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Patiala News: पीयू में हॉस्टल मैस के खाने में निकले कीड़े, छात्राओं का प्रदर्शन
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प्रति डाइट रेट 27 रुपये से बढ़ाकर 32 रुपये करने का भी विरोध
जल्द मांगें पूरी न होने पर आंदोलन तेज करने की दी चेतावनी
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला। पंजाबी यूनिवर्सिटी के अंबेदकर हॉस्टल के मैस के खाने में कीड़े निकलने के बाद छात्राओं ने शनिवार को रोष प्रदर्शन करके जमकर नारेबाजी की। इस मौके छात्राओं ने डीन स्टूडेंट वेलफेयर के दफ्तर का घेराव किया। बाद में यूनिवर्सिटी प्रशासन की तरफ से उनकी मांगों को जल्द हल किए जाने पर छात्राओं ने प्रदर्शन खत्म किया। लेकिन चेतावनी दी कि अगर वादे के मुताबिक मसले जल्द हल न हुए, तो आंदोलन तेज किया जाएगा। इस मौके छात्रा दिलप्रीत कौर ने बताया कि अंबेदकर हास्टल में मैस के खाने में कीड़े निकले हैं। इस तरह का गंदा खाना खाने से छात्राओं के बीमार पड़ने का खतरा है। पिछले कईं दिनों से वह अपनी मांगों को लेकर यूनिवर्सिटी प्रशासन तक पहुंच कर रही हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इसमें सबसे अहम है कि यूनिवर्सिटी प्रशासन ने बिना कोई नोटिस दिए प्रति डाइट का रेट 27 रुपये से बढ़ाकर 32 रुपये कर दिया है।
बावजूद इसके खाना साफ-सुथरा नहीं दिया जा रहा है। हाॅस्टलों में साफ-सफाई के प्रबंध नहीं है। बाथरूम व वाश वेसिन ब्लाॅक रहते हैं। ऐसे में छात्राओं के लिए अंदर जाना भी मुश्किल हो जाता है। 650 की क्षमता वाले हास्टल के लिए केवल एक आरओ व एक फिल्टर है। ऐसे में पीने का पानी लेने के लिए लाइन लगती है। हास्टल के रीडिंग रूम में एसी का प्रबंध नहीं है। हवा तक अच्छे से अंदर नहीं आती है। वहां बैठकर पढ़ना मुश्किल हो जाता है। लाइब्रेरी में भीड़ ज्यादा रहने से वहां बैठकर पढ़ने को जगह नहीं मिल पाती है। हास्टल में वाई-फाई की व्यवस्था नहीं है। यूनिवर्सिटी कैंपस में लाइटों की कम व्यवस्था है, जिस कारण लड़कियों के साथ छेड़खानी की घटनाएं बढ़ रही हैं। छात्राओं ने कहा कि हाम्स्टल की वार्डन उनकी कोई सुनवाई नहीं कर रही है। इसलिए आज वह डीन स्टूडेंट वेलफेयर के पास पहुंची हैं, लेकिन जब उनकी बात नहीं सुनी गई, तो मजबूरन उन्हें प्रदर्शन करके नारेबाजी करनी पड़ी।
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जल्द मांगें पूरी न होने पर आंदोलन तेज करने की दी चेतावनी
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला। पंजाबी यूनिवर्सिटी के अंबेदकर हॉस्टल के मैस के खाने में कीड़े निकलने के बाद छात्राओं ने शनिवार को रोष प्रदर्शन करके जमकर नारेबाजी की। इस मौके छात्राओं ने डीन स्टूडेंट वेलफेयर के दफ्तर का घेराव किया। बाद में यूनिवर्सिटी प्रशासन की तरफ से उनकी मांगों को जल्द हल किए जाने पर छात्राओं ने प्रदर्शन खत्म किया। लेकिन चेतावनी दी कि अगर वादे के मुताबिक मसले जल्द हल न हुए, तो आंदोलन तेज किया जाएगा। इस मौके छात्रा दिलप्रीत कौर ने बताया कि अंबेदकर हास्टल में मैस के खाने में कीड़े निकले हैं। इस तरह का गंदा खाना खाने से छात्राओं के बीमार पड़ने का खतरा है। पिछले कईं दिनों से वह अपनी मांगों को लेकर यूनिवर्सिटी प्रशासन तक पहुंच कर रही हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इसमें सबसे अहम है कि यूनिवर्सिटी प्रशासन ने बिना कोई नोटिस दिए प्रति डाइट का रेट 27 रुपये से बढ़ाकर 32 रुपये कर दिया है।
बावजूद इसके खाना साफ-सुथरा नहीं दिया जा रहा है। हाॅस्टलों में साफ-सफाई के प्रबंध नहीं है। बाथरूम व वाश वेसिन ब्लाॅक रहते हैं। ऐसे में छात्राओं के लिए अंदर जाना भी मुश्किल हो जाता है। 650 की क्षमता वाले हास्टल के लिए केवल एक आरओ व एक फिल्टर है। ऐसे में पीने का पानी लेने के लिए लाइन लगती है। हास्टल के रीडिंग रूम में एसी का प्रबंध नहीं है। हवा तक अच्छे से अंदर नहीं आती है। वहां बैठकर पढ़ना मुश्किल हो जाता है। लाइब्रेरी में भीड़ ज्यादा रहने से वहां बैठकर पढ़ने को जगह नहीं मिल पाती है। हास्टल में वाई-फाई की व्यवस्था नहीं है। यूनिवर्सिटी कैंपस में लाइटों की कम व्यवस्था है, जिस कारण लड़कियों के साथ छेड़खानी की घटनाएं बढ़ रही हैं। छात्राओं ने कहा कि हाम्स्टल की वार्डन उनकी कोई सुनवाई नहीं कर रही है। इसलिए आज वह डीन स्टूडेंट वेलफेयर के पास पहुंची हैं, लेकिन जब उनकी बात नहीं सुनी गई, तो मजबूरन उन्हें प्रदर्शन करके नारेबाजी करनी पड़ी।
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