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पंजाब: सरकार के चुनावी वादे पावरकॉम पर पड़ रहे भारी, 11574 करोड़ के नुकसान में कॉरपोरेशन 

Thu, 11 Nov 2021 10:30 AM IST
निवेदिता वर्मा रिंपी गुप्ता, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)
रिंपी गुप्ता, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब) Published by: निवेदिता वर्मा Updated Thu, 11 Nov 2021 10:30 AM IST
सार

चन्नी सरकार ने आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पहले दो किलोवाट लोड तक के उपभोक्ताओं के सभी पेंडिंग बिजली बिल माफ किए। इसके बाद घरेलू उपभोक्ताओं के लिए तीन रुपये प्रति यूनिट बिजली दरों में कटौती कर दी गई। इस चुनावी वादों से कॉरपोरेशन पर 3300 करोड़ का आर्थिक बोझ बढ़ा है।

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Due to Subsidies given By Punjab Government Powercom loss Reached Rs. 11574 crore 
पावरकॉम - फोटो : प्रतीकात्मक

विस्तार

पंजाब की मौजूदा चन्नी सरकार हो या फिर पूर्व बादल सरकार, इनके चुनावी वादे पावरकॉम पर भारी पड़ रहे हैं। समाज के विभिन्न वर्गों को दी सब्सिडियों के कारण पावरकॉम इस समय 11574 करोड़ रुपये के नुकसान में पहुंच गया है। सरकार की तरफ पहले ही सब्सिडी के करोड़ों रुपये का भुगतान बकाया है। ऊपर से अब बिजली दरों में कटौती और पेंडिंग बिलों की माफी से पावरकॉम पर आर्थिक बोझ और बढ़ गया है। इसके अलावा कॉरपोरेशन पर पहले ही करीब 1200 करोड़ रुपये की देनदारियां हैं। आर्थिक दिक्कतों के कारण पावरकॉम के स्टोरों में जहां रिपेयर के लिए जरूरी सामान की भारी कमी हो गई है, वहीं रिटायरियों की भी करोड़ों की पेमेंट का भुगतान नहीं हो पा रहा है। 

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ताजा आंकड़ों के मुताबिक अक्तूबर 2021 के अंत तक पंजाब सरकार की तरफ पावरकॉम को सब्सिडी के 10284 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाना था। सरकार ने अब तक केवल 5647 करोड़ की अदायगी की है, जबकि 4637 करोड़ का भुगतान अभी बकाया है। पावरकॉम बकाया सब्सिडी का भुगतान करने को सरकार को अभी पत्र लिखकर मांग कर ही रहा था कि इसी बीच चन्नी सरकार ने पहले दो किलोवाट लोड तक के उपभोक्ताओं के सभी पेंडिंग बिजली बिल माफ कर दिए। इससे पावरकॉम पर 1500 करोड़ का आर्थिक बोझ बढ़ गया।
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इसके बाद हाल ही में घरेलू उपभोक्ताओं के लिए तीन रुपये प्रति यूनिट बिजली दरों में कटौती कर दी। इससे कॉरपोरेशन पर 3300 करोड़ का आर्थिक बोझ बढ़ गया। सरकारी विभाग भी डिफाल्टर साबित हो रहे हैं। करीब 2000 करोड़ के बिजली बिलों का विभिन्न सरकारी विभागों ने भुगतान नहीं किया है। हालांकि इस संबंधी सरकार को पत्र लिखकर पावरकॉम ठोस कदम उठाने के लिए कई बार मांग कर चुका है। 

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पिछले चुनाव में दी 137 करोड़ की सब्सिडी का भुगतान नहीं 

2016 के विधानसभा चुनाव से पहले पूर्व सरकार ने एससी और बीपीएल उपभोक्ताओं की 137 करोड़ की पेमेंट माफ की थी, उसका भी भुगतान अब तक पावरकॉम को नहीं हुआ है। इन सभी सब्सिडियों का भुगतान न होने कारण पावरकॉम के सभी विकास कार्य और प्रदेश में नए पावर प्लांट लगाने का काम प्रभावित हो रहा है। यहां तक कि बिजली लाइनों व सिस्टम की मरम्मत के लिए जरूरी साजो-सामान जैसे केबल, ट्रांसफार्मर और खंभों तक की खरीद पावरकॉम पर्याप्त गिनती में नहीं कर पा रहा है। स्टोरों में सामान की किल्लत है, जिसका सीधा असर शिकायतों का निपटारा न होने से बिजली सप्लाई पर पड़ता है।  

इस तरह से 9547 करोड़ की पेंडिंग सब्सिडी और 2000 करोड़ के सरकारी विभागों के बकाया बिजली बिलों के कारण पावरकॉम इस समय 11547 करोड़ के नुकसान में आ गया है। इसके चलते पावरकॉम पिछले कुछ महीनों से अपने तकरीबन 500 रिटायरियों की बनती पेमेंट का भी भुगतान नहीं कर पा रहा है। यह राशि करीब 125 करोड़ रुपये बनती है। 

रेगुलेटरी कमीशन की अनुमति बिना दी सब्सिडी एक्ट का उल्लंघन : एसोसिएशन
पीएसईबी इंजीनियर्स एसोसिएशन के महासचिव इंजीनियर अजय पाल सिंह अटवाल ने कहा कि आर्थिक दिक्कतों का सीधा असर उपभोक्ताओं को क्वालिटी बिजली सप्लाई देने पर पड़ेगा। पावरकॉम के सीएमडी को पत्र लिखकर मांग की है कि पंजाब स्टेट इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन की अनुमति के बिना पंजाब सरकार ने इस तरह से उपभोक्ताओं को राहत देकर बिजली एक्ट-2003 का उल्लंघन किया है। अब पावरकॉम मैनेजमेंट या तो इस उल्लंघन का रोके या फिर सरकार से सब्सिडी राशि हासिल करे।

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