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किसानों ने डीसी दफ्तर का किया घेराव, दिया धरना
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पटियाला। पंजाब सरकार की ओर से सहकारी सभाओं का रसायनिक खादों का कोटा 80 से घटाकर 50 फीसदी किए जाने पर किसानों में रोष है। इसके चलते शुक्रवार दोपहर को किसानों ने डीसी दफ्तर का घेराव किया। भाकियू एकता (डकौंदा) के बैनर तले किसानों ने सरकार खिलाफ जमकर नारेबाजी की और इस फैसले को वापस लेने की मांग की।
यूनियन के जिला प्रधान गुरमेल सिंह ढकड़बा, सचिव जगमेल सिंह सुधेवाल, वरिष्ठ उपप्रधान गुरबचन सिंह कनसुहा कलां और टहल सिंह ककेपुर ने कहा कि एक तरफ तो कैप्टन सरकार खुद को किसान हितैषी बताती है और दूसरी तरफ उनसे इस तरह का व्यवहार किया जा रहा है। सहकारी सभाओं का रसायनिक खाद का कोटा घटाकर सरकार ने छोटे किसानों की कमर तोड़ दी है। पहले ही कर्ज की मार झेल रहे छोटे किसानों को अब रसायनिक खादों के लिए निजी डीलरों की लूट का शिकार होना पड़ेगा।
किसानों ने पंजाब सरकार से मांग की कि पराली जलाने संबंधी अदालतों में लंबित पड़े केस मामले वापस लिए जाएं, खादों का कोटा पहले की तरह जारी करके किसान विरोधी फैसला वापस लिया जाए। इसके बाद किसानों ने सहायक कमिश्नर (जनरल) जसलीन कौर भूल्लर को मांगपत्र भी सौंपा।
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यूनियन के जिला प्रधान गुरमेल सिंह ढकड़बा, सचिव जगमेल सिंह सुधेवाल, वरिष्ठ उपप्रधान गुरबचन सिंह कनसुहा कलां और टहल सिंह ककेपुर ने कहा कि एक तरफ तो कैप्टन सरकार खुद को किसान हितैषी बताती है और दूसरी तरफ उनसे इस तरह का व्यवहार किया जा रहा है। सहकारी सभाओं का रसायनिक खाद का कोटा घटाकर सरकार ने छोटे किसानों की कमर तोड़ दी है। पहले ही कर्ज की मार झेल रहे छोटे किसानों को अब रसायनिक खादों के लिए निजी डीलरों की लूट का शिकार होना पड़ेगा।
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किसानों ने पंजाब सरकार से मांग की कि पराली जलाने संबंधी अदालतों में लंबित पड़े केस मामले वापस लिए जाएं, खादों का कोटा पहले की तरह जारी करके किसान विरोधी फैसला वापस लिया जाए। इसके बाद किसानों ने सहायक कमिश्नर (जनरल) जसलीन कौर भूल्लर को मांगपत्र भी सौंपा।
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