{"_id":"56f026404f1c1bfa0ef14d26","slug":"pig-residential-area-raid-mandi-gobindgarh","type":"story","status":"publish","title_hn":"रिहायशी एरिया में सूअर पालने वालों पर प्रशासन की रेड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रिहायशी एरिया में सूअर पालने वालों पर प्रशासन की रेड
ब्यूरो/अमर उजाला, मंडी गोबिंदगढ़
Updated Mon, 21 Mar 2016 10:20 PM IST
विज्ञापन
कच्चा शांतिनगर के एक घर में चल रहे अवैध रूप से तबेले में मौजूद सूअर।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सब डिवीजन अमलोह के प्रशासनिक अधिकारियों ने सिविल सर्जन फतेहगढ़ साहिब के आदेश पर सोमवार को गांव जस्सड़ां और कच्चा शांति नगर इलाके स्थित उन छह लोगों के घरों में रेड की जो घर में ही सूअर पाल रहे थे।
इस 12 सदस्यीय टीम का नेतृत्व मंडी गोबिंदगढ़ के तहसीलदार गुरमीत सिंह मिचरा और अमलोह की बीडीओ सरबजीत कौर ने किया। इसमें गोबिंदगढ़ पुलिस थाना के एएसआई स्वर्ण सिंह, हवलदार शमशेर और सरपंच जगदीप सिंह चट्ठा भी शामिल थे। इस कार्रवाई के दौरान किसी भी तबेला मालिक ने सरकारी रिपोर्ट पर साइन नहीं किए और वहीं पर तबेला चलाने की जिद पर अड़ गए। इस पर प्रशासन ने अपनी रिपोर्ट में लिख दिया कि इन लोगों ने उनकी रिपोर्ट पर साइन नहीं किए जिसे कार्रवाई के लिए प्रशासन को भेजा जा रहा है।
टीम ने सबसे पहले जस्सड़ां गांव निवासी निर्मल सिंह और मलकीत सिंह के तबेले में रेड की और वहां पर 20 के करीब सूअरों को सरकारी आदेश पर दो दिन में बाहर करने का नोटिस थमाया। इस पर तबेला मालिक निर्मल सिंह ने प्रशासन को किसी भी सूरत में सूअरों को वहां से तबदील न करने की चेतावनी दी और कहा कि गांव के सरपंच के कहने पर उनसे धक्का किया जा रहा है। जस्सड़ां निवासी निर्मल सिंह ने चेतावनी दी कि अगर उनका तबेला बंद करवाया गया तो परिवार समेत जीटी रोड पर धरने पर बैठ जाऊंगा।
विज्ञापन
गांव के सरपंच जगदीप सिंह चट्ठा, प्रीतम सिंह और सुरजीत सिंह ने कहा कि पिछले कई साल से उक्त लोग सूअरों के माध्यम से यहां पर गंदगी फैला रहे हैं जिससे स्वाइन फ्लू समेत अन्य बीमारियां फैलने का अंदेशा बना हुआ है। इसके बाद जस्सड़ां गांव की कच्चा शांति नगर में पड़ती शामलात जमीन पर गैरकानूनी ढंग से चल रहे तबेला मालिकों पर भी कार्रवाई नहीं हो पाई। यहां पर भी किसी तबेला मालिक ने सरकारी नोटिस पर साइन नहीं किए।
विज्ञापन
इस 12 सदस्यीय टीम का नेतृत्व मंडी गोबिंदगढ़ के तहसीलदार गुरमीत सिंह मिचरा और अमलोह की बीडीओ सरबजीत कौर ने किया। इसमें गोबिंदगढ़ पुलिस थाना के एएसआई स्वर्ण सिंह, हवलदार शमशेर और सरपंच जगदीप सिंह चट्ठा भी शामिल थे। इस कार्रवाई के दौरान किसी भी तबेला मालिक ने सरकारी रिपोर्ट पर साइन नहीं किए और वहीं पर तबेला चलाने की जिद पर अड़ गए। इस पर प्रशासन ने अपनी रिपोर्ट में लिख दिया कि इन लोगों ने उनकी रिपोर्ट पर साइन नहीं किए जिसे कार्रवाई के लिए प्रशासन को भेजा जा रहा है।
विज्ञापन
टीम ने सबसे पहले जस्सड़ां गांव निवासी निर्मल सिंह और मलकीत सिंह के तबेले में रेड की और वहां पर 20 के करीब सूअरों को सरकारी आदेश पर दो दिन में बाहर करने का नोटिस थमाया। इस पर तबेला मालिक निर्मल सिंह ने प्रशासन को किसी भी सूरत में सूअरों को वहां से तबदील न करने की चेतावनी दी और कहा कि गांव के सरपंच के कहने पर उनसे धक्का किया जा रहा है। जस्सड़ां निवासी निर्मल सिंह ने चेतावनी दी कि अगर उनका तबेला बंद करवाया गया तो परिवार समेत जीटी रोड पर धरने पर बैठ जाऊंगा।
विज्ञापन
गांव के सरपंच जगदीप सिंह चट्ठा, प्रीतम सिंह और सुरजीत सिंह ने कहा कि पिछले कई साल से उक्त लोग सूअरों के माध्यम से यहां पर गंदगी फैला रहे हैं जिससे स्वाइन फ्लू समेत अन्य बीमारियां फैलने का अंदेशा बना हुआ है। इसके बाद जस्सड़ां गांव की कच्चा शांति नगर में पड़ती शामलात जमीन पर गैरकानूनी ढंग से चल रहे तबेला मालिकों पर भी कार्रवाई नहीं हो पाई। यहां पर भी किसी तबेला मालिक ने सरकारी नोटिस पर साइन नहीं किए।