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पराली का सही प्रबंधन कर बाकी के लिए मिसाल बने किसान बुध सिंह और दिलबाग सिंह

Sun, 04 Sep 2022 11:07 PM IST
Punjab Bureau पंजाब ब्‍यूरो
Updated Sun, 04 Sep 2022 11:07 PM IST
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Farmers Budh Singh and Dilbagh Singh become an example for the rest by managing the stubble properly
किसान दिलबाग सिंह। - फोटो : PATIALA
पटियाला। जिले के गांव दियालगढ़ के किसान बुध सिंह ने 9 सालों से धान की पराली को बिना आग लगाए सफल खेती करके अन्य के लिए मिसाल पैदा की है। इसी तरह से गांव धरेड़ी जट्टां के किसान दिलबाग सिंह धान की सीधी बुवाई और पराली का सही प्रबंधन करके अपनी छह एकड़ जमीन में सफलतापूर्वक खेती करके अन्य किसानों के लिए मार्गदर्शन बने हैं। बुध सिंह ने बताया कि वह ठेके पर ली 150 एकड़ जमीन पर खेती करते हैं और धान की कटाई के बाद पराली की संभाल के लिए हैप्पी सीडर, सुपर सीडर, पैडी स्ट्रा चापर और एमबी प्लाओ का इस्तेमाल करते हैं।
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पराली को बिना आग लगाए पिछले 9 सालों के खेती तुजुर्बे बारे वह कहते हैं कि पहले कंबाइन के साथ धान की कटाई के बाद मल्चर, पलटावें हल और रोटा वेटर, सुपर सीडर की मदद के साथ खेत तैयार करके गेहूं की बुवाई की जाती है। उन्होंने कहा कि पराली खेत में ही हल करना जमीन के लिए देसी घी जैसा काम करता है। इससे धरती की उपजाऊ शक्ति बढ़ती है, वहीं खादों का इस्तेमाल भी कम करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि जहां पहले पांच थैले डीएपी के पड़ते थे, वहीं अब कम रहकर चार थैले इस्तेमाल होते हैं। खेती के साथ 100 दुधारू पशु भी रखे हैं और जो रूड़ी खाद बनती है, उसका इस्तेमाल खेतों में किया जाता है। गोबर गैस प्लांट के जरिये घर में ही गैस का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने बाकी के किसानों को भी अपील की कि वह भी पराली को खेतों में ही हल करने को तरजीह दें। इससे वातावरण दूषित होने से बचता है।
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इसी तरह से गांव धरेड़ी जट्टां के प्रगतिशील किसान दिलबाग सिंह ने बताया कि वह पिछले पांच सालों से गेहूं की बिजाई धान की पराली को बिना आग लगाए करते आ रहे हैं। जिससे खेतों में खादों का इस्तेमाल कम होने लगा है और झाड़ भी बढ़ा है। उन्होंने बताया कि वह छह एकड़ में धान की सीधी बुवाई कर रहे हैं और कटाई के बाद खेतों में खड़ी नाड़ में ही वह पानी की छींटा देकर गेहूं बीज देते हैं। इससे गेहूं की बिजाई का खर्चा भी कम होता है और तकरीबन आधा थैला प्रति एकड़ के हिसाब से यूरिया की बचत हो जाती है। बताया कि वह अन्य चार एकड में मल्चर के जरिये पराली की संभाल करते हैं और सुपर सीडर से गेहूं की बुवाई करते हैं।

किसान बुध सिंह।

किसान बुध सिंह।- फोटो : PATIALA

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