{"_id":"6167412217b36960121fe533","slug":"two-in-villages-then-one-hour-cut-in-cities-patiala-news-pkl429946642","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिजली संकट : गांवों में दो तो शहरों में लगा एक घंटे का कट, किसानों को भी छह की बजाय तीन घंटे ही मिली सप्लाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिजली संकट : गांवों में दो तो शहरों में लगा एक घंटे का कट, किसानों को भी छह की बजाय तीन घंटे ही मिली सप्लाई
विज्ञापन
पटियाला। रोपड़ और गोइंदवाल थर्मल प्लांटों के बंद पड़े दो यूनिट मंगलवार को दोबारा शुरू होने से उपभोक्ताओं को बुधवार को कटों से काफी राहत रही। जहां शहरों में केवल एक घंटे के तो वहीं गांवों में दो घंटे के कट लगे। लेकिन किसानों की मुसीबतें कम नहीं हुईं। उन्हें छह घंटे बिजली सप्लाई देने के वादे के विपरीत केवल तीन घंटे सप्लाई मिली। बुधवार को भी अधिकतम मांग 9489 मेगावाट दर्ज की गई, जिसे पूरा करने के लिए पावरकॉम को 5110 मेगावाट बिजली खरीद करनी पड़ी।
उधर पंजाब के थर्मल प्लांटों में रोपड़ में ढाई दिन का, लहरा मुहब्बत में दो दिन, तलवंडी साबो में दो, राजपुरा में ढाई दिन व गोइंदवाल में मात्र डेढ़ दिन का कोयला शेष है। इन थर्मलों के 15 यूनिटों में से अब केवल तीन बंद हैं, जिनमें एक रोपड़, एक लहरा मुहब्बत का व एक तलवंडी साबो का यूनिट शामिल है।
बुधवार को सरकारी थर्मल प्लांट से पावरकॉम को 1040 मेगावाट, हाइडल प्लांट से 350 मेगावाट, सोलर प्रोजेक्ट से 75 व निजी थर्मल प्लांट से 2663 मेगावाट बिजली मिली। यह कुल 4128 मेगावाट है, जो मंगलवार के मुकाबले 268 मेगावाट अधिक है। इसी कारण उपभोक्ताओं को कटों से काफी राहत रही।
विज्ञापन
शहरों में करीब एक घंटे का व गांवों में दो घंटे के कट लगे। बुधवार को दिन के समय अधिकतम मांग 9489 मेगावाट दर्ज की गई। जिसे पूरा करने के लिए पावरकॉम ने बाहर से 5100 मेगावाट से ज्यादा बिजली ली।
विज्ञापन
उधर पंजाब के थर्मल प्लांटों में रोपड़ में ढाई दिन का, लहरा मुहब्बत में दो दिन, तलवंडी साबो में दो, राजपुरा में ढाई दिन व गोइंदवाल में मात्र डेढ़ दिन का कोयला शेष है। इन थर्मलों के 15 यूनिटों में से अब केवल तीन बंद हैं, जिनमें एक रोपड़, एक लहरा मुहब्बत का व एक तलवंडी साबो का यूनिट शामिल है।
विज्ञापन
बुधवार को सरकारी थर्मल प्लांट से पावरकॉम को 1040 मेगावाट, हाइडल प्लांट से 350 मेगावाट, सोलर प्रोजेक्ट से 75 व निजी थर्मल प्लांट से 2663 मेगावाट बिजली मिली। यह कुल 4128 मेगावाट है, जो मंगलवार के मुकाबले 268 मेगावाट अधिक है। इसी कारण उपभोक्ताओं को कटों से काफी राहत रही।
विज्ञापन
शहरों में करीब एक घंटे का व गांवों में दो घंटे के कट लगे। बुधवार को दिन के समय अधिकतम मांग 9489 मेगावाट दर्ज की गई। जिसे पूरा करने के लिए पावरकॉम ने बाहर से 5100 मेगावाट से ज्यादा बिजली ली।