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खाली जमीन वापस लेने के लिए प्रदर्शन
अमर उजाला, राजपुरा
Updated Thu, 13 Feb 2014 10:12 PM IST
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सील कैमिकल को कई साल पहले दी जमीन में से खाली पड़ी जमीन को वापस लेने के लिए उजाड़ा रोकू संघर्ष कमेटी के बैनर तले प्रभावित किसानों ने महिलाओं के साथ टाऊन के शहीद प्रभाकर चौक में वीरवार को धरना दिया।
इस दौरान करीब एक घंटे तक यातायात जाम कर दिया गया। पुलिस ने अन्य रास्तों से वाहनों को निकाल कर यातायात को सुचारू करवाया। इस अवसर पर तहसीलदार राजपुरा रविन्द्र बंसल को मुख्यमंत्री के नाम मांगपत्र भी सौंपा गया।
इस मौके पर कीरती किसान सभा के प्रधान प्रेम सिंह भंगू, निरंजन सिंह सरदारगढ़, प्रेम सिंह ननवां, मेवा सिंह भद्दक ने कहा कि राजपुरा के आधा दर्जन गांवों के किसानों की 1119 एकड़ जमीन पंजाब सरकार ने 1994 में एक्वायर कर सील कैमिकल को दे दी थी।
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उस समय सील कैमिकल के मालिकों ने पूरी जमीन पर फैक्टरी लगवाने और प्रभावित किसानों के परिवारों को नौकरी देने का भरोसा दिया था। मगर फैक्टरी प्रबंधकों ने किसी को भी नौकरी नहीं दी और वहां पर अब भी जो 533 एकड़ जमीन खाली पड़ी है उसमें कोई उद्योग नहीं लगाया।
नियमों के अनुसार खाली पड़ी जमीन किसानों को अब वापस देनी बनती है जिसके लिए किसान लगातार संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब तक हमें जमीन वापस नही मिल जाती, संघर्ष जारी रहेगा।
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इस दौरान करीब एक घंटे तक यातायात जाम कर दिया गया। पुलिस ने अन्य रास्तों से वाहनों को निकाल कर यातायात को सुचारू करवाया। इस अवसर पर तहसीलदार राजपुरा रविन्द्र बंसल को मुख्यमंत्री के नाम मांगपत्र भी सौंपा गया।
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इस मौके पर कीरती किसान सभा के प्रधान प्रेम सिंह भंगू, निरंजन सिंह सरदारगढ़, प्रेम सिंह ननवां, मेवा सिंह भद्दक ने कहा कि राजपुरा के आधा दर्जन गांवों के किसानों की 1119 एकड़ जमीन पंजाब सरकार ने 1994 में एक्वायर कर सील कैमिकल को दे दी थी।
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उस समय सील कैमिकल के मालिकों ने पूरी जमीन पर फैक्टरी लगवाने और प्रभावित किसानों के परिवारों को नौकरी देने का भरोसा दिया था। मगर फैक्टरी प्रबंधकों ने किसी को भी नौकरी नहीं दी और वहां पर अब भी जो 533 एकड़ जमीन खाली पड़ी है उसमें कोई उद्योग नहीं लगाया।
नियमों के अनुसार खाली पड़ी जमीन किसानों को अब वापस देनी बनती है जिसके लिए किसान लगातार संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब तक हमें जमीन वापस नही मिल जाती, संघर्ष जारी रहेगा।