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बासमती के दाम के उड़ान भरने से किसानों में खुशी की लहर
ब्यूरो/अमर उजाला, संगरूर
Updated Sat, 21 Nov 2015 03:11 PM IST
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बासमती 1121 धान के उत्पादक किसानों के दिन सुधरने लगे हैं। मार्केट में बासमती चावल के दाम में लगातार हो रहे इजाफे की वजह से अब बासमती धान के भाव फर्श से अर्श पर आ गए हैं।
करीब दो सप्ताह पहले 16 सौ रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से बिका बासमती धान शुक्रवार को सुनाम की अनाज मंडी में 24 सौ रुपये प्रति क्विंटल जा पहुंचा। जो किसान दाम बढ़ने की आस में धान को अपने घरों में ही समेटे हुए थे वे अब दाम के उड़ान भरते ही भारी मात्रा में बासमती धान को बेचने के लिए मंडी में पहुंचने लगे हैं। रोजाना करीब पांच हजार क्विंटल बासमती धान आने लगा है।
शुक्रवार को गांव उपली से 1121 बासमती बेचने आए किसान महिंदर सिंह, जगतार सिंह, परमजीत सिंह आदि ने कहा कि वे दाम बढ़ने का इंतजार कर रहे थे। दाम बढ़ते ही वे तुरंत मंडी में धान ले आए। उनका धान 2400 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से निजी खरीदार ने खरीदा है। किसानों ने कहा कि बासमती का दाम बढ़ने से आने वाले दिनों में इसकी आवक में भारी तेजी आएगी।
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आढ़ती एसोसिएशन के प्रदेश उपाध्यक्ष तरसेम कूलार ने कहा कि बासमती में तेजी आने से किसानों को राहत मिली है और बासमती धान बेचने का यह उचित समय है। आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष भागीरथ राय ने कहा कि देश में चावल के दाम में उछाल आ रहा है और निजी खरीदार चावल के बढ़ते दाम को देखते हुए बासमती का ज्यादा दाम लगा रहे हैं।
ऐसे हालात में भविष्य में बासमती के दाम बढ़ने या गिरने का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता है, लेकिन दाम बढ़ने से किसानों में खुशी की लहर है।
भाकियू एकता उग्राहां के प्रदेश अध्यक्ष जोगिंदर सिंह उग्राहां ने कहा कि ज्यादातर किसान तो आर्थिक मजबूरी के कारण पहले ही कम दाम पर बासमती धान बेच चुके हैं।
सरकार के पहले मांग की गई थी कि बासमती का एमएसपी तय किया जाए। लेकिन सरकार शायद निजी व्यापारियों को लाभ पहुंचाना चाहती थी। किसानों की सरेआम लूट हो रही है और इसके लिए सरकार जिम्मेदार है।
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करीब दो सप्ताह पहले 16 सौ रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से बिका बासमती धान शुक्रवार को सुनाम की अनाज मंडी में 24 सौ रुपये प्रति क्विंटल जा पहुंचा। जो किसान दाम बढ़ने की आस में धान को अपने घरों में ही समेटे हुए थे वे अब दाम के उड़ान भरते ही भारी मात्रा में बासमती धान को बेचने के लिए मंडी में पहुंचने लगे हैं। रोजाना करीब पांच हजार क्विंटल बासमती धान आने लगा है।
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शुक्रवार को गांव उपली से 1121 बासमती बेचने आए किसान महिंदर सिंह, जगतार सिंह, परमजीत सिंह आदि ने कहा कि वे दाम बढ़ने का इंतजार कर रहे थे। दाम बढ़ते ही वे तुरंत मंडी में धान ले आए। उनका धान 2400 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से निजी खरीदार ने खरीदा है। किसानों ने कहा कि बासमती का दाम बढ़ने से आने वाले दिनों में इसकी आवक में भारी तेजी आएगी।
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आढ़ती एसोसिएशन के प्रदेश उपाध्यक्ष तरसेम कूलार ने कहा कि बासमती में तेजी आने से किसानों को राहत मिली है और बासमती धान बेचने का यह उचित समय है। आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष भागीरथ राय ने कहा कि देश में चावल के दाम में उछाल आ रहा है और निजी खरीदार चावल के बढ़ते दाम को देखते हुए बासमती का ज्यादा दाम लगा रहे हैं।
ऐसे हालात में भविष्य में बासमती के दाम बढ़ने या गिरने का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता है, लेकिन दाम बढ़ने से किसानों में खुशी की लहर है।
भाकियू एकता उग्राहां के प्रदेश अध्यक्ष जोगिंदर सिंह उग्राहां ने कहा कि ज्यादातर किसान तो आर्थिक मजबूरी के कारण पहले ही कम दाम पर बासमती धान बेच चुके हैं।
सरकार के पहले मांग की गई थी कि बासमती का एमएसपी तय किया जाए। लेकिन सरकार शायद निजी व्यापारियों को लाभ पहुंचाना चाहती थी। किसानों की सरेआम लूट हो रही है और इसके लिए सरकार जिम्मेदार है।