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मोबाइल एप्लीकेशन बताएगा पोलिंग बूथ पर कितनी भीड़
ब्यूरो,अमर उजाला/पटियाला
Updated Thu, 22 Sep 2016 04:17 PM IST
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पटियाला की पीयू में कार्यक्रम में वोटरों पर हुए सर्वे की रिपोर्ट रिलीज करते मुख्य चुनाव अधिकारी वीके सिंह, वीसी डा. जसपाल सिंह व अन्य।
- फोटो : अमर उजाला
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पंजाब में 2017 में होने जा रहे विधानसभा चुनाव से पहले लोगों के ऑनलाइन वोट बनाने का लक्ष्य 100 फीसदी पूरा कर लिया जाएगा।
यह एलान पंजाब के मुख्य चुनाव अधिकारी वीके सिंह ने पंजाबी यूनिवर्सिटी में किया। मुख्य चुनाव अधिकारी ने कहा कि कच्चे पते वाले किरायेदार और बिना किसी पते के रह रहे भिखारियों की भी वोट बनाई जा रही है। शहरी इलाकों में भीड़ के कारण लोग वोट डालने नहीं जाते हैं। ऐसे लोगों के लिए एक मोबाइल एप्लीकेशन डिजाइन किया गया है। जो बताएगा कि पोलिंग बूथ पर कितनी भीड़ है।
स्टूडेंट्स को वोट बनाने के लिए प्रेरित करने के लिए विशेष तौर से पहुंचे मुख्य चुनाव अधिकारी ने कहा कि फिलहाल लोगों की सुविधा को देखते हुए बीएलओ के जरिये वोट बनाई जा रही हैं और ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन भी कराई जा सकती है। इसके बाद बीएलओ घर आकर वोट बना देता है।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि आयोग सेमी ऑनलाइन सिस्टम लागू करने जा रहा है। इसके तहत पंजाब में 2017 के विधानसभा चुनाव में बाहर के देशों में बसते एनआरआई वोटर, सियाचिन, अरुणाचल प्रदेश जैसे दूर की जगहों पर रह रहे फौजियों व अपने हलके से बाहर ड्यूटी कर रहे सर्विस वोटरों को ऑनलाइन बैलेट पेपर पहुंचाए जा रहे हैं।
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पीयू ने वोटरों पर किए सर्वे की रिपोर्ट सौंपी
इस मौके पर पीयू के इंस्टीट्यूट आफ इंपेक्ट असेसमेंट की ओर से वोटरों के ज्ञान, आदतों व रवैये बारे कराए गए सर्वे की रिपोर्ट वीसी डा. जसपाल सिंह ने चुनाव आयोग को सौंपी। पंजाब के माझा, दोआबा, मालवा को दो हिस्सों में बांट कर 20 विधानसभा हलकों में यह सर्वे हुआ है। एक रिजर्व, एक-एक शहरी व देहाती और एक-एक सबसे कम व सबसे अधिक वोट डालने वाले हलके लिए गए। हर हलके में 200 वोटरों के साथ बातचीत की गई है।
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यह एलान पंजाब के मुख्य चुनाव अधिकारी वीके सिंह ने पंजाबी यूनिवर्सिटी में किया। मुख्य चुनाव अधिकारी ने कहा कि कच्चे पते वाले किरायेदार और बिना किसी पते के रह रहे भिखारियों की भी वोट बनाई जा रही है। शहरी इलाकों में भीड़ के कारण लोग वोट डालने नहीं जाते हैं। ऐसे लोगों के लिए एक मोबाइल एप्लीकेशन डिजाइन किया गया है। जो बताएगा कि पोलिंग बूथ पर कितनी भीड़ है।
स्टूडेंट्स को वोट बनाने के लिए प्रेरित करने के लिए विशेष तौर से पहुंचे मुख्य चुनाव अधिकारी ने कहा कि फिलहाल लोगों की सुविधा को देखते हुए बीएलओ के जरिये वोट बनाई जा रही हैं और ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन भी कराई जा सकती है। इसके बाद बीएलओ घर आकर वोट बना देता है।
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एक सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि आयोग सेमी ऑनलाइन सिस्टम लागू करने जा रहा है। इसके तहत पंजाब में 2017 के विधानसभा चुनाव में बाहर के देशों में बसते एनआरआई वोटर, सियाचिन, अरुणाचल प्रदेश जैसे दूर की जगहों पर रह रहे फौजियों व अपने हलके से बाहर ड्यूटी कर रहे सर्विस वोटरों को ऑनलाइन बैलेट पेपर पहुंचाए जा रहे हैं।
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पीयू ने वोटरों पर किए सर्वे की रिपोर्ट सौंपी
इस मौके पर पीयू के इंस्टीट्यूट आफ इंपेक्ट असेसमेंट की ओर से वोटरों के ज्ञान, आदतों व रवैये बारे कराए गए सर्वे की रिपोर्ट वीसी डा. जसपाल सिंह ने चुनाव आयोग को सौंपी। पंजाब के माझा, दोआबा, मालवा को दो हिस्सों में बांट कर 20 विधानसभा हलकों में यह सर्वे हुआ है। एक रिजर्व, एक-एक शहरी व देहाती और एक-एक सबसे कम व सबसे अधिक वोट डालने वाले हलके लिए गए। हर हलके में 200 वोटरों के साथ बातचीत की गई है।