{"_id":"114d7e57a1707305a086a908f69724d5","slug":"wine-shop-closed-punjab-patiala-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बहादुरगढ़ में शराब के ठेके को आबकारी विभाग ने कराया बंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बहादुरगढ़ में शराब के ठेके को आबकारी विभाग ने कराया बंद
ब्यूरो/अमर उजाला, पटियाला
Updated Fri, 01 Jan 2016 03:34 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
निकटवर्ती कसबा बहादुरगढ़ की सुपर मार्केट में शराब के खुले ठेके को वीरवार
विज्ञापन
को आबकारी विभाग ने बंद करवाकर सारा माल अपने कब्जे में ले लिया।
इस कार्रवाई के बाद भड़के ठेकेदारों ने विभाग के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया। वीरवार सुबह ईटीओ चंद्र मेहता और एक्साइज इंस्पेक्टर सोनिया गुप्ता की अगुवाई में विभाग की टीम ने बहादुरगढ़ का ठेका बंद करवा दिया। एक्साइज विभाग की टीम का कहना था कि ठेका हाईकोर्ट के आदेशों का उल्लंघन करने के कारण बंद कराया गया है।
इस दौरान मौके पर मौजूद ठेकेदार नरपत सिंगला और मौदगिल ने कहा कि ठेका जबरदस्ती बगैर किसी लिखित नोटिस बंद करवा कर विभाग के अधिकारी माल भी उठा ले गए हैं। विभाग उनकी दुकानें पक्के तौर पर ही बंद करवा दे और उनकी फीस माफ की जाए।
ईटीओ चंद्र मेहता ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद ठेका बंद कराया गया है। जब उनसे ठेकों की हाईवे से दूरी पर हाईकोर्ट के और दिशा-निर्देश बारे पूछा गया, तो उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया।
इस कार्रवाई के बाद भड़के ठेकेदारों ने विभाग के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया। वीरवार सुबह ईटीओ चंद्र मेहता और एक्साइज इंस्पेक्टर सोनिया गुप्ता की अगुवाई में विभाग की टीम ने बहादुरगढ़ का ठेका बंद करवा दिया। एक्साइज विभाग की टीम का कहना था कि ठेका हाईकोर्ट के आदेशों का उल्लंघन करने के कारण बंद कराया गया है।
इस दौरान मौके पर मौजूद ठेकेदार नरपत सिंगला और मौदगिल ने कहा कि ठेका जबरदस्ती बगैर किसी लिखित नोटिस बंद करवा कर विभाग के अधिकारी माल भी उठा ले गए हैं। विभाग उनकी दुकानें पक्के तौर पर ही बंद करवा दे और उनकी फीस माफ की जाए।
ईटीओ चंद्र मेहता ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद ठेका बंद कराया गया है। जब उनसे ठेकों की हाईवे से दूरी पर हाईकोर्ट के और दिशा-निर्देश बारे पूछा गया, तो उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया।