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गुरमेहर कौर के बारे में बोलने से अच्छा मौन रहना ठीक : वरुण गांधी
मंडी गोबिंदगढ़
Updated Wed, 08 Mar 2017 03:15 PM IST
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मंडी गोबिंदगढ़ की देश भगत यूनिवर्सिटी में विद्यार्थियों से रूबरू होते हुए सांसद वरुण गांधी।
- फोटो : अमर उजाला
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उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर लोकसभा हलका के सांसद वरुण गांधी ने कहा मैं गुरमेहर कौर के बारे में कुछ बोलना नहीं चाहता, उसके लिए तो मौन रहना ही ठीक है, किंतु इतना जरूर जानता हूं कि राजनीति मुद्दों की होनी चाहिए। नेशनल्टी फ्रीडम ऑफ स्पीच का बैलेंस होना चाहिए। हर बात को नैगेटिव नहीं लेना चाहिए। वरुण लोहा नगरी मंडी गोबिंदगढ़ की देश भगत यूनिवर्सिटी में राष्ट्रीय नव-निर्माण के लिए नई सोच के तहत आयोजित वर्कशाप में बतौर मुख्य वक्ता बोल रहे थे।
वरुण गांधी ने पूरे 52 मिनट युवाओं को देश के कामयाब युवाओं की कहानियां सुनाकर मार्गदर्शन किया। उन्होंने कहा कि मैं किसी के खिलाफ नहीं बोलता। आप ने कभी सुना भी नहीं होगा। मैं काम करने में विश्वास रखता हूं। राजनीति का मतलब, काम करना होता है और बहस संसद भवन तक सीमित होनी चाहिए और राजनीति में पारदर्शिता जरूर है। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बारे कहा कि वह एक कर्मठ एवं देश हित में अच्छा काम कर रहे हैं।
सांसद गांधी ने कहा कि दुनिया भर में अधिक युवा संख्या हमारे भारत में है। 41 प्रतिशत युवा 20 साल की आयु के हैं। भारत की सबसे बड़ी यूनियन 1936 में दिल्ली के हिंदू कालेज में बनीं थी। उसके बाद लखनऊ में युवा फेडरेशन का गठन हुआ। युवा अपनी ताकत को पहचाने और देश के नव-निर्माण में अपना योगदान दें।
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आंकड़ों में बात करते हुए वरुण ने कहा कि आज 90 फीसदी युवाओं के पास मोबाइल फोन हैं, 22 फीसदी के पास स्मार्ट फोन हैं, 15 फीसदी वाहट्स एप तथा 16 फीसदी फेसबुक से जुड़े हुए हैं। लगातार सोशल मीडिया के प्रचलन से युवाओं का जुड़ना हमारे देश की तरक्की और उन्नति में योगदान है।
वरुण ने कहा कि अगर मेरे नाम से गांधी शब्द ना जुड़ा होता तो मुझे यहां कोई ना बुलाता। शायद मेरी खासियत ये रही कि मैं गांधी परिवार से हूं और मेरी पढ़ाई विदेश में हुई है। किसी नाम की खासियत के आगे पीछे जाने से बेहतर हमें युवाओं में कल का भविष्य तराशना होगा।
वरुण गांधी ने मंच से नागालैंड के बाबर अली, नेत्रहीन श्रीकांत, पंजाब की बिसमन देओ, उड़ीसा की ललिता श्रीसहाय, छत्तीसगढ़ की महादेवी, बालकनामा मैगजीन की चांदनी, चेतना एनजीओ, अंशुल तिवारी, एश्वर्या पराशर, शभा प्रवीन समेत 20 युवाओं के सफल जीवन में बताया। इससे पहले चांसलर डा. जोरा सिंह एवं प्रो चांसलर तेजिंदर कौर ने सांसद वरुण गांधी को स्मृति देकर सम्मानित किया। पर्यावरण की सुरक्षा को लेकर संदेश देते हुए वरुण गांधी ने यूनिवर्सिटी प्रांगण में कपूर का पौधरोपण भी किया।
मेरे पिता के बारे में कोई नहीं बताता
वरुण गांधी ने किसी भी राजनीतिक बात का सही जवाब देने की बजाय अपने अंदाज में उसको पाज्टिव बात पेश करते रहे और बातों बातों में कहा कि मेरे पिता संजय गांधी जी ने मारुति उद्योग खड़ा किया, नोयडा एवं गुडग़ांव बसाया और कई जनकल्याणकारी कार्य किए किंतु उनके कार्यों के बारे में कोई नहीं बताता। इसके अलावा उन्होंने कोई भी राजनीतिक बात नहीं की और ना ही किसी पर टिप्पणी की।
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वरुण गांधी ने पूरे 52 मिनट युवाओं को देश के कामयाब युवाओं की कहानियां सुनाकर मार्गदर्शन किया। उन्होंने कहा कि मैं किसी के खिलाफ नहीं बोलता। आप ने कभी सुना भी नहीं होगा। मैं काम करने में विश्वास रखता हूं। राजनीति का मतलब, काम करना होता है और बहस संसद भवन तक सीमित होनी चाहिए और राजनीति में पारदर्शिता जरूर है। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बारे कहा कि वह एक कर्मठ एवं देश हित में अच्छा काम कर रहे हैं।
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सांसद गांधी ने कहा कि दुनिया भर में अधिक युवा संख्या हमारे भारत में है। 41 प्रतिशत युवा 20 साल की आयु के हैं। भारत की सबसे बड़ी यूनियन 1936 में दिल्ली के हिंदू कालेज में बनीं थी। उसके बाद लखनऊ में युवा फेडरेशन का गठन हुआ। युवा अपनी ताकत को पहचाने और देश के नव-निर्माण में अपना योगदान दें।
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आंकड़ों में बात करते हुए वरुण ने कहा कि आज 90 फीसदी युवाओं के पास मोबाइल फोन हैं, 22 फीसदी के पास स्मार्ट फोन हैं, 15 फीसदी वाहट्स एप तथा 16 फीसदी फेसबुक से जुड़े हुए हैं। लगातार सोशल मीडिया के प्रचलन से युवाओं का जुड़ना हमारे देश की तरक्की और उन्नति में योगदान है।
वरुण ने कहा कि अगर मेरे नाम से गांधी शब्द ना जुड़ा होता तो मुझे यहां कोई ना बुलाता। शायद मेरी खासियत ये रही कि मैं गांधी परिवार से हूं और मेरी पढ़ाई विदेश में हुई है। किसी नाम की खासियत के आगे पीछे जाने से बेहतर हमें युवाओं में कल का भविष्य तराशना होगा।
वरुण गांधी ने मंच से नागालैंड के बाबर अली, नेत्रहीन श्रीकांत, पंजाब की बिसमन देओ, उड़ीसा की ललिता श्रीसहाय, छत्तीसगढ़ की महादेवी, बालकनामा मैगजीन की चांदनी, चेतना एनजीओ, अंशुल तिवारी, एश्वर्या पराशर, शभा प्रवीन समेत 20 युवाओं के सफल जीवन में बताया। इससे पहले चांसलर डा. जोरा सिंह एवं प्रो चांसलर तेजिंदर कौर ने सांसद वरुण गांधी को स्मृति देकर सम्मानित किया। पर्यावरण की सुरक्षा को लेकर संदेश देते हुए वरुण गांधी ने यूनिवर्सिटी प्रांगण में कपूर का पौधरोपण भी किया।
मेरे पिता के बारे में कोई नहीं बताता
वरुण गांधी ने किसी भी राजनीतिक बात का सही जवाब देने की बजाय अपने अंदाज में उसको पाज्टिव बात पेश करते रहे और बातों बातों में कहा कि मेरे पिता संजय गांधी जी ने मारुति उद्योग खड़ा किया, नोयडा एवं गुडग़ांव बसाया और कई जनकल्याणकारी कार्य किए किंतु उनके कार्यों के बारे में कोई नहीं बताता। इसके अलावा उन्होंने कोई भी राजनीतिक बात नहीं की और ना ही किसी पर टिप्पणी की।