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पटियाला के किसान गुरप्रीत शेरगिल नई दिल्ली में सम्मानित
ब्यूरो/अमर उजाला, पटियाला
Updated Mon, 21 Mar 2016 10:14 PM IST
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किसान गुरप्रीत शेरगिल
- फोटो : अमर उजाला
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पंजाब में फूलों के बादशाह के तौर पर जाने वाले पटियाला के गांव मझाल खुर्द के सफल किसान गुरप्रीत सिंह शेरगिल को नई दिल्ली में कृषि उन्नति मेले के दौरान केंद्रीय खेतीबाड़ी मंत्री राधा मोहन सिंह ने आईएआरआई (इंडियन एग्रीकल्चर रिसर्च इंस्टीट्यूट) फेलो फार्मर अवार्ड से सम्मानित किया। शेरगिल को खेती विभिन्नता के क्षेत्र में की अहम प्राप्तियों के लिए यह सम्मान मिला।
इससे पहले शेरगिल को आईएआआई की ओर से साल 2015 में इनोवेटिव फार्मर अवार्ड, पीएम नरेंद्र मोदी की ओर से साल 2014 दौरान एनजी रंगा फार्मर अवार्ड, साल 2011 में पंजाब मुख्यमंत्री पुरस्कार समेत कई राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार मिल चुके हैं।
आईएआरआई की ओर से उनको मेंबर आफ नेशनल एडवाइजरी पैनल के लिए भी नामजद किया गया है। पटियाला के नजदीक गांव मझाल खुर्द के रहने वाले गुरप्रीत सिंह शेरगिल खेतीबाड़ी के ऐसे रास्ते को चुनने की हिम्मत दिखाई है, जो कठिनाइयों से भरा होने के साथ-साथ आमदनी का जरिया भी है। शेरगिल ने साल 1996 में गेंदा के फूलों की खेती शुरू की। इसके बाद गुलाब, अंग्रेजी गुलाब, स्टैटाइस, गुलजफरी की 22 किला जमीन में खेतीबाड़ी करके एक लंबे रास्ते का सफर तय किया।
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इससे पहले शेरगिल को आईएआआई की ओर से साल 2015 में इनोवेटिव फार्मर अवार्ड, पीएम नरेंद्र मोदी की ओर से साल 2014 दौरान एनजी रंगा फार्मर अवार्ड, साल 2011 में पंजाब मुख्यमंत्री पुरस्कार समेत कई राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार मिल चुके हैं।
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आईएआरआई की ओर से उनको मेंबर आफ नेशनल एडवाइजरी पैनल के लिए भी नामजद किया गया है। पटियाला के नजदीक गांव मझाल खुर्द के रहने वाले गुरप्रीत सिंह शेरगिल खेतीबाड़ी के ऐसे रास्ते को चुनने की हिम्मत दिखाई है, जो कठिनाइयों से भरा होने के साथ-साथ आमदनी का जरिया भी है। शेरगिल ने साल 1996 में गेंदा के फूलों की खेती शुरू की। इसके बाद गुलाब, अंग्रेजी गुलाब, स्टैटाइस, गुलजफरी की 22 किला जमीन में खेतीबाड़ी करके एक लंबे रास्ते का सफर तय किया।
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