{"_id":"577152ae4f1c1b5f1879b0fe","slug":"ssa-rmsa-teacher-dc-office-hunger-strike-patiala","type":"story","status":"publish","title_hn":"डीसी दफ्तर में भूख हड़ताल पर बैठे अध्यापक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डीसी दफ्तर में भूख हड़ताल पर बैठे अध्यापक
ब्यूरो, अमर उजाला, पटियाला
Updated Mon, 27 Jun 2016 09:52 PM IST
विज्ञापन
पटियाला में मांगों को लेकर डीसी दफ्तर में भूख हड़ताल पर बैठे एसएसए/रमसा अध्यापक यूनियन।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रेगुलर करने की मांग को लेकर सोमवार को एसएसए/रमसा अध्यापकों में गुस्सा फूट पड़ा। सरकार के खिलाफ अध्यापक डीसी दफ्तर में भूख हड़ताल पर बैठ गए। इनमें नवनदीप शर्मा, नैनसी भाटिया, स्नेहदीप, मनोज कुमार, अवनीश कुमार और भरत कुमार शामिल रहे।
एएसए/रमसा अध्यापक यूनियन के जिला प्रधान अतिंदरपाल घग्गा और प्रदेश उप प्रधान हरदीप टोडरपुर ने कहा कि एसएसए/रमसा के अधीन काम कर रहे 12 हजार अध्यापक, लैब अटेंडेंट और हेड मास्टर उच्च मेरिट योग्यता रखते हुए भी आठ सालों से सरकारी स्कूलों में ठेके पर काम करने के लिए मजबूर हैं। बादल सरकार लगातार इन अध्यापकों को रेगुलर करने से पीछे हट रही है।
सरकार की ओर से बनाई गई हाई पावर कमेटी की ओर से एक साल बीत जाने के बाद भी एसएसए/रमसा अध्यापकों को रेगुलर करने संबंधी कोई रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की जा रही है। इसके कारण अध्यापकों में सरकार के अध्यापक विरोधी रवैए के खिलाफ रोष है। उन्होंने कहा कि अध्यापक कई माह से बिना तनख्वाह के काम रहे हैं। सरकार की ओर से झूठे पुलिस केस डालकर अध्यापकों को अदालतों में परेशान किया जा रहा है। इन मांगों को लेकर जुलाई में रोपड़ में भी रैली की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
एएसए/रमसा अध्यापक यूनियन के जिला प्रधान अतिंदरपाल घग्गा और प्रदेश उप प्रधान हरदीप टोडरपुर ने कहा कि एसएसए/रमसा के अधीन काम कर रहे 12 हजार अध्यापक, लैब अटेंडेंट और हेड मास्टर उच्च मेरिट योग्यता रखते हुए भी आठ सालों से सरकारी स्कूलों में ठेके पर काम करने के लिए मजबूर हैं। बादल सरकार लगातार इन अध्यापकों को रेगुलर करने से पीछे हट रही है।
विज्ञापन
सरकार की ओर से बनाई गई हाई पावर कमेटी की ओर से एक साल बीत जाने के बाद भी एसएसए/रमसा अध्यापकों को रेगुलर करने संबंधी कोई रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की जा रही है। इसके कारण अध्यापकों में सरकार के अध्यापक विरोधी रवैए के खिलाफ रोष है। उन्होंने कहा कि अध्यापक कई माह से बिना तनख्वाह के काम रहे हैं। सरकार की ओर से झूठे पुलिस केस डालकर अध्यापकों को अदालतों में परेशान किया जा रहा है। इन मांगों को लेकर जुलाई में रोपड़ में भी रैली की जाएगी।
विज्ञापन