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किसानों को मिल रही केवल तीन घंटे बिजली
ब्यूरो, अमर उजाला, पटियाला
Updated Fri, 13 May 2016 03:15 PM IST
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किसान
- फोटो : अमर उजाला
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भीषण गर्मी के इस मौसम में पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन की ओर से किसानों को ट्यूबवेलों की बिजली सप्लाई एक दिन छोड़कर दूसरे दिन केवल तीन-चार घंटे दी जा रही है। इससे गर्मी में सब्जियों, पशुओं के लिए हरे चारे, सूरजमुखी और नरमे की बिजाई पर बुरा असर पड़ रहा है। इससे किसानों को काफी परेशानी हो रही है। इस समस्या को लेकर वीरवार को भारतीय किसान मंच के राष्ट्रीय प्रधान सतनाम सिंह बहिरू की अगुवाई में किसानों का शिष्टमंडल पावरकॉम के एमडी केडी चौधरी को उनके दफ्तर में मिला।
शिष्टमंडल ने चेयरमैन के ध्यान में लाया कि गर्मी में जहां सब्जियों, हरे चारे और गन्ने की फसल सूख रही है, वहीं नरमे की बिजाई के लिए ट्यूबवेलों की बिजली सप्लाई दूसरे दिन मिलने के कारण प्रभावित हो रही है। साथ ही खेतीबाड़ी यूनिवर्सिटी के माहिरों की सिफारिशों के मुताबिक धान की पनीरी बीजने के लिए ट्यूबवेलों की बिजली सप्लाई रोजाना जरूरी चाहिए इसलिए किसानों के शिष्टमंडल ने चेयरमैन से मांग की कि ट्यूबवेलों की सप्लाई रोजाना कम से कम छह घंटे दी जाए।
सतनाम सिंह ने बताया कि शिष्टमंडल की मांग से सहमत होते हुए चेयरमैन ने मौके पर ही रोजाना चार घंटे और जहां कपास, नरमा, सूरजमुखी, सब्जियों व गन्ने की काश्त है, उन बेल्टों में रोजाना छह घंटे बिजली सप्लाई करने के आदेश दिए। चेयरमैन ने किसानों को यकीन दिलाया कि गर्मी के सीजन में किसानों को बिजली की कमी नहीं आने दी जाएगी।
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शिष्टमंडल ने चेयरमैन के ध्यान में लाया कि गर्मी में जहां सब्जियों, हरे चारे और गन्ने की फसल सूख रही है, वहीं नरमे की बिजाई के लिए ट्यूबवेलों की बिजली सप्लाई दूसरे दिन मिलने के कारण प्रभावित हो रही है। साथ ही खेतीबाड़ी यूनिवर्सिटी के माहिरों की सिफारिशों के मुताबिक धान की पनीरी बीजने के लिए ट्यूबवेलों की बिजली सप्लाई रोजाना जरूरी चाहिए इसलिए किसानों के शिष्टमंडल ने चेयरमैन से मांग की कि ट्यूबवेलों की सप्लाई रोजाना कम से कम छह घंटे दी जाए।
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सतनाम सिंह ने बताया कि शिष्टमंडल की मांग से सहमत होते हुए चेयरमैन ने मौके पर ही रोजाना चार घंटे और जहां कपास, नरमा, सूरजमुखी, सब्जियों व गन्ने की काश्त है, उन बेल्टों में रोजाना छह घंटे बिजली सप्लाई करने के आदेश दिए। चेयरमैन ने किसानों को यकीन दिलाया कि गर्मी के सीजन में किसानों को बिजली की कमी नहीं आने दी जाएगी।
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