{"_id":"608437a58ebc3ed7043338d1","slug":"lack-of-labour-due-to-corona-patiala-news-pkl411379483","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना कारण लेबर की हुई किल्लत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोना कारण लेबर की हुई किल्लत
विज्ञापन
मंडियों में अब कोरोना के कारण लेबर की कमी हो गई है, इस कारण गेहूं की लिफ्टिंग नहीं हो रही है। हालात यह हैं कि खरीदे गेहूं में से आधे से ज्यादा गेहूं बोरियों में या फिर ढेरियों में मंडियों में लिफ्टिंग के इंतजार में पड़ा है। इससे मंडियों में गेहूं की आवक का काम प्रभावित होने से किसान परेशान हैं।
इस बार जिले में 105 मंडियों और कोरोना के कारण बनाए 313 अस्थायी केंद्रों में गेहूं की खरीद का काम हो रहा है। आंकड़ों के मुताबिक इन मंडियों व केंद्रों में अब तक 718046 मीट्रिक टन गेहूं की आवक हो चुकी है। इसमें से 682998 मीट्रिक टन की खरीद हो गई है। खास बात यह है कि इस बिके गेहूं में से केवल तीन लाख 325 मीट्रिक टन की ही लिफ्टिंग हुई है। बाकी 382673 मीट्रिक टन गेहूं बोरियों में या फिर ढेरियों के रूप में मंडियों में लिफ्टिंग के इंतजार में पड़ा है।
खरीदे गेहूं की लिफ्टिंग न होने से मंडियों में गेहूं की आवक प्रभावित हो रही है। फूड एंड सप्लाई विभाग की ओर से लगाए अनुमान के मुताबिक अभी मंडियों में करीब एक लाख मीट्रिक टन गेहूं की और आवक होगी, लेकिन मंडियां खाली न होने की सूरत में किसान इंतजार करने को मजबूर हैं। उधर जिन किसानों की फसलें बिकने के बाद बोरियों में भरकर तुलाई हो गई, वह तो खाली हो गए हैं, लेकिन जिनकी फसलें बिकने के बाद अभी भी ढेरियों में रखी हैं, वह किसान अभी भी मंडियों में ही भटकने को मजबूर हैं।
विज्ञापन
किसान उजागर सिंह ने कहा कि वह पिछले कई दिनों से पटियाला मंडी में बैठे हैं। फसल तो बिक गई, लेकिन अभी तुलाई न होने कारण वह मंडियों में ही रहने को मजबूर हैं। किसान रणजीत सिंह ने बताया कि फसलें काट ली हैं, लेकिन मंडियां भरी होने कारण ले जा नहीं पा रहे।
जिला फूड एंड सप्लाई कंट्रोलर हरशरणजीत सिंह बराड़ ने कहा कि इस बार कोरोना के कारण लॉकडाउन लगने के डर से लेबर वापस अपने गृह राज्यों यूपी और बिहार को लौट गई। इस कारण लेबर की कमी हो रही है, लेकिन इस समस्या को जल्द दूर करके संबंधित खरीद एजेंसियों द्वारा अपने माल को उठा लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि एकदम से ज्यादा फसलें आने से भी यह समस्या हुई है। जल्द ही किसानों की सारी शिकायतें दूर कर देंगे।
विज्ञापन
इस बार जिले में 105 मंडियों और कोरोना के कारण बनाए 313 अस्थायी केंद्रों में गेहूं की खरीद का काम हो रहा है। आंकड़ों के मुताबिक इन मंडियों व केंद्रों में अब तक 718046 मीट्रिक टन गेहूं की आवक हो चुकी है। इसमें से 682998 मीट्रिक टन की खरीद हो गई है। खास बात यह है कि इस बिके गेहूं में से केवल तीन लाख 325 मीट्रिक टन की ही लिफ्टिंग हुई है। बाकी 382673 मीट्रिक टन गेहूं बोरियों में या फिर ढेरियों के रूप में मंडियों में लिफ्टिंग के इंतजार में पड़ा है।
विज्ञापन
खरीदे गेहूं की लिफ्टिंग न होने से मंडियों में गेहूं की आवक प्रभावित हो रही है। फूड एंड सप्लाई विभाग की ओर से लगाए अनुमान के मुताबिक अभी मंडियों में करीब एक लाख मीट्रिक टन गेहूं की और आवक होगी, लेकिन मंडियां खाली न होने की सूरत में किसान इंतजार करने को मजबूर हैं। उधर जिन किसानों की फसलें बिकने के बाद बोरियों में भरकर तुलाई हो गई, वह तो खाली हो गए हैं, लेकिन जिनकी फसलें बिकने के बाद अभी भी ढेरियों में रखी हैं, वह किसान अभी भी मंडियों में ही भटकने को मजबूर हैं।
विज्ञापन
किसान उजागर सिंह ने कहा कि वह पिछले कई दिनों से पटियाला मंडी में बैठे हैं। फसल तो बिक गई, लेकिन अभी तुलाई न होने कारण वह मंडियों में ही रहने को मजबूर हैं। किसान रणजीत सिंह ने बताया कि फसलें काट ली हैं, लेकिन मंडियां भरी होने कारण ले जा नहीं पा रहे।
जिला फूड एंड सप्लाई कंट्रोलर हरशरणजीत सिंह बराड़ ने कहा कि इस बार कोरोना के कारण लॉकडाउन लगने के डर से लेबर वापस अपने गृह राज्यों यूपी और बिहार को लौट गई। इस कारण लेबर की कमी हो रही है, लेकिन इस समस्या को जल्द दूर करके संबंधित खरीद एजेंसियों द्वारा अपने माल को उठा लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि एकदम से ज्यादा फसलें आने से भी यह समस्या हुई है। जल्द ही किसानों की सारी शिकायतें दूर कर देंगे।