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Patiala News: कचरा प्रबंधन की दिशा में बड़ा कदम
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पटियाला में 10 टन रोजाना की क्षमता वाला एमआरएफ व प्लास्टिक रिसाइक्लिंग प्लांट लगा
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला। पटियाला के फोकल प्वाइंट इंडस्ट्रियल एरिया में 10 टन प्रतिदिन क्षमता वाले मैटीरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) और प्लास्टिक रिसाइक्लिंग प्लांट का शुक्रवार को उद्घाटन किया गया। यह प्लांट इंडियन पॉल्यूशन कंट्रोल एसोसिएशन (आईपीसीए) एवं एसबीआई कार्ड्स एंड पेमेंट सर्विसेज लिमिटेड की ओर से संयुक्त तौर पर प्रोजेक्ट मास के अंतर्गत लगाया गया है। दोनों संस्थाओं की प्रोजेक्ट मास के अंतर्गत यह दूसरी बड़ी उपलब्धि है। इससे पहले ग्रेटर नोएडा, उत्तर प्रदेश में पहले से सुविधा स्थापित की गई है।
प्लास्टिक कचरे को लैंडफिल तक रोकने में मददगार
पटियाला में लगाए इस प्लांट की खासियत यह है कि यह शहर में पहली ऐसी सुविधा है जो प्लास्टिक कचरे को लैंडफिल पहुंचने से रोकने में और कचरा प्रबंधन को प्रोत्साहित करने में मददगार होगा। नगर निगम के कमिश्नर आदित्य डाचलवाल ने बताया कि एमआरएफ में सूखे कूड़े से प्लास्टिक, रबड़, पाॅलीथिन, लोहे, कांच व कागज अलग-अलग किए जाएंगे। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य प्लास्टिक रिसाइक्लिंग प्रणाली को मजबूत करना और सोसाइटियों में गीला कूड़ा प्रबंधन को लागू करना है। साथ ही स्रोत पर ही गीले व सूखे कूड़े को अलग-अलग करने के प्रति लोगों में जागरूकता फैलाना और कचरा इकट्ठा करने वाले कर्मियों की क्षमता को बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
कमिश्नर ने कहा कि कचरा प्रबंधन की चुनौतियों का समाधान करने के लिए सभी नागरिकों के सहयोग की आवश्यकता है। बताया कि आईपीसीए पिछले 20 वर्षों से अधिक समय से निकायों, कॉरपोरेट्स, आवासीय सोसायटियों व शैक्षणिक संस्थानों के साथ मिलकर काम कर रहा है ताकि कूड़ा प्रबंधन को व्यवस्थित किया जा सके। इसके अतिरिक्त, आईपीसीए आवासीय सोसाइटियों और शैक्षणिक संस्थानों को भी उनके जैविक कचरे को पृथक करने और उसे खाद में बदलने की तकनीकी सहायता प्रदान करता है। इस पहल से जीरो वेस्ट की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है।
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पीपीसीबी के आशीष जैन ने प्रोजेक्ट मास की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए देश में कम प्लास्टिक कचरे के संग्रहण तथा रिसाइक्लिंग के महत्व पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान प्लास्टिक कचरे से चिप बोर्ड बनाने की लाइव डेमोंस्ट्रेशन भी की गई। उन्होंने कहा कि पटियाला में यह शुरुआत क्षेत्र में कचरा प्रबंधन की दिशा में बड़ा कदम है।
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अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला। पटियाला के फोकल प्वाइंट इंडस्ट्रियल एरिया में 10 टन प्रतिदिन क्षमता वाले मैटीरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) और प्लास्टिक रिसाइक्लिंग प्लांट का शुक्रवार को उद्घाटन किया गया। यह प्लांट इंडियन पॉल्यूशन कंट्रोल एसोसिएशन (आईपीसीए) एवं एसबीआई कार्ड्स एंड पेमेंट सर्विसेज लिमिटेड की ओर से संयुक्त तौर पर प्रोजेक्ट मास के अंतर्गत लगाया गया है। दोनों संस्थाओं की प्रोजेक्ट मास के अंतर्गत यह दूसरी बड़ी उपलब्धि है। इससे पहले ग्रेटर नोएडा, उत्तर प्रदेश में पहले से सुविधा स्थापित की गई है।
प्लास्टिक कचरे को लैंडफिल तक रोकने में मददगार
पटियाला में लगाए इस प्लांट की खासियत यह है कि यह शहर में पहली ऐसी सुविधा है जो प्लास्टिक कचरे को लैंडफिल पहुंचने से रोकने में और कचरा प्रबंधन को प्रोत्साहित करने में मददगार होगा। नगर निगम के कमिश्नर आदित्य डाचलवाल ने बताया कि एमआरएफ में सूखे कूड़े से प्लास्टिक, रबड़, पाॅलीथिन, लोहे, कांच व कागज अलग-अलग किए जाएंगे। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य प्लास्टिक रिसाइक्लिंग प्रणाली को मजबूत करना और सोसाइटियों में गीला कूड़ा प्रबंधन को लागू करना है। साथ ही स्रोत पर ही गीले व सूखे कूड़े को अलग-अलग करने के प्रति लोगों में जागरूकता फैलाना और कचरा इकट्ठा करने वाले कर्मियों की क्षमता को बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
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कमिश्नर ने कहा कि कचरा प्रबंधन की चुनौतियों का समाधान करने के लिए सभी नागरिकों के सहयोग की आवश्यकता है। बताया कि आईपीसीए पिछले 20 वर्षों से अधिक समय से निकायों, कॉरपोरेट्स, आवासीय सोसायटियों व शैक्षणिक संस्थानों के साथ मिलकर काम कर रहा है ताकि कूड़ा प्रबंधन को व्यवस्थित किया जा सके। इसके अतिरिक्त, आईपीसीए आवासीय सोसाइटियों और शैक्षणिक संस्थानों को भी उनके जैविक कचरे को पृथक करने और उसे खाद में बदलने की तकनीकी सहायता प्रदान करता है। इस पहल से जीरो वेस्ट की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है।
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पीपीसीबी के आशीष जैन ने प्रोजेक्ट मास की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए देश में कम प्लास्टिक कचरे के संग्रहण तथा रिसाइक्लिंग के महत्व पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान प्लास्टिक कचरे से चिप बोर्ड बनाने की लाइव डेमोंस्ट्रेशन भी की गई। उन्होंने कहा कि पटियाला में यह शुरुआत क्षेत्र में कचरा प्रबंधन की दिशा में बड़ा कदम है।