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बारिश से मंडियों में पड़ा हजारों टन गेहूं भीगा
ब्यूरो/अमर उजाला, पटियाला
Updated Mon, 12 May 2014 10:26 PM IST
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बरसात से सोमवार को जिले की मंडियों में पड़ा हजारों टन गेहूं भीग गया। दावों के विपरीत मंडियों में बारिश से बचाव के लिए न तो पर्याप्त तिरपाल थे और न ही गेहूं की बोरियों के नीचे रखने के लिए लकड़ी के स्टैक। इनमें ज्यादातर गेहूं वह था, जो बिकने के बाद लिफ्टिंग के इंतजार में पड़ा है। कुछ दिनों से मंडियों में गेहूं की आवक कम हो गई है, इसलिए किसानों का तो थोड़ा नुकसान हुआ है, लेकिन बारिश से खरीद एजेंसियों को काफी नुकसान होने का अंदेशा है।
सोमवार को सुबह करीब 11 बजे अचानक आकाश में बादल छा गए और फिर कुछ देर बाद बारिश होने लगी। इसके बाद रूक-रूक कर दो-तीन घंटे बारिश होती रही। इससे मौसम भले ही खुशगवार हो गया है और लोगों को झुलसा देने वाली बारिश से राहत मिल गई है। लेकिन मंडियों में पड़ा गेहूं भीग गया। इस समय जिले की मंडियों में कुल 45 हजार टन गेहूं लिफ्टिंग के इंतजार में पड़ा है।
गेहूं शेडों के बाहर खुले में लिफ्टिंग के लिए रखा है। मौसम खराब होते ही कुछ मंडियों में लिफ्टिंग के लिए पड़े इस अनाज को तिरपालों से तो ढक दिया गया, लेकिन बोरियों के नीचे लकड़ी की कोई स्टैकिंग नहीं थी, जिससे बारिश का पानी बहकर आने से गेहूं गीला हो गया।
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पिछले कुछ दिनों से मंडियों में आवक कम हो रही है। सोमवार को भी जिले की मंडियों में केवल 1515 टन गेहूं की ही आवक हुई। इनमें से ज्यादातर गेहूं शेडों के नीचे रखा हुआ था। जिला मंडी अफसर गुरभजन सिंह ने माना कि गेहूं की बोरियों के नीचे लकड़ी के स्टैकिंग नहीं रखी जाती है, जिससे अनाज गीला हो जाता है। साथ ही उन्होंने माना कि कई मंडियों में तिरपालों की कमी है। उन्होंने कहा कि जल्द ही बिके माल को मंडियों से उठवा कर गोदामों में रखवा दिया जाएगा।
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सोमवार को सुबह करीब 11 बजे अचानक आकाश में बादल छा गए और फिर कुछ देर बाद बारिश होने लगी। इसके बाद रूक-रूक कर दो-तीन घंटे बारिश होती रही। इससे मौसम भले ही खुशगवार हो गया है और लोगों को झुलसा देने वाली बारिश से राहत मिल गई है। लेकिन मंडियों में पड़ा गेहूं भीग गया। इस समय जिले की मंडियों में कुल 45 हजार टन गेहूं लिफ्टिंग के इंतजार में पड़ा है।
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गेहूं शेडों के बाहर खुले में लिफ्टिंग के लिए रखा है। मौसम खराब होते ही कुछ मंडियों में लिफ्टिंग के लिए पड़े इस अनाज को तिरपालों से तो ढक दिया गया, लेकिन बोरियों के नीचे लकड़ी की कोई स्टैकिंग नहीं थी, जिससे बारिश का पानी बहकर आने से गेहूं गीला हो गया।
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पिछले कुछ दिनों से मंडियों में आवक कम हो रही है। सोमवार को भी जिले की मंडियों में केवल 1515 टन गेहूं की ही आवक हुई। इनमें से ज्यादातर गेहूं शेडों के नीचे रखा हुआ था। जिला मंडी अफसर गुरभजन सिंह ने माना कि गेहूं की बोरियों के नीचे लकड़ी के स्टैकिंग नहीं रखी जाती है, जिससे अनाज गीला हो जाता है। साथ ही उन्होंने माना कि कई मंडियों में तिरपालों की कमी है। उन्होंने कहा कि जल्द ही बिके माल को मंडियों से उठवा कर गोदामों में रखवा दिया जाएगा।