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दलितों पर अत्याचारों के खिलाफ सड़कों पर उतरी जत्थेबंदियां
ब्यूरो, अमर उजाला, पटियाला
Updated Sun, 27 Nov 2016 03:16 PM IST
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पटियाला में मांगों को लेकर प्रदर्शन करतीं विभिन्न जत्थेबंदियां।
- फोटो : अमर उजाला
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गांव जलूर में दलितों पर हुए अत्याचारों के खिलाफ विभिन्न जत्थेबंदियां सड़कों पर उतर आईं। इन जत्थेबंदियों ने पहले बस स्टैंड के नेहरू पार्क में रैली की। इसके बाद जुलूस की शक्ल में वाल्मीकि चौक पर पहुंचीं और यहां कैबिनेट मंत्री परमिंदर सिंह ढींढसा के खिलाफ प्रदर्शन किया। आरोप लगाया कि ढींढसा ने जलूर में दलितों पर हुए अत्याचारों के आरोपियों को बचाया है।
आंदोलनकारी जत्थेबंदियों में भारतीय किसान यूनियन एकता डकौंदा, पंजाब स्टूडेंट्स यूनियन, जमहूरी अधिकार सभा, नौजवान भारत सभा, टेक्निकल सर्विस यूनियन, गैस एजेंसी वर्कर यूनियन, स्त्री जागृति मंच आदि शामिल रहीं। रणजीत सिंग, काका सिंह, हरजिंदर सिंह ने कहा कि आज पंजाब में जमीनी बंटवारे का मसला प्रमुख है।
इसी मसले से संबंधित मांगों को लेकर जमीन प्राप्ति संघर्ष कमेटी ने पिछले समय से संघर्ष छेड़ा हुआ है। इसी संघर्ष की बदौलत बहुत सारे दलित परिवारों को कानून के मुताबिक मिलने वाली तीसरे हिस्से की पंचायती जमीन प्राप्त हुई। लेकिन बहुत सारे गांवों में धनाढ्य लोगों ने डम्मी बोली जरिये जमीन अपने कब्जे अधीन ही रखी हुई है।
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यही मसला जलूर गांव का है। जब संघर्षशील लोगों ने इसका विरोध किया, तो धनाढ्य लोगों ने कातिलाना हमला किया। इसमें एक बुजुर्ग गुरदेव कौर की मौत हो गई। किसान जत्थेबंदियों ने मांग की गई कि मरने वाली बुजुर्ग महिला को इंसाफ देकर आरोपियों खिलाफ बनती कार्रवाई की जाए।
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आंदोलनकारी जत्थेबंदियों में भारतीय किसान यूनियन एकता डकौंदा, पंजाब स्टूडेंट्स यूनियन, जमहूरी अधिकार सभा, नौजवान भारत सभा, टेक्निकल सर्विस यूनियन, गैस एजेंसी वर्कर यूनियन, स्त्री जागृति मंच आदि शामिल रहीं। रणजीत सिंग, काका सिंह, हरजिंदर सिंह ने कहा कि आज पंजाब में जमीनी बंटवारे का मसला प्रमुख है।
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इसी मसले से संबंधित मांगों को लेकर जमीन प्राप्ति संघर्ष कमेटी ने पिछले समय से संघर्ष छेड़ा हुआ है। इसी संघर्ष की बदौलत बहुत सारे दलित परिवारों को कानून के मुताबिक मिलने वाली तीसरे हिस्से की पंचायती जमीन प्राप्त हुई। लेकिन बहुत सारे गांवों में धनाढ्य लोगों ने डम्मी बोली जरिये जमीन अपने कब्जे अधीन ही रखी हुई है।
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यही मसला जलूर गांव का है। जब संघर्षशील लोगों ने इसका विरोध किया, तो धनाढ्य लोगों ने कातिलाना हमला किया। इसमें एक बुजुर्ग गुरदेव कौर की मौत हो गई। किसान जत्थेबंदियों ने मांग की गई कि मरने वाली बुजुर्ग महिला को इंसाफ देकर आरोपियों खिलाफ बनती कार्रवाई की जाए।