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Patiala News: शंभू बॉर्डर पर जुटने लगे किसान, कल होने वाली महापंचायत के लिए तैयारियां जोरों पर
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-बैठकें कर हर गांव से किसानों को बड़ी गिनती में ट्रैक्टर-ट्रालियों के साथ पहुंचने की अपील
-मोर्चे के 200 दिन पूरे होने पर हो रही है महापंचायत, देश भर से किसान नेता शामिल होंगे
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अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला। शंभू बॉर्डर पर चहल-पहल बढ़ गई है। यहां काफी संख्या में किसान जुटने लगे हैं। दरअसल किसान आंदोलन-2.0 के 200 दिन पूरे होने पर शुक्रवार को शंभू व खनौरी बॉर्डरों पर किसान महापंचायतों का आयोजन किया जा रहा है। किसानों को बड़ी संख्या में ट्रैक्टर-ट्रालियों के साथ बाॅर्डर पर पहुंचने की अपील की जा रही है। इस अपील के मद्देनजर अभी से किसान बॉर्डरों पर पहुंचने लगे हैं। इनमें महिलाएं भी शामिल हैं।
इन किसान महापंचायतों में भाग लेने के लिए देश भर से किसान नेता भी पहुंच रहे हैं। हरियाणा से भी काफी संख्या में किसान पहुंचेंगे। किसान नेता सरवण सिंह पंधेर व जगजीत सिंह डल्लेवाल का कहना है कि इस मौके पर आपस में विचार-चर्चा करके आगे की रणनीति पर फैसला लिया जा सकता है, लेकिन इतना साफ है कि जब तक एमएसपी की कानूनी गारंटी समेत बाकी मांगें पूरी नहीं की जाएंगी, तब तक किसान वापस नहीं जाएंगे। वह बॉर्डरों पर ही डटे रहेंगे। अगर बाॅर्डर खुलते हैं, तो किसान अपनी ट्रैक्टर-ट्रालियों के साथ ही दिल्ली के लिए कूच करेंगे। गौरतलब है कि किसान 13 फरवरी से शंभू व खनौरी बाॅर्डरों पर बैठे हैं। फिलहाल शंभू बॉर्डर खोलने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है।
गांव-गांव किसानों को आंदोलन से जोड़ा जा रहा है। वहीं, कंगना रनौत और रवनीत सिंह बिट्टू की किसान आंदोलन के बारे में दी विवादित टिप्पणियों का विरोध भी किया जा रहा है। किसानों को कहा जा रहा है कि अगर वह चाहते हैं कि उनके बच्चों के हक सरकारें न मार सकें, तो इसके लिए उन्हें खुद आगे होकर लड़ाई लड़नी होगी। किसान नेता डल्लेवाल ने कहा कि एमएसपी की कानूनी गारंटी मिलने से केवल किसानों को लाभ नहीं होगा, बल्कि इससे आम लोगों का भी फायदा होगा। उन्हें खाने-पीने की चीजें कंट्रोल रेट पर मिलेंगी। उनकी अपील है कि आम लोग भी किसानों की इस लड़ाई में उनके साथ आएं।
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कंगना पर लोकसभा सदस्यता रद्द हो
डल्लेवाल ने इस मौके कंगना रनौत की ओर से किसानी आंदोलन के बारे में दिए जा रहे विवादित बयानों की निंदा करते हुए कहा कि भाजपा को कंगना की लोकसभा सदस्यता रद्द करके उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराना चाहिए। केवल चुप रहने की नसीहत देना काफी नहीं है। डल्लेवाल ने कहा कि किसान जत्थेबंदियां की अपील है कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से केंद्र को एमएसपी की कानूनी गारंटी देने के आदेश जारी किए जाएं।
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-मोर्चे के 200 दिन पूरे होने पर हो रही है महापंचायत, देश भर से किसान नेता शामिल होंगे
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला। शंभू बॉर्डर पर चहल-पहल बढ़ गई है। यहां काफी संख्या में किसान जुटने लगे हैं। दरअसल किसान आंदोलन-2.0 के 200 दिन पूरे होने पर शुक्रवार को शंभू व खनौरी बॉर्डरों पर किसान महापंचायतों का आयोजन किया जा रहा है। किसानों को बड़ी संख्या में ट्रैक्टर-ट्रालियों के साथ बाॅर्डर पर पहुंचने की अपील की जा रही है। इस अपील के मद्देनजर अभी से किसान बॉर्डरों पर पहुंचने लगे हैं। इनमें महिलाएं भी शामिल हैं।
इन किसान महापंचायतों में भाग लेने के लिए देश भर से किसान नेता भी पहुंच रहे हैं। हरियाणा से भी काफी संख्या में किसान पहुंचेंगे। किसान नेता सरवण सिंह पंधेर व जगजीत सिंह डल्लेवाल का कहना है कि इस मौके पर आपस में विचार-चर्चा करके आगे की रणनीति पर फैसला लिया जा सकता है, लेकिन इतना साफ है कि जब तक एमएसपी की कानूनी गारंटी समेत बाकी मांगें पूरी नहीं की जाएंगी, तब तक किसान वापस नहीं जाएंगे। वह बॉर्डरों पर ही डटे रहेंगे। अगर बाॅर्डर खुलते हैं, तो किसान अपनी ट्रैक्टर-ट्रालियों के साथ ही दिल्ली के लिए कूच करेंगे। गौरतलब है कि किसान 13 फरवरी से शंभू व खनौरी बाॅर्डरों पर बैठे हैं। फिलहाल शंभू बॉर्डर खोलने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है।
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गांव-गांव किसानों को आंदोलन से जोड़ा जा रहा है। वहीं, कंगना रनौत और रवनीत सिंह बिट्टू की किसान आंदोलन के बारे में दी विवादित टिप्पणियों का विरोध भी किया जा रहा है। किसानों को कहा जा रहा है कि अगर वह चाहते हैं कि उनके बच्चों के हक सरकारें न मार सकें, तो इसके लिए उन्हें खुद आगे होकर लड़ाई लड़नी होगी। किसान नेता डल्लेवाल ने कहा कि एमएसपी की कानूनी गारंटी मिलने से केवल किसानों को लाभ नहीं होगा, बल्कि इससे आम लोगों का भी फायदा होगा। उन्हें खाने-पीने की चीजें कंट्रोल रेट पर मिलेंगी। उनकी अपील है कि आम लोग भी किसानों की इस लड़ाई में उनके साथ आएं।
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कंगना पर लोकसभा सदस्यता रद्द हो
डल्लेवाल ने इस मौके कंगना रनौत की ओर से किसानी आंदोलन के बारे में दिए जा रहे विवादित बयानों की निंदा करते हुए कहा कि भाजपा को कंगना की लोकसभा सदस्यता रद्द करके उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराना चाहिए। केवल चुप रहने की नसीहत देना काफी नहीं है। डल्लेवाल ने कहा कि किसान जत्थेबंदियां की अपील है कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से केंद्र को एमएसपी की कानूनी गारंटी देने के आदेश जारी किए जाएं।