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गायन और वादन की सोलो पेशकारियों ने मन मोहा
ब्यूरो, अमर उजाला, पटियाला
Updated Wed, 23 Mar 2016 10:22 PM IST
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पटियाला की पंजाबी यूनिवर्सिटी में आयोजित आठवें रबाबी भाई मरदाना शास्त्रीय संगीत सम्मेलन के समापन मौके अपने फन का प्रदर्शन करते कलाकार।
- फोटो : amarujala
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पंजाबी यूनिवर्सिटी में आयोजित तीन दिवसीय आठवां रबाबी भाई मरदाना शास्त्रीय संगीत सम्मेलन गायन और तबला वादन की सोलो पेशकारियों के साथ समापन हो गया। यह दिन संगीताचार्य प्रिंसिपल श्मशेर सिंह करीर को समर्पित रहा। इस मौके पर गौरीपुर घराने के प्रसिद्ध सितार वादक एवं गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी के संगीत विभाग के पूर्व प्रमुख डा. वरिंदर कुमार को प्रिंसिपल श्मशेर सिंह करीर स्मृति अवार्ड के साथ सम्मानित किया गया। इनके अलावा पूर्व डीन डा. सुनीता धीर व डा. गुरचरन सिंह को भी विशेष तौर पर सम्मानित किया गया।
संगीत सम्मेलन के आखिरी दिन का आगाज तबले के सोलो वादन के साथ हुआ। इस मौके पर पंजाब घराने के तबला वादक जैदेव के शार्गिद राजविंदर सिंह ने तीन ताल में तबले के सोलो वादन की पेशकारी की। इनके साथ हारमोनियम पर संगत भीष्म शर्मा ने की। डा. अलंकार सिंह ने शास्त्रीय गायन पेश किया। उन्होंने राग शुद्ध सारंग में विलंबित ख्याल प्रोफेसर तारा सिंह की और पंडित गणेश प्रसाद शर्मा की बंदिश और राग काफी में परंपरागत बंदिश आज खेलो श्याम संग होरी श्रोताओं को सुनाई।
संगीत विभाग की पूर्व प्रमुख डा. निवेदिता सिंह ने राग नंद में डा. अलंकार सिंह का साथ दिया और इकट्ठा पंजाबी बंदिश की पेशकारी की। जिसकी श्रोताओं ने काफी सराहना की। इनके बाद तबला वादक हरगीत सिंह ने तीन ताल में तबले का सोलो वादन पेश किया। डा. हरविंदर शर्मा चंडीगढ़ ने सितार वादन पेश किया। उन्होंने अलाप, तानों व झाले की खूबसूरत पेशकारी की। उन्होंने अपने गुरु उस्ताद विलायर खां साहिब की ओर से राग पीलू में रचित धुन का वादन किया।
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संगीत सम्मेलन के आखिरी दिन का आगाज तबले के सोलो वादन के साथ हुआ। इस मौके पर पंजाब घराने के तबला वादक जैदेव के शार्गिद राजविंदर सिंह ने तीन ताल में तबले के सोलो वादन की पेशकारी की। इनके साथ हारमोनियम पर संगत भीष्म शर्मा ने की। डा. अलंकार सिंह ने शास्त्रीय गायन पेश किया। उन्होंने राग शुद्ध सारंग में विलंबित ख्याल प्रोफेसर तारा सिंह की और पंडित गणेश प्रसाद शर्मा की बंदिश और राग काफी में परंपरागत बंदिश आज खेलो श्याम संग होरी श्रोताओं को सुनाई।
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संगीत विभाग की पूर्व प्रमुख डा. निवेदिता सिंह ने राग नंद में डा. अलंकार सिंह का साथ दिया और इकट्ठा पंजाबी बंदिश की पेशकारी की। जिसकी श्रोताओं ने काफी सराहना की। इनके बाद तबला वादक हरगीत सिंह ने तीन ताल में तबले का सोलो वादन पेश किया। डा. हरविंदर शर्मा चंडीगढ़ ने सितार वादन पेश किया। उन्होंने अलाप, तानों व झाले की खूबसूरत पेशकारी की। उन्होंने अपने गुरु उस्ताद विलायर खां साहिब की ओर से राग पीलू में रचित धुन का वादन किया।
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