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काम छोड़ हड़ताल करके सरकार के खिलाफ मुलाजिमों ने की रैली
ब्यूरो, अमर उजाला, पटियाला
Updated Wed, 20 Jul 2016 05:41 PM IST
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पटियाला में बुधवार को सरकार के खिलाफ रैली करते मुलाजिम।
- फोटो : अमर उजाला
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आल इंडिया स्टेट गर्वनमेंट क्लास फोर्थ इंप्लाइज फेडरेशन के आह्वान पर बुधवार को सरकारी व अर्द्ध सरकारी विभागों के चौथा दर्जा मुलाजिमों ने काम छोड़ हड़ताल करके रैलियां कीं। इस मौके पर केंद्र व पंजाब सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किए गए।
सरकार से मांग की गई कि छठे पंजाब वेतन आयोग का गठन किया जाए, जिसका चेयरमैन हाईकोर्ट का जज हो। साथ ही डीए का 23 महीनों का बकाया देने समेत और कई जायज मांगें उठाई गईं, जिनके पूरा न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी गई।
रैली को संबोधित करते हुए मुलाजिम नेताओं दर्शन सिंह लुबाना, महासचिव मोहन सिंह नेगी ने कहा कि पंजाब के सरकारी और अर्द्ध सरकारी विभागों में काम कर रहे चौथा दर्जा मुलाजिमों की मांगों संबंधी कई बार ज्ञापन देने के बावजूद सीएम, वित्त मंत्री और मुख्य सचिव स्तर पर बातचीत के लिए नहीं बुलाया गया। इससे साफ होता है कि बादल सरकार की ओर से मुलाजिमों की अनदेखी की जा रही है।
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पिछले काफी समय से पंजाब में दर्जा चार मुलाजिमों व ड्राइवरों की नियमित भरती पर रोक लगाई हुई है। इससे कर्मचारी हितों का हनन हो रहा है। मांग की गई कि विभिन्न विभागों में खाली पडे़ पदों पर रेगुलर भरती की जाए। ठेके पर काम कर रहे और दिहाड़ीदार मुलाजिम रेगुलर किए जाएं। मृतक कर्मचारियों के वारिसों को एक्सग्रेशिया ग्रांट देनी बंद की हुई है, उसे चालू किया जाए। दसवीं पास दर्जा चार मुलाजिमों को दर्जा तीन में प्रमोट किया जाए, इसके लिए टाइप टेस्ट न लिया जाए।
नए भरती मुलाजिमों को दो साल तक ग्रेड पे, महंगाई भत्ता, मकान किराया भत्ता, मोबाइल भत्ता, सिटी भत्ता आदि भी दिया जाए। विभागों में आउटसोर्सिंग की नीति बंद की जाए। मुलाजिमों को वर्दियां देने, 2004 के बाद भरती कर्मचारियों पर पेंशन स्कीम लागू करने की भी मांग की।
मुलाजिम नेताओं ने कहा कि केंद्रीय सातवें वेतन आयोग ने अपनी रिपोर्ट में चौथा दर्जा कर्मचारियों के वेतनमानों की सिफारिशें नहीं की हैं। इसलिए केंद्र व पंजाब सरकार के खिलाफ 14 व 15 अगस्त को भूख हड़तालें करके रोष मार्च निकाला जाएगा।
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सरकार से मांग की गई कि छठे पंजाब वेतन आयोग का गठन किया जाए, जिसका चेयरमैन हाईकोर्ट का जज हो। साथ ही डीए का 23 महीनों का बकाया देने समेत और कई जायज मांगें उठाई गईं, जिनके पूरा न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी गई।
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रैली को संबोधित करते हुए मुलाजिम नेताओं दर्शन सिंह लुबाना, महासचिव मोहन सिंह नेगी ने कहा कि पंजाब के सरकारी और अर्द्ध सरकारी विभागों में काम कर रहे चौथा दर्जा मुलाजिमों की मांगों संबंधी कई बार ज्ञापन देने के बावजूद सीएम, वित्त मंत्री और मुख्य सचिव स्तर पर बातचीत के लिए नहीं बुलाया गया। इससे साफ होता है कि बादल सरकार की ओर से मुलाजिमों की अनदेखी की जा रही है।
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पिछले काफी समय से पंजाब में दर्जा चार मुलाजिमों व ड्राइवरों की नियमित भरती पर रोक लगाई हुई है। इससे कर्मचारी हितों का हनन हो रहा है। मांग की गई कि विभिन्न विभागों में खाली पडे़ पदों पर रेगुलर भरती की जाए। ठेके पर काम कर रहे और दिहाड़ीदार मुलाजिम रेगुलर किए जाएं। मृतक कर्मचारियों के वारिसों को एक्सग्रेशिया ग्रांट देनी बंद की हुई है, उसे चालू किया जाए। दसवीं पास दर्जा चार मुलाजिमों को दर्जा तीन में प्रमोट किया जाए, इसके लिए टाइप टेस्ट न लिया जाए।
नए भरती मुलाजिमों को दो साल तक ग्रेड पे, महंगाई भत्ता, मकान किराया भत्ता, मोबाइल भत्ता, सिटी भत्ता आदि भी दिया जाए। विभागों में आउटसोर्सिंग की नीति बंद की जाए। मुलाजिमों को वर्दियां देने, 2004 के बाद भरती कर्मचारियों पर पेंशन स्कीम लागू करने की भी मांग की।
मुलाजिम नेताओं ने कहा कि केंद्रीय सातवें वेतन आयोग ने अपनी रिपोर्ट में चौथा दर्जा कर्मचारियों के वेतनमानों की सिफारिशें नहीं की हैं। इसलिए केंद्र व पंजाब सरकार के खिलाफ 14 व 15 अगस्त को भूख हड़तालें करके रोष मार्च निकाला जाएगा।