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बढे़ंगी मुश्किलें: 23 नवंबर से फिर हड़ताल पर जाएंगे पीआरटीसी के कच्चे मुलाजिम, सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप
Mon, 15 Nov 2021 04:36 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Mon, 15 Nov 2021 04:36 PM IST
सार
कर्मचारियों के अनुसार, मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और ट्रांसपोर्ट मंत्री अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने अपने वादों के विपरीत केवल 10 साल से नौकरियां कर रहे कांट्रैक्ट मुलाजिमों को पक्का करने का एलान किया है।
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पटियाला में प्रदर्शन करते मुलाजिम।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पंजाब रोडवेज पनबस, पीआरटीसी कांट्रैक्ट वर्कर यूनियन ने सोमवार से पंजाब सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। प्रदेश में 27 डिपो के बाहर सरकार के खिलाफ गेट रैली की गई। पंजाब रोडवेज, पनबस/पीआरटीसी कांट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन के बैनर तले सोमवार को कच्चे मुलाजिमों ने पीआरटीसी के पटियाला डिपो के गेट पर रोष रैली की। इस दौरान चन्नी सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पीआरटीसी व पनबस समेत पंजाब रोडवेज के सभी कच्चे मुलाजिमों को रेगुलर करने की मांग की गई।
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कच्चे मुलाजिमों ने सीएम चन्नी और परिवहन मंत्री राजा वड़िंग पर वादाखिलाफी करने का आरोप लगाते हुए एलान किया कि 23 नवंबर से कच्चे मुलाजिम अनिश्चितकाल के लिए हड़ताल पर जाएंगे जिसके गंभीर परिणामों की जिम्मेदार सरकार खुद होगी। उन्होंने सरकार को वादाखिलाफी का खामियाजा आने वाले विधानसभा चुनाव में भुगतने की चेतावनी भी दी।
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यूनियन के वरिष्ठ प्रदेश उप प्रधान हरकेश विक्की, डिपो प्रधान सहजपाल सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और ट्रांसपोर्ट मंत्री अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने यूनियन के साथ बैठक की थी। अन्य विभागों की तर्ज पर ट्रांसपोर्ट विभाग के भी सभी कच्चे मुलाजिमों को तुरंत पक्का करने की मांग पर बैठक में भरोसा भी दिलाया गया था। लेकिन सरकार ने अपने वादों के विपरीत केवल 10 साल से नौकरियां कर रहे कांट्रैक्ट मुलाजिमों को पक्का करने का एलान किया है, जिसे ट्रांसपोर्ट मुलाजिम किसी भी कीमत पर लागू नहीं होने देंगे। साथ ही बोर्ड व कॉरपोरेशनों के ठेका मुलाजिमों को भी रेगुलर करने संबंधी किए एलान से बाहर रखा गया है।
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इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी ट्रांसपोर्ट विभाग के ठेका मुलाजिमों के साथ धोखा किया था। कैप्टन ने पगार में 30 प्रतिशत की वृद्धि और 10 दिनों के अंदर रेगुलर करने का एलान किया था। पनबस व पीआरटीसी के आधे मुलाजिमों पर तो यह फैसला लागू हो गया, जबकि अभी भी एडवांस बुकर, डाटा एंट्री आपरेटरों, कंप्यूटर मुलाजिमों की तनख्वाहों की बढ़ोतरी नहीं हुई।
लुधियाना डिपो के बाहर गेट रैली में प्रदेश उप प्रधान सतनाम सिंह व डिपो प्रधान शमशेर सिंह ने कहा सीएम और ट्रांसपोर्ट मंत्री से 12 नवंबर को बैठक कर सभी मुलाजिमों को पक्का करने के लिए 20 दिन का समय मांगा था। यूनियन ने विभिन्न विभागों में कच्चे मुलामिजों को पक्के करने का रिकार्ड सीएम को दिया था। अब यह बात सामने आई है कि सरकार दस साल से कांट्रैक्ट मुलाजिमों को पक्का करने जा रही है जो उनकी यूनियन को मंजूर नहीं है। इस वजह से वह 23 नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा रहे हैं।