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पटियाला: ओमिक्रॉन का खतरा मंडराया, पंजाब की पहली जिनोम सिक्वेंसिंग लैब में किटों की कमी

Tue, 14 Dec 2021 06:38 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Tue, 14 Dec 2021 06:38 PM IST
सार

अभी ओमिक्रॉन का खतरा बरकरार है। पंजाब सरकार ने कोरोना की तीसरी संभावित लहर से निपटने की तैयारी पूरी कर ली है। लेकिन पटियाला के सरकारी मेडिकल कॉलेज में स्थापित प्रदेश की पहली जिनोम सिक्वेंसिंग लैब में टेस्टिंग किट की कमी हो गई है।

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Lack of testing kits in Punjab first genome sequencing lab
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पीटीआई

विस्तार

पंजाब में ओमिक्रॉन का खतरा मंडरा रहा है लेकिन पटियाला के सरकारी मेडिकल कॉलेज में स्थापित प्रदेश की होल जिनोम सिक्वेंसिंग लैब में टेस्टिंग किटों की बड़ी कमी है। हालात ये हैं कि केवल एक हफ्ते तक टेस्टिंग के लिए किटें उपलब्ध हैं। इसके बाद फिर से सैंपल जांच के लिए दिल्ली भेजने की नौबत आ सकती है। हालांकि लैब की इंचार्ज डॉ. रूपिंदर बख्शी का कहना है कि पंजाब सरकार को टेस्टिंग किटों की मांग भेजी है। उम्मीद है कि जल्द मिल जाएंगी।

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सरकारी मेडिकल कॉलेज स्थित होल जिनोम सिक्वेंसिंग लैब में ओमिक्रॉन वैरिएंट की जांच के लिए सैंपल केवल पटियाला जिले से ही नहीं, बल्कि पंजाब के अलग-अलग जिलों से आ रहे हैं। सितंबर 2021 में स्थापित हुई इस लैब में अब तक 313 से ज्यादा सैंपलों की जांच वैरिएंट के लिए की जा चुकी है। 
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पंजाब में इस समय ओमिक्रॉन का खतरा मंडरा रहा है। यहां तक कि चंडीगढ़ तक ओमिक्रॉन का केस पहुंच गया है लेकिन ऐसे में पंजाब की इस पहली जिनोम सिक्वेंसिंग लैब में टेस्टिंग किटों की बड़ी कमी सामने आई है। जानकारी के मुताबिक लैब में इस समय मुश्किल से हफ्ते भर की टेस्टिंग के लिए किटें उपलब्ध हैं। 
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उधर, अकेले पटियाला जिले में ही दिसंबर में अब तक 1162 ट्रैवलर केंद्र सरकार द्वारा नोटिफाई देशों से वापस लौटे हैं। इनमें 148 ओमिक्रॉन के हाई रिस्क वाले देशों से लौटे हैं। जिनकी सैंपलिंग नियमानुसार सात दिन के बाद कराई जानी होती है। ऐसे में टेस्टिंग किटों की कमी के चलते लैब में वैरिएंट की जांच का काम ठप पड़ने की आशंका है। इससे मरीजों को दिक्कत हो सकती है और समय पर पता न लगने पर बीमारी फैलने का भी खतरा रहता है। 

पहले भी पटियाला में जिनोम सिक्वेंसिंग लैब की कमी के चलते सैंपल जांच को दिल्ली भेजे जाते थे। इसकी रिपोर्ट आने में एक महीने तक का समय लग जाता था। पटियाला में लैब के खुलने से रिपोर्ट हफ्ते से 10 दिनों के अंदर मिलने लगी थी, जिससे मरीजों ने राहत की सांस ली थी।

1200 किटों की मांग भेजी, उम्मीद है जल्द मिलेंगी: डॉ. बख्शी

लैब इंचार्ज डॉ. रूपिंदर बख्शी ने माना कि हफ्ते भर की टेस्टिंग के लिए कुछ किटों की उपलब्धता है। 1200 किटों की मांग भेज रखी है, जिससे आने वाले तीन महीने निकल जाएंगे। उम्मीद है सरकार जल्द किटें उपलब्ध करा देगी। एक किट से 90 तक टेस्ट हो जाते हैं।

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