फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Patiala News ›   gangrape victim commit suicide

पुलिस की लापरवाही से गैंगरेप पीड़िता ने दी जान

Fri, 28 Dec 2012 02:09 PM IST
पटियाला/ब्यूरो
पटियाला/ब्यूरो Updated Fri, 28 Dec 2012 02:09 PM IST
विज्ञापन
gangrape victim commit suicide

पातड़ां के थाना घग्गा के अधीन पड़ते गांव में गैंगरेप की शिकार एक लड़की ने पुलिस की ओर से आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से हताश होकर बुधवार रात जहर पीकर आत्महत्या कर ली। मामला उछलने के बाद वीरवार को पुलिस ने एक महिला समेत तीन आरोपियों को काबू कर लिया है, जबकि एक की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।

विज्ञापन


मामले में पुलिस की लापरवाही सामने आने के बाद थाना घग्गा के एसएचओ गुरचरन सिंह को सस्पेंड कर दिया गया है और चौकी बादशाहपुर के इंचार्ज नसीब सिंह को लाइन हाजिर कर दिया गया है। वहीं मामले की जांच के लिए एसपी (डी) की अगुवाई में कमेटी बैठा दी गई है।
विज्ञापन


दिवाली वाले दिन पातड़ां के गांव में 18 साल की एक लड़की को उसके परिवार के जान-पहचान की महिला आरोपी शिंदरपाल कौर की मदद से गांव के ही रहने वाले नौजवान आरोपी बलविंदर सिंह, गुरप्रीत सिंह और संदीप सिंह उठा ले गए थे और बाद में उसके साथ सामूहिक दुराचार किया था। वारदात के बाद कई दिनों तक पीड़ित लड़की व उसके परिवार वाले बादशाहपुर पुलिस चौकी समेत थाना घग्गा के इंचार्ज के पास अपनी फरियाद लेकर जाते रहे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन


27 नवंबर को पुलिस ने आरोपी महिला शिंदरपाल कौर समेत बाकी तीनों आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस तो दर्ज किया, लेकिन किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की। यहां तक कि इस एफआईआर को रोजाना आने वाली क्राइम रिपोर्ट में भी पुलिस ने नहीं दिया। आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से हताश होकर गैंगरेप की शिकार लड़की ने बुधवार रात को जहर पी लिया। गंभीर हालत में उसे पीजीआई चंडीगढ़ ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई। उसके शव को समाना अस्पताल ले जाया गया।

मरने से पहले लड़की सुसाइड नोट छोड़कर गई है, जिसमें उसने अपनी मौत के लिए आरोपी बलविंदर सिंह, गुरप्रीत सिंह और शिंदरपाल कौर को दोषी ठहराया। इस मामले में भी पुलिस ने अलग से आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज कर लिया है। मामले के उछलने के बाद पुलिस ने तीन आरोपियों को वीरवार को गिरफ्तार कर लिया, जबकि एक आरोपी संदीप सिंह की गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी।

मृतक लड़की के परिजनों का आरोप है कि वह लोग इंसाफ पाने के लिए लगातार पुलिस चौकी के चक्कर लगा रहे थे, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। जब 27 नवंबर को केस दर्ज हुआ, तो उन पर पुलिस की ओर से आरोपियों के साथ समझौता करने के लिए दबाव बनाया जाने लगा। रोजाना पुलिस कर्मचारी वर्दी में उनके घर आरोपियों को समझौता करने के लिए ला रहे थे। अकसर उन्हें थाने में बुलाकर बेइज्जत किया जाता था।

 
आईजी पटियाला जोन ने मानी पुलिस लापरवाही    
आईजी पटियाला जोन परमजीत सिंह गिल, एसएसपी गुरप्रीत सिंह, एसपी (डी) प्रितपाल सिंह ने मामले के सामने आने के बाद बाद दोपहर पुलिस लाइन में एक पत्रकार वार्ता बुलाई, जिसमें आईजी पटियाला जोन ने इस मामले में पुलिस की लापरवाही को माना। उन्होंने कहा कि गैंगरेप के कई दिनों तक केस दर्ज नहीं हुआ, जब हुआ, तो आरोपियों को पकड़ा नहीं गया। मामले को दबाने की कोशिश की गई।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed