{"_id":"6265821c0a102a0843218501","slug":"wheat-lifting-speed-in-mandis-still-slow-5-88-420-metric-tonnes-of-wheat-procured-in-the-district-but-no-lifting-of-1-64-743-patiala-news-pkl448631787","type":"story","status":"publish","title_hn":"मंडियों में गेहूं की लिफ्टिंग की रफ्तार अभी भी धीमी जिले में 5,88,420 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद, लेकिन 1,64,743 की लिफ्टिंग नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मंडियों में गेहूं की लिफ्टिंग की रफ्तार अभी भी धीमी जिले में 5,88,420 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद, लेकिन 1,64,743 की लिफ्टिंग नहीं
विज्ञापन
पटियाला। गेहूं का खरीद सीजन लगभग खत्म होने वाला है। अभी भी मंडियों में गेहूं की लिफ्टिंग का काम धीमी रफ्तार से चल रहा है। आंकड़ों के मुताबिक जिले की मंडियों में अब तक 5 लाख 88 हजार 420 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो गई है। इसमें से 1 लाख 64 हजार 743 मीट्रिक टन गेहूं अभी भी मंडियों में पड़ा है।
जिला मंडी अधिकारी अजयपाल सिंह बराड़ के मुताबिक खरीदे गेहूं में से करीब 30 फीसदी केंद्र की ओर से बाकी राज्यों में जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाया जा रहा है। इस काम के लिए स्पेशल ट्रेनें लगाई गईं हैं। इसलिए पहल फिलहाल ट्रेनों तक ट्रकों के जरिये गेहूं की बोरियां भिजवाने को दी जा रही है। जो गेहूं स्थानीय गोदामों में स्टोर होना है, उसे बाद में उठाया जाएगा। इसलिए फिलहाल मंडियों में काफी मात्रा में गेहूं पड़ा है।
मंडियों में पहुंचा 5 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा गेहूं
आंकड़ों के मुताबिक जिले की मंडियों में अब तक पांच लाख 88 हजार 420 मीट्रिक टन गेहूं पहुंचा है। यह सारा गेहूं खरीदा जा चुका है। खास बात यह है कि इस बार निजी खरीद 33905 मीट्रिक टन हुई है, जो कई सालों के मुकाबले बहुत ज्यादा है। सरकारी खरीद पांच लाख 54 हजार 515 मीट्रिक टन की हुई है। खरीदे गए गेहूं में से एक लाख 64 हजार 743 मीट्रिक टन अभी भी मंडियों में पड़ा है।
विज्ञापन
कोट्
बिके हुए गेहूं में से 72 फीसदी की लिफ्टिंग हो चुकी है। बाकी को भी जल्द उठा लिया जाएगा। अब बहुत कम किसान फसल बेचने के लिए मंडियों में आ रहे हैं। सीजन लगभग समाप्त है। हालांकि अभी मंडियां खुली रखीं जाएंगी। अगर कोई किसान अपनी फसल बेचना चाहे तो आ सकता है। - अजयपाल सिंह बराड़, जिला मंडी अधिकारी।
विज्ञापन
जिला मंडी अधिकारी अजयपाल सिंह बराड़ के मुताबिक खरीदे गेहूं में से करीब 30 फीसदी केंद्र की ओर से बाकी राज्यों में जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाया जा रहा है। इस काम के लिए स्पेशल ट्रेनें लगाई गईं हैं। इसलिए पहल फिलहाल ट्रेनों तक ट्रकों के जरिये गेहूं की बोरियां भिजवाने को दी जा रही है। जो गेहूं स्थानीय गोदामों में स्टोर होना है, उसे बाद में उठाया जाएगा। इसलिए फिलहाल मंडियों में काफी मात्रा में गेहूं पड़ा है।
विज्ञापन
मंडियों में पहुंचा 5 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा गेहूं
आंकड़ों के मुताबिक जिले की मंडियों में अब तक पांच लाख 88 हजार 420 मीट्रिक टन गेहूं पहुंचा है। यह सारा गेहूं खरीदा जा चुका है। खास बात यह है कि इस बार निजी खरीद 33905 मीट्रिक टन हुई है, जो कई सालों के मुकाबले बहुत ज्यादा है। सरकारी खरीद पांच लाख 54 हजार 515 मीट्रिक टन की हुई है। खरीदे गए गेहूं में से एक लाख 64 हजार 743 मीट्रिक टन अभी भी मंडियों में पड़ा है।
विज्ञापन
कोट्
बिके हुए गेहूं में से 72 फीसदी की लिफ्टिंग हो चुकी है। बाकी को भी जल्द उठा लिया जाएगा। अब बहुत कम किसान फसल बेचने के लिए मंडियों में आ रहे हैं। सीजन लगभग समाप्त है। हालांकि अभी मंडियां खुली रखीं जाएंगी। अगर कोई किसान अपनी फसल बेचना चाहे तो आ सकता है। - अजयपाल सिंह बराड़, जिला मंडी अधिकारी।