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Patiala News: पीयू में वीसी दफ्तर की छत पर चढ़े गेस्ट फैकेल्टी सहायक प्रोफेसर
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एक्सटेंशन देने को दोबारा इंटरव्यू लेने के फैसले से हैं विरोध में
फैसला वापस न लेने तक आंदोलन जारी रखने का किया ऐलान
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला। पंजाबी यूनिवर्सिटी में अपनी मांगों को लेकर यूनिवर्सिटी प्रशासन के उदासीन रवैये से भड़के यूनिवर्सिटी के नेबरहुड कैंपस, रीजनल सेंटरों व कांस्टीट्यूट काॅलेजों में बतौर गेस्ट फैकेल्टी काम कर रहे सहायक प्रोफेसर मंगलवार को वीसी दफ्तर की छत पर चढ़ गए। गेस्ट फैकेल्टी सहायक प्रोफेसरों ने विरोध किया कि यूनिवर्सिटी की ओर से उन्हें सालाना एक्सटेंशन देने के लिए इस बार दोबारा इंटरव्यू लेने का फैसला लिया गया है, जो सरासर गलत है। वह पहले ही यूजीसी नियमों के मुताबिक गेस्ट फैकेल्टी को तनख्वाह देने की मांग कर रहे हैं। इस मांग को यूनिवर्सिटी प्रशासन ने पूरा करने की बजाय अब उन पर एक नया फैसला लाद दिया है, जिसे किसी भी कीमत पर माना नहीं जाएगा।
उन्होंने बताया कि इस फैसले को रद कराने के लिए गेस्ट फैकेल्टी सहायक प्रोफेसर पिछले कईं दिनों से यूनिवर्सिटी में डीन दफ्तर के बाहर धरने पर बैठे हैं। इस दौरान उनका एक शिष्टमंडल वीसी केके यादव से भी मिला, लेकिन बैठक बेनतीजा रही। वीसी ने साफ कर दिया कि इंटरव्यू दोबारा ली जाएगी। अगर वह देंगे, तो उन्हें एक्सटेंशन मिल जाएगी। वरना नईं तैनातियां कर ली जाएंगी। आंदोलनकारी गेस्ट फैकेल्टी सहायक प्रोफेसरों ने बताया कि साल 2018 में उन्हें इंटरव्यू के बाद यूनिवर्सिटी के कांस्टीट्यूट काॅलेजों, रीजनल सेंटरों व नेबरहुड कैंपस में तैनात किया गया था। तब से हर साल उन्हें एक्सटेंशन दी जाती थी। उन्होंने साफ किया कि जब तक इंटरव्यू लेने का फैसला वापस नहीं होगा, आंदोलन जारी रहेगा।
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फैसला वापस न लेने तक आंदोलन जारी रखने का किया ऐलान
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला। पंजाबी यूनिवर्सिटी में अपनी मांगों को लेकर यूनिवर्सिटी प्रशासन के उदासीन रवैये से भड़के यूनिवर्सिटी के नेबरहुड कैंपस, रीजनल सेंटरों व कांस्टीट्यूट काॅलेजों में बतौर गेस्ट फैकेल्टी काम कर रहे सहायक प्रोफेसर मंगलवार को वीसी दफ्तर की छत पर चढ़ गए। गेस्ट फैकेल्टी सहायक प्रोफेसरों ने विरोध किया कि यूनिवर्सिटी की ओर से उन्हें सालाना एक्सटेंशन देने के लिए इस बार दोबारा इंटरव्यू लेने का फैसला लिया गया है, जो सरासर गलत है। वह पहले ही यूजीसी नियमों के मुताबिक गेस्ट फैकेल्टी को तनख्वाह देने की मांग कर रहे हैं। इस मांग को यूनिवर्सिटी प्रशासन ने पूरा करने की बजाय अब उन पर एक नया फैसला लाद दिया है, जिसे किसी भी कीमत पर माना नहीं जाएगा।
उन्होंने बताया कि इस फैसले को रद कराने के लिए गेस्ट फैकेल्टी सहायक प्रोफेसर पिछले कईं दिनों से यूनिवर्सिटी में डीन दफ्तर के बाहर धरने पर बैठे हैं। इस दौरान उनका एक शिष्टमंडल वीसी केके यादव से भी मिला, लेकिन बैठक बेनतीजा रही। वीसी ने साफ कर दिया कि इंटरव्यू दोबारा ली जाएगी। अगर वह देंगे, तो उन्हें एक्सटेंशन मिल जाएगी। वरना नईं तैनातियां कर ली जाएंगी। आंदोलनकारी गेस्ट फैकेल्टी सहायक प्रोफेसरों ने बताया कि साल 2018 में उन्हें इंटरव्यू के बाद यूनिवर्सिटी के कांस्टीट्यूट काॅलेजों, रीजनल सेंटरों व नेबरहुड कैंपस में तैनात किया गया था। तब से हर साल उन्हें एक्सटेंशन दी जाती थी। उन्होंने साफ किया कि जब तक इंटरव्यू लेने का फैसला वापस नहीं होगा, आंदोलन जारी रहेगा।
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