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Hindi News ›   Punjab ›   Patiala News ›   Messing with people's health will not be tolerated: Jyani

लोगों की सेहत से खिलवाड़ नहीं होगा बर्दाश्त: ज्याणी

Tue, 23 Jun 2015 10:10 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मोगा
ब्यूरो/अमर उजाला, मोगा Updated Tue, 23 Jun 2015 10:10 PM IST
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प्रदेश के सेहत मंत्री सुरजीत कुमार ज्याणी ने कहा कि मिलावट कर लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करने वाले उत्पादकों खिलाफ सख्त कार्यवाई होगी। ज्याणी मंगलवार की सुबह सिविल अस्पताल में मरीजों की मुश्किलें सुनने और स्टाफ की हाजिरी चेक करने के अलावा जच्चा-बच्चा वार्ड, इमरजेंसी का दौरा किया करने के बाद मीडिया से बात कर रहे थे।
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उन्होंने सिविल अस्पताल में सफाई प्रबंधों में अव्यवस्था पर नाराजगी जताई और गैर हाजिर स्टाफ की सिविल सर्जन को जवाब तलब करने के लिए हिदायत दी। उन्हाेंने सिविल अस्पताल में कबाड़  एंबुलेंसों को भी हटाने के लिए कहा।
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सेहत मंत्री ने बताया कि राज्य में मिलावट रोकू मुहिम शुरू की गई है। उन्हाेंने बताया कि इस मुहिम के अंतर्गत ढाबों आदि पर किसी भी तरह का मिलावटी भोजन बनाने और फास्ट फूड  बेचने वालों, होटलों, रेस्टोरेंट का निरीक्षण करने और दूध से बनने वाले उत्पादों की तरफ विशेष ध्यान देने की हिदायतें दीं गई हैं।
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उन्हाेंने कहा कि लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और भारी जुर्माना किया जाएगा। उन्हाेंने कहा कि सेहत अफसरों को आदेश दिए हैं कि खाद्य पदार्थों के सैंपल भरकर समय अनुसार लेबोरेटरी में भेजकर टेस्ट करवाए जाएं और रिपोर्ट अनुसार मिलावटखोरों पर बनती कार्यवाई की जाए।
 
सेहत मंत्री ने कहा कि खाद्य पदार्थों की बिक्री और उत्पाद करने वालों की सेहत विभाग में रजिस्ट्रेशन होना लाजिमी है। ज्याणी ने दावा किया कि सरकार के प्रयासों से सरकारी अस्पतालों में लगातार सुधार हो रहा है और अस्पतालों की ओपीडी में लगातार विस्तार हो रहा है।

उन्हाेंने बताया कि सरकारी अस्पतालों में तकरीबन 250 से अधिक किस्म की दवाएं मरीजों को मुफ्त दीं जा रही हैं। इस के अलावा जन औषधि केन्द्रों जरिये लोगों को बहुत ही सस्ते रेटों पर दवाएं मुहैया करवाई जा रही हैं।


उन्हाेंने कहा कि सरकार जच्चा -बच्चा को सेहत सुरक्षा और प्रसव के दौरान मौत दर को कम करने के लिए प्रत्यनशील है। उन्हाेंने कहा कि राज्य में अभी भी 14 प्रतिशत प्रसव घरों में हो रही हैं, लेकिन सरकार 100 प्रतिशत सरकारी अस्पतालों में कराने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है।
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