{"_id":"57f4d0f74f1c1bc332271070","slug":"sunam-grain-market-paddy-arrivals-not-buy-farmers-warned-of-agitation-sunam-sangrur","type":"story","status":"publish","title_hn":"सुनाम अनाज मंडी में शेड तले खड़े वाहन, पेयजल का प्रबंध नहीं ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सुनाम अनाज मंडी में शेड तले खड़े वाहन, पेयजल का प्रबंध नहीं
ब्यूरो, अमर उजाला, संगरूर
Updated Wed, 05 Oct 2016 03:38 PM IST
विज्ञापन
सुनाम की अनाज मंडी में शेड के नीचे खड़े वाहन और पसरी गंदगी।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सुनाम अनाज मंडी में पिछले एक सप्ताह से धान की आवक शुरू हो गई है, लेकिन मंडी परिसर के दयनीय हालात सरकार द्वारा पुख्ता प्रबंध करने के दावों की पोल खोलते प्रतीत हो रहे हैं। अनाज मंडी परिसर गंदगी से अटा पड़ा है। चारों तरफ कूड़े के ढेर मंडी में प्रवेश करने वालों को मुंह चिढ़ा रहे हैं।
मंडी के जिन शेडों के नीचे किसान ने अपना धान रखना है वहां भारी संख्या में वाहन खड़े हैं। इतना ही नहीं लावारिस पशुओं की भरमार है। इन शेडों के नीचे कुछ कारीगर लोहे का सामान भी बनाने में जुटे हैं। मंडी के फड के हालत को देखकर नहीं लगता कि धान के सीजन के लिए मार्केट कमेटी प्रशासन ने कोई खास तैयारी की है।
मंडी में किसानों व मजदूरों के लिए पीने वाले पानी की उचित व्यवस्था नहीं की गई है। एक बुजुर्ग महिला को कुछ गिलास व दो बाल्टी थमाकर पानी पिलाने के प्रबंधों की खानापूर्ति की गई है। किसानों ने इसके प्रति नाराजगी जताई है। किसान नेता जसवंत सिंह तोलावाल ने कहा कि सरकार की ओर से प्रबंध करने के लिए भारी भरकम राशि जारी की जाती है, लेकिन निचले स्तर पर धांधली की जा रही है। अनाज मंडी में किसानों को किसी तरह की सुविधा नहीं मिल रही है।
विज्ञापन
अनाज मंडी में करीब पांच हजार थैला धान का पहुंच चुका है। कुछ निजी खरीददार ही धान की खरीद कर रहे हैं। नमी की मात्रा ज्यादा होने के चलते किसानों को धान की हाइब्रिड किस्मों का दाम एमएसपी से कम नसीब हो रहा है। किसान परमजीत सिंह, भोला सिंह ने कहा कि धान की प्रमाणित किस्मों का उचित दाम नहीं मिल रहा है। सरकार को इन किस्मों की खरीद करने की गारंटी लेनी चाहिए।
मार्केट कमेटी के सचिव मंदीप सिंह ने कहा कि शेड के नीचे खडे़ वाहनों को हटाने संबंधी आदेश दिए गए हैं। सफाई प्रबंध भी दुरुस्त करवाए जा रहे हैं। अनाज मंडी में कुछ कब्जाकारियों की वजह से परेशानी आ रही है। किसानों, आढ़तियों व मजदूरों को किसी तरह की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी।
भारतीय किसान यूनियन एकता उग्राहां के जिला सचिव दरबारा सिंह छाजला ने कहा कि यदि अनाज मंडी के हालात तुरंत नहीं सुधरे तो यूनियन जल्द यहां आंदोलन करके सरकार व मार्केट कमेटी प्रशासन को कठघरे में खड़ा करेगी।
विज्ञापन
मंडी के जिन शेडों के नीचे किसान ने अपना धान रखना है वहां भारी संख्या में वाहन खड़े हैं। इतना ही नहीं लावारिस पशुओं की भरमार है। इन शेडों के नीचे कुछ कारीगर लोहे का सामान भी बनाने में जुटे हैं। मंडी के फड के हालत को देखकर नहीं लगता कि धान के सीजन के लिए मार्केट कमेटी प्रशासन ने कोई खास तैयारी की है।
विज्ञापन
मंडी में किसानों व मजदूरों के लिए पीने वाले पानी की उचित व्यवस्था नहीं की गई है। एक बुजुर्ग महिला को कुछ गिलास व दो बाल्टी थमाकर पानी पिलाने के प्रबंधों की खानापूर्ति की गई है। किसानों ने इसके प्रति नाराजगी जताई है। किसान नेता जसवंत सिंह तोलावाल ने कहा कि सरकार की ओर से प्रबंध करने के लिए भारी भरकम राशि जारी की जाती है, लेकिन निचले स्तर पर धांधली की जा रही है। अनाज मंडी में किसानों को किसी तरह की सुविधा नहीं मिल रही है।
विज्ञापन
अनाज मंडी में करीब पांच हजार थैला धान का पहुंच चुका है। कुछ निजी खरीददार ही धान की खरीद कर रहे हैं। नमी की मात्रा ज्यादा होने के चलते किसानों को धान की हाइब्रिड किस्मों का दाम एमएसपी से कम नसीब हो रहा है। किसान परमजीत सिंह, भोला सिंह ने कहा कि धान की प्रमाणित किस्मों का उचित दाम नहीं मिल रहा है। सरकार को इन किस्मों की खरीद करने की गारंटी लेनी चाहिए।
मार्केट कमेटी के सचिव मंदीप सिंह ने कहा कि शेड के नीचे खडे़ वाहनों को हटाने संबंधी आदेश दिए गए हैं। सफाई प्रबंध भी दुरुस्त करवाए जा रहे हैं। अनाज मंडी में कुछ कब्जाकारियों की वजह से परेशानी आ रही है। किसानों, आढ़तियों व मजदूरों को किसी तरह की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी।
भारतीय किसान यूनियन एकता उग्राहां के जिला सचिव दरबारा सिंह छाजला ने कहा कि यदि अनाज मंडी के हालात तुरंत नहीं सुधरे तो यूनियन जल्द यहां आंदोलन करके सरकार व मार्केट कमेटी प्रशासन को कठघरे में खड़ा करेगी।