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आठ घंटे बिजली नहीं दे रही सरकार, किसान भड़के
ब्यूरो/अमर उजाला, पटियाला
Updated Fri, 11 Jul 2014 10:44 PM IST
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पंजाब सरकार की ओर से पैडी के लिए कम बिजली मिलने से गुस्साए किसानों ने शुक्रवार को भारतीय किसान यूनियन एकता (डकौंदा) के बैनर तले माल रोड पर पावरकॉम हेडआफिस के सामने रोष प्रदर्शन किया। इस मौके पर सरकार पर उस समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया, जिसमें किसानों को पैडी सीजन के लिए दिन में आठ घंटे निर्विघ्न बिजली देने का वादा किया गया था।
किसान सुबह दस बजे से पावरकॉम हेडऑफिस के सामने माल रोड पर इकट्ठा होना शुरू हो गए थे। करीब 12 बजे किसानों ने धरना शुरू किया जो बाद दोपहर तीन बजे तक चला। इस दौरान माल रोड पूरी तरह से जाम रहा, जिससे लोगों को आने-जाने में खासी दिक्कतें हुईं। धरने को संबोधित करते हुए यूनियन के प्रदेश महासचिव जगमोहन सिंह, वित्त सचिव राम सिंह, जिलों के प्रधान डॉ. दर्शनपाल, गुरमीत सिंह और हरनेक सिंह ने कहा कि पंजाब के ज्यादातर हिस्सों में किसानों को केवल चार से पांच घंटे बिजली मिल रही है।
घरेलू उपभोक्ताओं को लंबे कटों का सामना करना पड़ रहा है जबकि पैडी सीजन शुरू होने से पहले सरकार ने किसानों के साथ चंडीगढ़ में लिखित समझौता करके वादा किया था कि खेती मोटरों के लिए दिन में आठ घंटे सुचारू बिजली सप्लाई दी जाएगी। इस मौके पर किसानों ने पावरकॉम के फील्ड में काम करने वाले अधिकारियों पर रिश्वतखोरी के आरोप भी लगाए। स्टोर में भी भ्रष्टाचार करने के आरोप लगाए। मांगें जल्द पूरी न होने पर अगले दो-तीन दिनों में बैठक करके संघर्ष के कार्यक्रम का ऐलान करने का अल्टीमेटम दिया। जिसके गंभीर परिणामों की जिम्मेदार सरकार खुद होगी।
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किसान सुबह दस बजे से पावरकॉम हेडऑफिस के सामने माल रोड पर इकट्ठा होना शुरू हो गए थे। करीब 12 बजे किसानों ने धरना शुरू किया जो बाद दोपहर तीन बजे तक चला। इस दौरान माल रोड पूरी तरह से जाम रहा, जिससे लोगों को आने-जाने में खासी दिक्कतें हुईं। धरने को संबोधित करते हुए यूनियन के प्रदेश महासचिव जगमोहन सिंह, वित्त सचिव राम सिंह, जिलों के प्रधान डॉ. दर्शनपाल, गुरमीत सिंह और हरनेक सिंह ने कहा कि पंजाब के ज्यादातर हिस्सों में किसानों को केवल चार से पांच घंटे बिजली मिल रही है।
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घरेलू उपभोक्ताओं को लंबे कटों का सामना करना पड़ रहा है जबकि पैडी सीजन शुरू होने से पहले सरकार ने किसानों के साथ चंडीगढ़ में लिखित समझौता करके वादा किया था कि खेती मोटरों के लिए दिन में आठ घंटे सुचारू बिजली सप्लाई दी जाएगी। इस मौके पर किसानों ने पावरकॉम के फील्ड में काम करने वाले अधिकारियों पर रिश्वतखोरी के आरोप भी लगाए। स्टोर में भी भ्रष्टाचार करने के आरोप लगाए। मांगें जल्द पूरी न होने पर अगले दो-तीन दिनों में बैठक करके संघर्ष के कार्यक्रम का ऐलान करने का अल्टीमेटम दिया। जिसके गंभीर परिणामों की जिम्मेदार सरकार खुद होगी।
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