फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Patiala News ›   protest against the government

सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरे मुलाजिम, प्रदर्शन

Fri, 21 Aug 2020 02:36 PM IST
Punjab Bureau पंजाब ब्‍यूरो
Updated Fri, 21 Aug 2020 02:36 PM IST
विज्ञापन
protest against the government
वीरवार को पटियाला में मांगों को लेकर सरकार खिलाफ अर्थी फूंक प्रदर्शन करते मुलाजिम। - फोटो : PATIALA
पटियाला में पंजाब सबआर्डिनेट सर्विसेज फेडरेशन और दि क्लास फोर्थ गवर्नमेंट इंप्लाइज यूनियन के आह्वान पर वीरवार को बड़ी गिनती में मुलाजिमों ने इकट्ठा होकर सरकार खिलाफ बाजारों से रोष मार्च निकाला। इसके बाद डीसी दफ्तर आगे पहुंच कर सिंचाई मंत्री की अर्थी फूंक प्रदर्शन किया। इस मौके पर सिंचाई विभाग के पुनर्गठन का विरोध किया गया।
विज्ञापन

मुलाजिम नेताओं दर्शन सिंह लुबाना, जगदीश सिंह चहल, रणजीत सिंह राणवा आदि ने कहा कि सरकार कोरोना की आड़ में मुलाजिम विरोधी फैसले ले रही है। जिसके तहत सिंचाई विभाग का पुनर्गठन कर दिया है। इस फैसले से पहले सरकार ने न तो विभाग के अधिकारियों की राय ली और न ही मुलाजिमों की सुनी। एक तरफा फैसला थोप दिया गया है। इस फैसले के तहत विभाग के करीब 24 हजार पदों को घटाकर 15606 कर दिया गया है। क्षेत्रीय दफ्तरों में से करीब 301 क्लर्कों के पद समाप्त कर दिए गए हैं। 50 फीसदी पद चौथा दर्जा मुलाजिमों के खत्म कर दिए हैं। मौत केसों में तरस के आधार पर नियुक्तियों की व्यवस्था लगभग समाप्त कर दी गई है। ऊपरी स्तर पर एसडीओ के और जूनियर इंजीनियरों के पद भी घटा दिए गए हैं। सरप्लस मुलाजिमों को कहां भेजा जाएगा, इस संबंधी भी कोई प्रस्ताव तैयार नहीं किया गया है। जिस कारण अक्तूबर में यह सारे कर्मचारी अपने घरों से बेघर हो जाएंगे।
विज्ञापन

साथ ही मांग की कि रेगुलाइजेशन एक्ट 2016 को लागू किया जाए। सरकारी व अर्द्ध सरकारी विभागों से ठेकेदारी प्रथा को खत्म करके वर्करों साथ की जा रही लूट-खसोट बंद की जाए। साल 2020 की मिनीमम वेज में बढ़ोतरी करने, 2004 से बंद पड़ी पेंशन स्कीम बहाल करने, वेतन आयोग की रिपोर्ट प्राप्त करके मुलाजिमों पर लागू करने, पांच डीए की किश्तें व 143 महीनों का बकाया मुलाजिमों व पेंशनरों को नगद रूप में देने, चौथा दर्जा मुलाजिमों को वर्दियां देने, तरक्की के लिए टाइप टेस्ट खत्म करने, जंगलात कर्मचारियों समेत कांट्रैक्ट कर्मियों की पिछले पांच-पांच महीनों की रूकी तनख्वाहें जारी करने, मोबाइल भत्ता वापस करने, 200 रुपये जजिया टैक्स खत्म करने, केंद्रीय वेतन आयोग लागू करने का पत्र वापस लेने और कोरोना दौरान काम कर रहे मुलाजिमों को इंक्रीमेंट देने की मांग की गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed