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बीटी काटन पर सफेद मक्खी का कहर जारी
ब्यूरो,अमर उजाला/संगरूर
Updated Fri, 22 Jul 2016 03:48 PM IST
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संगरूर में सफेद मक्खी की चपेट में आई नरमे की फसल को जोतता एक किसान।
- फोटो : अमर उजाला
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जिले में बीटी काटन पर सफेद मक्खी का कहर जारी है। किसानों के पास सफेद मक्खी से प्रभावित हुई फसल को जोतने को विवश हैं।
इसके चलते गांव हरियाऊ में दो किसानों ने अपनी फसल को जोत दिया।
गांव हरियाऊ के किसान संदीप कुमार और भजन सिंह ने अपनी एक-एक एकड़ जमीन में महंगे भाव का बीज खरीदकर बीटी काटन की बिजाई की थी। दो महीने पहले लगाई इस फसल पर अब फल फूल आने का समय था, लेकिन सफेद मक्खी ने फसल को अपनी चपेट में लेकर उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। मजबूरीवश किसानों को अपनी फसल जोतनी पड़ी।
किसानों का कहना है कि इससे उनका हजारों रुपये का नुकसान हो गया है जिसकी भरपाई कर पाना उनके बस में नहीं है। पहले ही किसान आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं ऐसे में फसल के खराब होने से उनकी कमर टूट गई है। उन्होंने कहा कि पिछले साल भी सफेद मक्खी का कहर किसानों के बीटी काटन पर बरपा था।
कृषि विभाग तथा सरकार ने दावा किया था कि इस बार सफेद मक्खी से निपटने के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं जिससे किसानों की फसल बर्बाद नहीं होगी किंतु सरकार के दावे खोखले साबित हुए। इसका खामियाजा किसान भुगत रहे हैं। उन्होंने सरकार से बर्बाद हुई फसल के उचित मुआवजे की मांग की।
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इसके चलते गांव हरियाऊ में दो किसानों ने अपनी फसल को जोत दिया।
गांव हरियाऊ के किसान संदीप कुमार और भजन सिंह ने अपनी एक-एक एकड़ जमीन में महंगे भाव का बीज खरीदकर बीटी काटन की बिजाई की थी। दो महीने पहले लगाई इस फसल पर अब फल फूल आने का समय था, लेकिन सफेद मक्खी ने फसल को अपनी चपेट में लेकर उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। मजबूरीवश किसानों को अपनी फसल जोतनी पड़ी।
किसानों का कहना है कि इससे उनका हजारों रुपये का नुकसान हो गया है जिसकी भरपाई कर पाना उनके बस में नहीं है। पहले ही किसान आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं ऐसे में फसल के खराब होने से उनकी कमर टूट गई है। उन्होंने कहा कि पिछले साल भी सफेद मक्खी का कहर किसानों के बीटी काटन पर बरपा था।
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कृषि विभाग तथा सरकार ने दावा किया था कि इस बार सफेद मक्खी से निपटने के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं जिससे किसानों की फसल बर्बाद नहीं होगी किंतु सरकार के दावे खोखले साबित हुए। इसका खामियाजा किसान भुगत रहे हैं। उन्होंने सरकार से बर्बाद हुई फसल के उचित मुआवजे की मांग की।
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