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अपने दृष्टिकोण को निडर होकर समाज के आगे रखें महिलाएं : द्रोपदी मुरमु
ब्यूरो, अमर उजाला, पटियाला
Updated Fri, 05 Aug 2016 10:11 PM IST
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पटियाला की पंजाबी यूनिवर्सिटी में शुक्रवार को आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार में पहुंची महिला शख्सियतों को सम्मानित करते वीसी डा. जसपाल सिंह।
- फोटो : अमर उजाला
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चाहे महिलाओं ने जीवन के हर क्षेत्र में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा जोड़कर सफलताएं हासिल की हैं, लेकिन अभी भी इस दिशा में बहुत कुछ करना बाकी है। पंजाब सरकार की ओर से बाबा साहिब डा. भीम राव अंबेडकर की 125वीं जन्म शताब्दी मनाने के लिए आयोजित किए जाने वाले सेमिनारों की लड़ी में शुक्रवार को पंजाबी यूनिवर्सिटी में हुए पहले राष्ट्रीय सेमिनार में यह आम सहमति बनी।
डा. भीम राव अंबेडकर-महिला सशक्तीकरण योद्धा के तौर पर विषय पर कराए गए इस सेमिनार का उद्घाटन यूनिवर्सिटी के श्री गुरु तेग बहादुर हाल में किया गया। इस मौके पर मुख्य मेहमान झारखंड की राज्यपाल द्रोपदी मुरमु ने कहा कि समाज में छोटी लड़कियों की तस्करी, लड़कियों का शारीरिक शोषण, अनपढ़ता, लड़कियों की छोटी उम्र में शादी व घरेलू हिंसा जैसी कुरीतियां दिन-प्रतिदिन बढ़ रही हैं। उन्होंने महिलाओं को अपने दृष्टिकोण को निडर होकर समाज के आगे रखने की सलाह दी, ताकि वह केवल देखने-दिखाने की वस्तु न बनकर रह जाएं।
एमएस यूनिवर्सिटी बडोदरा (बडोदा) की चांसलर राजमाता सुभांगनी राजे गायकवाड ने कहा कि महिलाओं को अपने ऊपर राज करना आना चाहिए, ताकि पुरुषों द्वारा उन पर राज न किया जा सके। उन्होंने समाज के उन वर्गों को जो नारी जाति को बुरी सोच के साथ देखते हैं, उनको इस बात पर सोचने के लिए कहा कि महिलाएं भी समाज का अभिन्न अंग हैं और उनको पूरा सत्कार दिया जाना चाहिए। इस मौके पर पंजाब विधानसभा के स्पीकर डा. चरनजीत सिंह अटवाल, कैबिनेट मंत्री सोहन सिंह ठंढल, बीबी जागीर कौर, सुरजीत सिंह रखड़ा भी मौजूद रहे।
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पंजाबी यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डा. जसपाल सिंह ने कहा कि जिस तरह गुरू साहिबानों ने जाति-पाति के भेदभाव से ऊपर उठने व नारी जाति का आदर व सत्कार करने की बात कही, उसी तरह से डा. अंबेडकर भी इसी राह पर चले। उन पर गुरू साहिबानों की विचारधाराओं का गहरा प्रभाव था। इसके बाद वीसी ने आए मेहमानों को सम्मानित किया।
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डा. भीम राव अंबेडकर-महिला सशक्तीकरण योद्धा के तौर पर विषय पर कराए गए इस सेमिनार का उद्घाटन यूनिवर्सिटी के श्री गुरु तेग बहादुर हाल में किया गया। इस मौके पर मुख्य मेहमान झारखंड की राज्यपाल द्रोपदी मुरमु ने कहा कि समाज में छोटी लड़कियों की तस्करी, लड़कियों का शारीरिक शोषण, अनपढ़ता, लड़कियों की छोटी उम्र में शादी व घरेलू हिंसा जैसी कुरीतियां दिन-प्रतिदिन बढ़ रही हैं। उन्होंने महिलाओं को अपने दृष्टिकोण को निडर होकर समाज के आगे रखने की सलाह दी, ताकि वह केवल देखने-दिखाने की वस्तु न बनकर रह जाएं।
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एमएस यूनिवर्सिटी बडोदरा (बडोदा) की चांसलर राजमाता सुभांगनी राजे गायकवाड ने कहा कि महिलाओं को अपने ऊपर राज करना आना चाहिए, ताकि पुरुषों द्वारा उन पर राज न किया जा सके। उन्होंने समाज के उन वर्गों को जो नारी जाति को बुरी सोच के साथ देखते हैं, उनको इस बात पर सोचने के लिए कहा कि महिलाएं भी समाज का अभिन्न अंग हैं और उनको पूरा सत्कार दिया जाना चाहिए। इस मौके पर पंजाब विधानसभा के स्पीकर डा. चरनजीत सिंह अटवाल, कैबिनेट मंत्री सोहन सिंह ठंढल, बीबी जागीर कौर, सुरजीत सिंह रखड़ा भी मौजूद रहे।
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पंजाबी यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डा. जसपाल सिंह ने कहा कि जिस तरह गुरू साहिबानों ने जाति-पाति के भेदभाव से ऊपर उठने व नारी जाति का आदर व सत्कार करने की बात कही, उसी तरह से डा. अंबेडकर भी इसी राह पर चले। उन पर गुरू साहिबानों की विचारधाराओं का गहरा प्रभाव था। इसके बाद वीसी ने आए मेहमानों को सम्मानित किया।