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फीसों में वृद्धि पर पीयू स्टूडेंट्स भड़के, निकाली चेतावनी रैली
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पटियाला। पंजाबी यूनिवर्सिटी में फीसों में हुई वृद्धि को लेकर विद्यार्थियों में रोष है। विभिन्न छह स्टूडेंट जत्थेबंदियों पर आधारित सांझा विद्यार्थी मोर्चे की ओर से वीरवार को मांगों को लेकर यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ चेतावनी रैली निकाली गई। बड़ी गिनती स्टूडेंट्स अपनी क्लासों को छोड़कर रैली में शामिल हुए। इस दौरान स्टूडेंट्स ने वीसी दफ्तर के आगे भी नारेबाजी की। बाद में वीसी प्रोफेसर अरविंद ने मौके पर पहुंच कर छात्र नेताओं से ज्ञापन हासिल किया। मांगें पूरी न होने पर 25 अक्तूबर से वीसी दफ्तर के आगे पक्का मोर्चा लगाने का एलान किया गया।
इस मौके पर सांझा विद्यार्थी मोर्चे के छात्र नेताओं वरिंदर खुराना, प्रितपाल, राहुल आदि ने कहा कि उनकी मांगों को लेकर पीयू प्रशासन की ओर से लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। यूनिवर्सिटी में चल रहे कोर्सों की फीसों में 3.4 से 109 प्रतिशत तक वृद्धि कर दी गई है। इस फैसले से ग्रामीण व गरीब स्टूडेंट्स के लिए उच्च शिक्षा हासिल करना मुश्किल हो जाएगा। इसके साथ ही हॉस्टलों की फीसों, परीक्षा फीसों और हर तरह के फार्मों की फीसों में की गई बढ़ोतरी का विरोध किया गया। छात्र नेताओं ने एतराज जताया कि ऊपर से सभी तरह की फीसों पर जीएसटी थोप दिया गया है, जो स्टूडेंट्स पर दोहरी मार है। पीयू कैंपस की फीसों के अलावा इसके कांस्टीच्युुएंट कालेजों, नेबरहुड़ कैंपसों व रीजनल सेंटरों के कोर्सों की फीसों में भी वृद्धि कर दी गई है। इस मौके पीयू कैंपस में हॉस्टलों की कमी का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। कहा कि पीयू प्रशासन इस समस्या की तरफ ध्यान नहीं दे रहा है। खास करके लड़कियों के हॉस्टलों में कमरों की क्षमता से दोगुनी भर्ती की जा रही है। ऊपर से हॉस्टलों में बुनियादी सुविधाओं जैसे पानी, शौचालय, बेड, अलमारियों आदि की भारी कमी है। पैसे कमाने के लिए पीयू की तरफ से लाइब्रेरी में ओवरड्यू का जुर्माना पांच गुना बढ़ा दिया है।
इस मौके पर वीसी को ज्ञापन सौंप कर फीसों में की वृद्धि को वापस लेने, नए हॉस्टलों का निर्माण करने, पीएचडी की सभी नोटिफाइड सीटें भरने, एमफिल का कोर्स चालू रखने, गेस्ट फैकल्टी की तनख्वाहों में की कटौती का फैसला रद्उ करने, लाइब्रेरी के जुर्माने में की वृद्धि वापस लेने, लाइब्रेरी का समय पहले की तरह सुबह आठ बजे से अगली सुबह छह बजे तक बहाल करने की मांग की गई।
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इस मौके पर सांझा विद्यार्थी मोर्चे के छात्र नेताओं वरिंदर खुराना, प्रितपाल, राहुल आदि ने कहा कि उनकी मांगों को लेकर पीयू प्रशासन की ओर से लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। यूनिवर्सिटी में चल रहे कोर्सों की फीसों में 3.4 से 109 प्रतिशत तक वृद्धि कर दी गई है। इस फैसले से ग्रामीण व गरीब स्टूडेंट्स के लिए उच्च शिक्षा हासिल करना मुश्किल हो जाएगा। इसके साथ ही हॉस्टलों की फीसों, परीक्षा फीसों और हर तरह के फार्मों की फीसों में की गई बढ़ोतरी का विरोध किया गया। छात्र नेताओं ने एतराज जताया कि ऊपर से सभी तरह की फीसों पर जीएसटी थोप दिया गया है, जो स्टूडेंट्स पर दोहरी मार है। पीयू कैंपस की फीसों के अलावा इसके कांस्टीच्युुएंट कालेजों, नेबरहुड़ कैंपसों व रीजनल सेंटरों के कोर्सों की फीसों में भी वृद्धि कर दी गई है। इस मौके पीयू कैंपस में हॉस्टलों की कमी का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। कहा कि पीयू प्रशासन इस समस्या की तरफ ध्यान नहीं दे रहा है। खास करके लड़कियों के हॉस्टलों में कमरों की क्षमता से दोगुनी भर्ती की जा रही है। ऊपर से हॉस्टलों में बुनियादी सुविधाओं जैसे पानी, शौचालय, बेड, अलमारियों आदि की भारी कमी है। पैसे कमाने के लिए पीयू की तरफ से लाइब्रेरी में ओवरड्यू का जुर्माना पांच गुना बढ़ा दिया है।
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इस मौके पर वीसी को ज्ञापन सौंप कर फीसों में की वृद्धि को वापस लेने, नए हॉस्टलों का निर्माण करने, पीएचडी की सभी नोटिफाइड सीटें भरने, एमफिल का कोर्स चालू रखने, गेस्ट फैकल्टी की तनख्वाहों में की कटौती का फैसला रद्उ करने, लाइब्रेरी के जुर्माने में की वृद्धि वापस लेने, लाइब्रेरी का समय पहले की तरह सुबह आठ बजे से अगली सुबह छह बजे तक बहाल करने की मांग की गई।
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