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थर्मल प्लांटों में सात दिनों का कोयला बचा
ब्यूरो/अमर उजाला, पटियाला
Updated Tue, 17 Jun 2014 10:06 PM IST
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पंजाब में बिजली संकट गहरा गया है। थर्मल प्लांटों में सात से आठ दिनों का ही कोयला बचा है। हालांकि इस समय तीनों थर्मल प्लांटों के कुल 14 में से 13 यूनिट चल रहे हैं। लेकिन कोयले का संकट बरकरार रहा, तो प्लांटों के बंद होने का खतरा पैदा हो सकता है।
पंजाब में इस समय भीषण गरमी पड़ रही है और ऊपर से पैडी सीजन भी चालू है। ऐसे में बिजली की मांग बढ़ी हुई है। मंगलवार को भी दिन भर बिजली की कमी के चलते लोगों को कटों का सामना करना पड़ा। पंजाब में दो से तीन घंटे बिजली के कट लगे। वहीं किसानों को भी वादे के मुताबिक आठ घंटे के बजाय सात घंटे ही बिजली मिली।
पंजाब के थर्मल प्लांटों की 60 फीसदी से ज्यादा कोयले की मांग को पूरा करने वाले कंपनी पैनएम से पावरकॉम ने रेटों को लेकर चल रहे विवाद के सुलझने के बड़े-बड़े दावे किए थे। लेकिन पैनएम से अभी तक प्लांटों को कोयले की सप्लाई नार्मल नहीं हो सकी है। जानकारी के मुताबिक पैनएम से पंजाब के थर्मल प्लांटों को पिछले पांच दिनों से कोयले की कोई सप्लाई नहीं हुई है। जिससे थर्मल प्लांटों में कोयले का बड़ा संकट पैदा हो गया है।
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इस समय लहरां मोहब्बत थर्मल प्लांट में सात, तो बठिंडा में मात्र आठ दिनों का ही कोयला बचा है। केवल रोपड़ प्लांट में 25 दिनों का कोयला है। जबकि मानकों के मुताबिक किसी भी प्लांट में 22 से 23 दिनों का कोयला होना जरूरी है।
हालांकि इस समय इन तीनों थर्मल प्लांटों के कुल 14 में से 13 यूनिट चलाए जा रहे हैं। लेकिन कोयले का संकट अगर इसी तरह से बरकरार रहा, तो थर्मल प्लांटों के यूनिट बंद होने का खतरा है। सूबे में इस समय पैडी सीजन पूरे जोर पर है। ऊपर से भीषण गरमी से लोगों का हाल-बेहाल है। आज पंजाब में बिजली की मांग बढ़कर 2100 लाख यूनिट तक पहुंच गई, जबकि इसकी तुलना में पावरकॉम के पास 1900 लाख यूनिट बिजली उपलब्ध थी। जिसके चलते लोगों को दो से तीन घंटों के कटों का सामना करना पड़ा। पावरकॉम के पीआरओ सुरजीत सिंह भट्टी ने बताया कि पैनएम से कोयले की सप्लाई पिछले कुछ दिनों से किन्हीं कारणों से रुकी है। जल्द ही सप्लाई शुरू होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को किसी तरह की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी।
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पंजाब में इस समय भीषण गरमी पड़ रही है और ऊपर से पैडी सीजन भी चालू है। ऐसे में बिजली की मांग बढ़ी हुई है। मंगलवार को भी दिन भर बिजली की कमी के चलते लोगों को कटों का सामना करना पड़ा। पंजाब में दो से तीन घंटे बिजली के कट लगे। वहीं किसानों को भी वादे के मुताबिक आठ घंटे के बजाय सात घंटे ही बिजली मिली।
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पंजाब के थर्मल प्लांटों की 60 फीसदी से ज्यादा कोयले की मांग को पूरा करने वाले कंपनी पैनएम से पावरकॉम ने रेटों को लेकर चल रहे विवाद के सुलझने के बड़े-बड़े दावे किए थे। लेकिन पैनएम से अभी तक प्लांटों को कोयले की सप्लाई नार्मल नहीं हो सकी है। जानकारी के मुताबिक पैनएम से पंजाब के थर्मल प्लांटों को पिछले पांच दिनों से कोयले की कोई सप्लाई नहीं हुई है। जिससे थर्मल प्लांटों में कोयले का बड़ा संकट पैदा हो गया है।
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इस समय लहरां मोहब्बत थर्मल प्लांट में सात, तो बठिंडा में मात्र आठ दिनों का ही कोयला बचा है। केवल रोपड़ प्लांट में 25 दिनों का कोयला है। जबकि मानकों के मुताबिक किसी भी प्लांट में 22 से 23 दिनों का कोयला होना जरूरी है।
हालांकि इस समय इन तीनों थर्मल प्लांटों के कुल 14 में से 13 यूनिट चलाए जा रहे हैं। लेकिन कोयले का संकट अगर इसी तरह से बरकरार रहा, तो थर्मल प्लांटों के यूनिट बंद होने का खतरा है। सूबे में इस समय पैडी सीजन पूरे जोर पर है। ऊपर से भीषण गरमी से लोगों का हाल-बेहाल है। आज पंजाब में बिजली की मांग बढ़कर 2100 लाख यूनिट तक पहुंच गई, जबकि इसकी तुलना में पावरकॉम के पास 1900 लाख यूनिट बिजली उपलब्ध थी। जिसके चलते लोगों को दो से तीन घंटों के कटों का सामना करना पड़ा। पावरकॉम के पीआरओ सुरजीत सिंह भट्टी ने बताया कि पैनएम से कोयले की सप्लाई पिछले कुछ दिनों से किन्हीं कारणों से रुकी है। जल्द ही सप्लाई शुरू होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को किसी तरह की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी।