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Patiala News: पराली न जलाने वाले किसान दूसरों के लिए बने प्रेरणास्रोत
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डीसी ने अन्य किसानों को भी पराली न जलाने की अपील की
कहा, प्रशासन पराली मैनेजमेंट के लिए मशीनरी देगा
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला। पटियाला जिले में पराली को बिना जलाए इसकी संभाल करने वाले किसान अन्य के लिए भी प्रेरणास्रोत बने हैं। गांव मंढौड में किसान इंद्रजीत सिंह पराली को बिना आग लगाए इसकी संभाल करने के लिए गांठें बनवा रहे हैं।
डीसी डॉ. प्रीति यादव ने खुद किसान के खेत का दौरा किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि दूसरे किसानों को भी पर्यावरण की सुरक्षा और पराली को बिना जलाए इसकी संभाल करने के लिए आगे आना चाहिए। जिला प्रशासन ऐसे किसानों को जरूरी मशीनरी देगा। डीसी ने कहा कि किसान जरूरी मशीनरी हैप्पी सीडर, सुपर सीडर और सरफेस सीडर लेने के लिए जिला प्रशासन के कंट्रोल सेंटर के फोन नंबर 0175-2350550 पर संपर्क करें।
डॉ. प्रीति यादव ने उन किसानों की तारीफ की जिन्होंने पराली को जमीन में मिलाकर बेलर से गांठें बनाईं। इस मौके पर बेलर मालिक अमृतपाल सिंह ने कहा कि उन्होंने करीब दो करोड़ रुपये की लागत से एक बेलर और ट्रैक्टर खरीदा है, जो एक दिन में 150 एकड़ जमीन में पराली की गांठें बनाता है। वहीं, गांव मंढौड के सरपंच हरप्रीत सिंह और अमनदीप सिंह ने कहा कि उनके इलाके में कोई भी किसान पराली नहीं जला रहा। डीसी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुसार जिले में पराली जलाने से रोकने और एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग कमीशन के निर्देशों का पालन करने के लिए सभी एडीसी और एसडीएम व डीएसपी और दूसरी टीमों समेत पूरा जिला प्रशासन किसानों से लगातार बातचीत कर रहा है।
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वहीं, गांव और कलस्टर स्तर पर कलस्टर और नोडल अफसर तैनात किए गए हैं। इन टीमों की ओर से किसानों को पराली जलाने से पर्यावरण को होने वाले नुकसान और खेतों की उपजाऊ शक्ति कम होने के बारे में अवगत कराया जा रहा है, जिससे भविष्य में पराली जलाने के मामलों को और कम किया जा सके।
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कहा, प्रशासन पराली मैनेजमेंट के लिए मशीनरी देगा
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला। पटियाला जिले में पराली को बिना जलाए इसकी संभाल करने वाले किसान अन्य के लिए भी प्रेरणास्रोत बने हैं। गांव मंढौड में किसान इंद्रजीत सिंह पराली को बिना आग लगाए इसकी संभाल करने के लिए गांठें बनवा रहे हैं।
डीसी डॉ. प्रीति यादव ने खुद किसान के खेत का दौरा किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि दूसरे किसानों को भी पर्यावरण की सुरक्षा और पराली को बिना जलाए इसकी संभाल करने के लिए आगे आना चाहिए। जिला प्रशासन ऐसे किसानों को जरूरी मशीनरी देगा। डीसी ने कहा कि किसान जरूरी मशीनरी हैप्पी सीडर, सुपर सीडर और सरफेस सीडर लेने के लिए जिला प्रशासन के कंट्रोल सेंटर के फोन नंबर 0175-2350550 पर संपर्क करें।
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डॉ. प्रीति यादव ने उन किसानों की तारीफ की जिन्होंने पराली को जमीन में मिलाकर बेलर से गांठें बनाईं। इस मौके पर बेलर मालिक अमृतपाल सिंह ने कहा कि उन्होंने करीब दो करोड़ रुपये की लागत से एक बेलर और ट्रैक्टर खरीदा है, जो एक दिन में 150 एकड़ जमीन में पराली की गांठें बनाता है। वहीं, गांव मंढौड के सरपंच हरप्रीत सिंह और अमनदीप सिंह ने कहा कि उनके इलाके में कोई भी किसान पराली नहीं जला रहा। डीसी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुसार जिले में पराली जलाने से रोकने और एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग कमीशन के निर्देशों का पालन करने के लिए सभी एडीसी और एसडीएम व डीएसपी और दूसरी टीमों समेत पूरा जिला प्रशासन किसानों से लगातार बातचीत कर रहा है।
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वहीं, गांव और कलस्टर स्तर पर कलस्टर और नोडल अफसर तैनात किए गए हैं। इन टीमों की ओर से किसानों को पराली जलाने से पर्यावरण को होने वाले नुकसान और खेतों की उपजाऊ शक्ति कम होने के बारे में अवगत कराया जा रहा है, जिससे भविष्य में पराली जलाने के मामलों को और कम किया जा सके।