो भतीजों ने अपने साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया है। आरोपियों की संख्या 15 के करीब थी। मृतक की पहचान विक्रमजीत सिंह (24) के तौर पर हुई है। विक्रमजीत सिंह परिवार का इकलौता बेटा था। राखी के दिन भाई की मौत से बहन का भी रो-रो बुरा हाल था।
मृतक की मां कर्मजीत कौर ने बताया कि सोमवार को उनके बेटे विक्रमजीत सिंह का जन्मदिन था और वह अपने दोस्तों के साथ केक काट कर रात को मोटरसाइकिल पर घर वापस लौटा। अभी वह मोटरसाइकिल खड़ा कर ही रहा था कि विक्रमजीत सिंह की पड़ोसियों के साथ किसी बात को लेकर बहस हो गई। इसके बाद पड़ोसी हरविंदर सिंह, उसके दो भतीजों ने बाहर से अपने 10 साथियों को बुला लिया। शराब के नशे में पड़ोसी व उसके साथी घर की छत पर चढ़कर ललकारे मारने लगे। विक्रमजीत सिंह का पिता हरजिंदर सिंह बाहर निकाला, तो उस पर हमला बोल दिया। बचाव में खुद विक्रमजीत सिंह बाहर आया तो उसे भी पकड़ लिया और तेजधार हथियार गंडासे, टाकुआ और बरछी के साथ हमला कर दिया। इस दौरान विक्रमजीत सिंह गंभीर घायल हो गया, जिसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। तुरंत बाप-बेटे को अस्पताल दाखिल कराया गया, जहां उपचार के दौरान विक्रमजीत सिंह की मौत हो गई।
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चार महीने पहले बड़े भाई की बीमारी से हुई थी मौत
मां कर्मजीत कौर ने बताया कि चार महीने पहले उनके 26 साल के बड़े बेटे की शूगर की बीमारी के कारण मौत हो गई थी। इसके बाद परिवार की सारी उम्मीदें विक्रमजीत सिंह से थी। पिता दिहाड़ी करते हैं। इससे ज्यादा कमाई न हो पाने के कारण परिवार पूरी तरह से विक्रमजीत सिंह पर निर्भर था, जो एक प्राइवेट अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ के तौर पर काम करता था।
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इटली जाने की तैयारी में था विक्रमजीत
विक्रमजीत सिंह का 1 सितंबर को वीजा आने वाला था। वह इटली जाने की तैयारी में था। मां के मुताबिक सोमवार को जन्मदिन पर विक्रमजीत काफी खुश था और कह रहा था कि मम्मी बाहर जाने के लिए नया फोन और कपड़े लेने हैं। जवाब में कर्मजीत कौर ने कहा कि सब कुछ ले लेंगे, बस वह पहले अपना जन्मदिन उनके साथ मना ले। पता नहीं अब कितने साल बाद विदेश से आना हो। अब दोनों बेटों के जाने के बाद दोनों बुजुर्ग मां-बाप के पास एक बेटी रह गई है।