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पटियाला : रंजिश हुई तो जानी दुश्मन बन गए जिगरी यार, सात महीने पहले तक दोस्त थे बाद में बढ़ी रंजिश
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पटियाला। सात महीने पहले तक एक दूसरे पर जान छिड़कने वाले जिगरी यार दुश्मनी में भी हद से गुजर गए। गुटबाजी के चलते हुई रंजिश इतनी बढ़ी कि कबड्डी क्लब के प्रधान धरमिंदर सिंह उर्फ भिंदा की उसके गांव के ही रहने वाले हरवीर सिंह ने साथियों के साथ हत्या कर दी। पुलिस ने शुक्रवार को इसका खुलासा किया।
जानकारी के मुताबिक, धरमिंदर सिंह, जुगनप्रीत सिंह, हरवीर सिंह और तेजिंदर सिंह उर्फ फौजी आपस में पक्के यार थे। चार महीने पहले पंजाबी यूनिवर्सिटी में पोस्टरबाजी को लेकर इनमें झगड़ा हुआ। असल में हरवीर सिंह पंजाबी यूनिवर्सिटी में अपना प्रभाव बढ़ा रहा था। जुगनप्रीत को यह नागवार गुजरा। यही बात रंजिश की वजह बन गई।
बता दें कि पंजाबी यूनिवर्सिटी के नजदीक पांच अप्रैल की देर रात करीब साढ़े 11 बजे धरमिंदर सिंह उर्फ भिंदा की कुछ लोगों ने गोली मार कर हत्या कर दी थी। बॉडी बिल्डिंग का शौकीन धरमिंदर सिंह रोजाना की तरह उस दिन भी जिम गया था। रात को आरोपी हरवीर सिंह, तेजिंदर सिंह फौजी ने भिंदा और जुगन को बातचीत के लिए यूनिवर्सिटी के नजदीक बुला लिया। बातचीत के दौरान मामला तू-तू मैं-मैं तक पहुंच गया।
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इसी बीच वहां मुंह पर रुमाल बांधे पहुंचे कुछ युवकों ने चार से पांच राउंड फायर किए। इसी बीच एक गोली कबड्डी क्लब प्रधान की पीठ में लगी। वारदात के बाद हमलावर कुछ देर तक बाइक पर घटनास्थल पर रुके और बाद में फरार हो गए। उधर तुरंत धरमिंदर सिंह को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
एक साल में पंजाब पुलिस के साथ एसटीएफ का चौथा अभियान
देहरादून। अपराधियों की धरपकड़ के लिए उत्तराखंड एसटीएफ और पंजाब पुलिस का एक साल में यह चौथा संयुक्त अभियान था। इससे पहले जनवरी में पंजाब के पठानकोट बम ब्लास्ट के साजिशकर्ता को शरण देने के मामले में ऊधमसिंह नगर के चार आरोपियों को उत्तराखंड एसटीएफ ने गिरफ्तार किया था। इसी साल जनवरी में पाकिस्तान बॉर्डर से 40 किमी दूर डोगरा फरीदकोट (पंजाब) में उत्तराखंड एसटीएफ ने अरबों की मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रोहित कुमार को गिरफ्तार गिरफ्तार किया था।
2021 में पंजाब के वांछित गैंगस्टर संदीप सिंह उर्फ भला शेखू, फतेह सिंह उर्फ युवराज, अमनदीप सिंह और जगवंत सिंह ने ऊधमसिंह नगर के काशीपुर थाना क्षेत्र में शरण ली थी। पंजाब पुलिस और उत्तराखंड एसटीएफ ने संयुक्त कार्रवाई कर चारों को काशीपुर स्थित एक फार्म हाउस से हथियारों के साथ गिरफ्तार किया था। एसटीएफ प्रभारी ने बताया कि उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स संगठित अपराध पर लगातार नजर रख रही है। लगातार पड़ोसी और अन्य राज्यों की पुलिस के संपर्क में है।
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जानकारी के मुताबिक, धरमिंदर सिंह, जुगनप्रीत सिंह, हरवीर सिंह और तेजिंदर सिंह उर्फ फौजी आपस में पक्के यार थे। चार महीने पहले पंजाबी यूनिवर्सिटी में पोस्टरबाजी को लेकर इनमें झगड़ा हुआ। असल में हरवीर सिंह पंजाबी यूनिवर्सिटी में अपना प्रभाव बढ़ा रहा था। जुगनप्रीत को यह नागवार गुजरा। यही बात रंजिश की वजह बन गई।
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बता दें कि पंजाबी यूनिवर्सिटी के नजदीक पांच अप्रैल की देर रात करीब साढ़े 11 बजे धरमिंदर सिंह उर्फ भिंदा की कुछ लोगों ने गोली मार कर हत्या कर दी थी। बॉडी बिल्डिंग का शौकीन धरमिंदर सिंह रोजाना की तरह उस दिन भी जिम गया था। रात को आरोपी हरवीर सिंह, तेजिंदर सिंह फौजी ने भिंदा और जुगन को बातचीत के लिए यूनिवर्सिटी के नजदीक बुला लिया। बातचीत के दौरान मामला तू-तू मैं-मैं तक पहुंच गया।
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इसी बीच वहां मुंह पर रुमाल बांधे पहुंचे कुछ युवकों ने चार से पांच राउंड फायर किए। इसी बीच एक गोली कबड्डी क्लब प्रधान की पीठ में लगी। वारदात के बाद हमलावर कुछ देर तक बाइक पर घटनास्थल पर रुके और बाद में फरार हो गए। उधर तुरंत धरमिंदर सिंह को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
एक साल में पंजाब पुलिस के साथ एसटीएफ का चौथा अभियान
देहरादून। अपराधियों की धरपकड़ के लिए उत्तराखंड एसटीएफ और पंजाब पुलिस का एक साल में यह चौथा संयुक्त अभियान था। इससे पहले जनवरी में पंजाब के पठानकोट बम ब्लास्ट के साजिशकर्ता को शरण देने के मामले में ऊधमसिंह नगर के चार आरोपियों को उत्तराखंड एसटीएफ ने गिरफ्तार किया था। इसी साल जनवरी में पाकिस्तान बॉर्डर से 40 किमी दूर डोगरा फरीदकोट (पंजाब) में उत्तराखंड एसटीएफ ने अरबों की मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रोहित कुमार को गिरफ्तार गिरफ्तार किया था।
2021 में पंजाब के वांछित गैंगस्टर संदीप सिंह उर्फ भला शेखू, फतेह सिंह उर्फ युवराज, अमनदीप सिंह और जगवंत सिंह ने ऊधमसिंह नगर के काशीपुर थाना क्षेत्र में शरण ली थी। पंजाब पुलिस और उत्तराखंड एसटीएफ ने संयुक्त कार्रवाई कर चारों को काशीपुर स्थित एक फार्म हाउस से हथियारों के साथ गिरफ्तार किया था। एसटीएफ प्रभारी ने बताया कि उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स संगठित अपराध पर लगातार नजर रख रही है। लगातार पड़ोसी और अन्य राज्यों की पुलिस के संपर्क में है।